Category: झारखंड

A month-long special tobacco prohibition campaign will begin in Jharkhand from May 26.

*अभियान निदेशक ने जिलों को जारी की विस्तृत कार्य योजना* ————- स्वास्थ्य विभाग द्वारा आगामी ‘विश्व तम्बाकू निषेध दिवस’ 31…

झारखंड में 26 मई से शुरू होगा एक महीने का विशेष तम्बाकू निषेध अभियान

A month-long special tobacco prohibition campaign will begin in Jharkhand from May 26. *अभियान निदेशक ने जिलों को जारी की…

सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए डीएसपी स्तर के कई अधिकारियों का तबादला कर दिया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में बड़ी संख्या में अधिकारियों को एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस आदेश के बाद कई जिलों की पुलिस व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा। तबादले के बाद कई अधिकारी नए जिलों में पदभार संभालेंगे, जबकि कुछ को विशेष इकाइयों और शाखाओं में जिम्मेदारी दी गई है। इससे संबंधित जिलों में पुलिस कार्यप्रणाली और नेतृत्व स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकता है। विभागीय स्तर पर अधिकारियों को जल्द नई जगह योगदान देने का निर्देश दिया गया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार तबादला आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित समय के भीतर नए पदस्थापन स्थल पर योगदान दें। पुलिस महकमे में इस बड़े फेरबदल को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है।

CII National Mining & Construction Equipment Division holds Government–Industry Roundtable with Government of Jharkhand in Ranchi

The National Mining & Construction Equipment Division (MCED) of CII organised a Government–Industry Roundtable with senior officials of the Government…

*विकेन्द्रित उत्पादन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलती है मजबूती: श्रीमती कल्पना सोरेन*

*यह मॉड्यूल हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योग—में भी लागू किया जाना चाहिए* गांडेय की विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने…

नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन। राज्य…

राजकीय स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐतिहासिक क्रांति : झारखंड को मिली मेडिकल शिक्षा में नई उड़ान

झारखंड के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान…

15 जून तक मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में लगेंगी फुली ऑटोमेटिक पैथोलॉजी मशीनें

आज दिनांक 13 मई 2026 को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह…

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राज्य स्तरीय ख़रीफ़ कर्मशाला के आयोजन *========================**कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की मुख्य अतिथि के तौर पर रहीं उपस्थित**कर्मशाला में कृषि प्रभाग के निदेशकों की अनुपस्थिति पर जतायी कड़ी नाराज़गी**किसानों के हित के लिए जो पदाधिकारी करेंगे काम,उनका सम्मान और जो करेंगे लापरवाही उन पर होगी कड़ी कार्रवाई**_____________श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की,मंत्री कृषि,पशुपालन एवं सहकारिता विभाग**========================**सूखे की स्थिति से निपटने के लिए जिलों द्वारा बनाई गई कंटिंजेंट प्लान का दिया गया प्रेजेंटेशन**सूखे की जानकारी किसानों को समय पर मिले, कृषि विभाग तैयार कर रहा है प्लान**खरीफ कर्मशाला 2026 से संबंधित जानकारी आधारित पुस्तक का विमोचन**कृषि निदेशालय, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा कर्मशाला का किया गया आयोजन**======================*रांची:- कृषि मंत्री श्रीमती  शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के उत्थान के प्रति गंभीर है और इस दिशा में लापरवाही कतई बर्दास्त नहीं की जाएगी । किसानों के हित के लिए जो काम करेंगे  उनका सम्मान दिया जाएगा और जो लापरवाही करेंगे उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी । श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की मंगलवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित खरीफ कर्मशाला 2026 के दूसरे दिन कर्मशाला में कृषि प्रभाग के निदेशकों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराज़गी जाहिर कर रही थीं। *सूखे की स्थिति में किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता*कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून में कम बारिश के आसार है जिस कारण सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में राज्य सरकार पहले से ही तैयारी कर किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। सूखे से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्व में कर ली जाए इसी हेतु किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह कर्मशाला का आयोजन किया गया है। सूखे की आशंका को देखते हुए सभी जिला के कृषि पदाधिकारियों को अपने अपने जिले में किस स्तर की तैयारियाँ करेंगे इस हेतु एक कांटिजेंट प्लान बनाने का निदेश दिया गया था। जिसे विस्तार में इस कर्मशाला में प्रस्तुत किया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के लिए समय महत्वपूर्ण होता है । उसे यदि सही समय पर बीज ना मिले, सिंचाई की सुविधा न मिले तो हमारी सारी मेहनत बेकार है। यह एक-एक की जिम्मेवारी है इस जिम्मेवार को धर्म के रूप में निभाना होगा।*कृषि मंत्री ने सूखे की संभावित आशंका को देखते हुए दिया एक्शन प्लान*कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग एक सेना के रूप में किसानों में लिए काम करेंगे । जिला में नोडल पदाधिकारी जिला कृषि पदाधिकारी रहेंगे और कृषि प्रभाग से जुड़े सभी पदाधिकारी मिलकर एक्शन मोड पर काम करेंगे । उन्होंने निदेश दिया कि 15 मई को जिला स्तरीय बैठक बुलायें जिसमे प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे । इस कर्मशाला में बताए गए प्लान की सूचना उनसे साझा करेंगे । इसकी  रिपोर्ट राज्य के नोडल पदाधिकारी को भेजेंगे। साथ ही 20 मई को हर जिला में ख़रीफ़ मेला का आयोजन होगा । जिसमें 500 प्रगतिशील किसान भाग लेंगे इसमें हर प्रखंड से भागीदारी हो इसे सुनिश्चित करेंगे। मेला में सॉइल टेस्टिंग काउंटर भी उपलब्ध करायेंगे। कर्मशाला में जो बातें आपने सीखी है उसे सरल तरीक़े से किसानो को समझाना  होगा। कृषि विभाग से क्या मदद मिल सकती है उसकी जानकारी भी दे । 22 मई को प्रखंड स्तर भी खरीफ मेला का आयोजन करें और पंचायत स्तर भागीदारी सुनिश्चित करें  साथ ही हर पंचायत से 50-50 प्रगतिशील किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करें । बीज का वितरण एसएचजी और एफ़पीओ के  जरिये हो इसे भी सुनिश्चित करेंगे । *कृषि के अलावा अन्य प्रभाग पर भी जोर*कृषि मंत्री ने पदाधिकारियों को निदेश दिया कि पशुओं के दवाई का वितरण समय पर इससे संबंधित निविदा समय पर हो इसे सुनिश्चित करें । मई अंत तक तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य ख़त्म को जाना चाहिए। जिला मत्स्य पदाधिकारी मत्स्य बीज का आंकलन कर निदेशालय को भेज दें और मई अंत तक वितरण हो इसे सुनिश्चित करें ।इसके अलावे उन्होंने भूमी  संरक्षण,सोलर पम्प वितरण , ड्रिप इरीगेशन ,मधुमक्खी पालन आदि पर सख्ती से अनुपालन करने का निदेश दिया । बिरसा विश्वविद्यालय के कुलपति श्री एससी दुबे ने कर्मशाला में कहा कि जल संरक्षण की दिशा में काम करना होगा ।  डाइवर्सिफिकेशन को बढ़ाना है। किसान आय के अन्य उपायों को भी अपनाने पर जोर दें इसके लिए उन्हें प्रेरित करना होगा । जिला कृषि पदाधिकारी को अपने जिले की कृषि से संबंधित सभी जानकारी रखनी होगी । विशेष सचिव श्री गोपाल जी तिवारी ने कहा कि कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की के निदेश पर इस दो दिवसीय कर्मशाला का आयोजन किया गया। इसमें संभावित सूखे की स्थिति में किसानों को कैसे राहत पहुंचाई जाए इस रणनीति पर काम कर रहे हैं। इस कर्मशाला का उद्देश्य था कि जिला स्तर पर एक इंटीग्रेटेड प्लान निकल कर सामने आए । ताकि  राज्य स्तर पर इसे इंप्लीमेंट करे सके ।दो दिवसीय खरीफ कर्मशाला के दूसरे  दिन मंगलवार को डॉ अख़लाक़ अहमद ,कृषि वैज्ञानिक ने धान के किस्मों के चयन के बारे में जानकारी दी । मानसून समय पर आता है तो धान की बुआई शुरू कर देनी है। उन्होंने मौसम और भूमि के आधार पर धान के किस्मों के चयन के बारे में  जानकारी दी।डॉ अशोक कुमार सिंह ने धान की उन्नत खेती कैसे करें इस संबंध में कार्यशाला में मौजूद पदाधिकारियों को जानकारी दी ताकि किसानों को इस संबंध में जागरूक किया जा सके ताकि धान की पैदावार अधिक से अधिक हो । उन्होंने वैज्ञानिक तरीकों से धान की खेती पर जोर दिया । धान की बुआई कैसे करें , किस प्रकार की धान के किस्मों का चयन करें, ज़्यादा उपज के धान की किस्मों का चयन, भूमि आधारित धान के किस्मों का चयन आदि की जानकारी दी। खरपतवार नाशक के किस्म और उनके उपयोग की जानकारी दी । डॉ अरुण कुमार , कृषि वैज्ञानिक बीएयू ने मिलेट्स खेती की जानकारी दी । सॉइल कंजर्वेशन के उपायों की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर सूखे की आपात स्थिति से निपटने के लिए किस प्रकार की तैयारी रखें इस आधारित एक डाक्यूमेंट्री फ़िल्म बनायी गई है जिससे किसानों को अवगत कराया जा सके । इसे दिखाया गया । कार्यक्रम में निदेशक समिति श्री विकास कुमार , निदेशक सांख्यिकी एवं मूल्यांकन श्री श्री शैलेन्द्र कुमार , कृषि विभाग से जुड़े पदाधिकारी, सभी जिले  से आयें कृषि पदाधिकारी , संबंधित विभिन्न विभागों से जुड़े पदाधिकारीगण सहित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के पदाधिकारीगण, कृषि वैज्ञानिक आदि उपस्थित थे । ========================