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*जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित बच्चों को मिलेगा नया जीवन* मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा की===========================*मुख्यमंत्री ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में क्रियान्वित की जा रही योजनाओं की प्रगति एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए।*===========================*मुख्यमंत्री ने कहा – पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नही*===========================*★ जल जीवन मिशन योजना को दें गति**★ राज्य के हरेक घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचना प्राथमिकता**★ प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने को लेकर लोगों को करें जागरूक*          *श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखण्ड।* ===========================मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए राज्य के प्रत्येक घर में पाइपलाइन एवं नल के जरिए शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लक्ष्य को समयबद्धता के साथ पूरा करें। मुख्यमंत्री ने जलापूर्ति व्यवस्थाओं के आवश्यक रख-रखाव और मरम्मत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल संकट की संभावना वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी रखी जाए, जहां भी पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है उन क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां त्वरित कार्रवाई कर आम जनों को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य की जल सहियाओं को समूहवार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में समय-समय पर प्लंबर का वोकेशनल प्रशिक्षण दिलाना सुनिश्चित कराएं। जल सहियाओं को खराब चापकलों को बनाने, सौर ऊर्जा वाटर सप्लाई की देखरेख एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी दें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल सहिया के लिए प्रमोशनल कार्यक्रम आयोजित कर अच्छे कार्य करने वाली जल सहियाओं को पुरस्कृत करने का कार्य करें। *रियल टाइम डेटा अपडेट कराएं*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से निर्माणाधीन योजनाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि बड़ी योजनाओं के लिए कांट्रैक्टरों का वाट्सएप ग्रुप बनाकर प्रतिदिन की कार्य प्रगति को अपडेट कराएं और निरंतर इसकी मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की योजनाएं बहुत ही महत्वपूर्ण है। इन्हें धरातल पर उतारने के लिए प्रभावी कार्य किए जाएं साथ ही हर घर तक पानी पहुंचाने की दिशा में ठोस पहल करें। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि जल जीवन मिशन योजना का एक बेहतर फ्रेमवर्क बनाएं। उन्होंने कहा कि वित्तीय संतुलन के लिए बैकअप प्लान डेवलप कर कार्यों को गति दें। योजनाओं के पूर्ण होने पर शीघ्र यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करें। वाटर रिचार्ज के लिए सोक-पीट सहित अन्य प्रभावी पहलुओं का आधुनिकीकरण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों में शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि जल जीवन मिशन योजना के तहत राज्य के शत प्रतिशत ग्रामीण घरों तक दिसम्बर माह 2028 तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराये जाने के लक्ष्य के साथ विभाग कार्यों को गति प्रदान कर रही है। *जल संचयन, जल संरक्षण तथा भू-जल स्तर को बनाए रखने हेतु प्रभावी अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक योजनाएं बनाएं*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी शहरी क्षेत्रों की तरह बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, इस निमित्त पेयजल आपूर्ति से संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं को गति प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य में जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संवर्द्धन पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण तथा भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए प्रभावी एवं दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जाएं। साथ ही लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान के लिए जवाबदेह व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक परिवार सुरक्षित पेयजल एवं बेहतर स्वच्छता सुविधाओं का लाभ प्राप्त करे। इस हेतु पूरी प्रतिबद्धता और बेहतर कार्ययोजना साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।*अनुपयोगी चापकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पीट के रूप में की जाए*मुख्यमंत्री ने भू-जल स्तर गिरने के कारण अनुपयोगी हो चुके चापाकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पीट के रूप में करने का निर्देश दिया, ताकि वर्षा जल का संचयन कर भू-जल स्तर को बढ़ाया जा सके। उन्होंने शॉक पीट बनवाने के लिए भी लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया। इस शॉकपीट में बेकार जल (वेस्ट पानी) संचयन का निर्देश दिया, ताकि भू-जल स्तर को बढ़ाने में मदद मिल सके। *स्वच्छ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराएं*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में जल गुणवत्ता की समस्या पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। ऐसे में शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए पाइपलाइन से जल देने के साथ-साथ अन्य ठोस पहल करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक से उत्पन्न होने वाले संकट को लेकर लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही प्लॉस्टिक मुक्त गांव बनाने वालों के प्रयास को सरकार/विभाग के स्तर पर पुरस्कृत करने की बातें कही।  *इन योजनाओं एवं कार्यक्रमों की हुई विस्तृत समीक्षा..*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जल जीवन मिशन, जल गुणवत्ता निगरानी एवं अनुश्रवण, जल सहिया को जल जांच हेतू उपलब्ध कराये गये किट, हर घर जल की प्रगति, वित्तीय कार्य योजना एवं प्रगति, बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना, एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना, नलकूप ,कल्याण विभाग मद की योजनाएं तथा  स्वच्छ भारत मिशन की योजनाएं, व्यक्तिगत शौचालय,  ओडीएफ प्लस गांव, ठोस कचरा प्रबंधन, तरल कचरा प्रबंधन, गोबरधन योजना आदि की समीक्षा की तथा इन योजनाओं एवं कार्यक्रमों प्रभावी संचालन को लेकर कई अहम दिशा-निर्देश दिए*बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अबू इमरान, अतिरिक्त सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग श्री शशि रंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*==========================  *झारखण्ड में ओला उबर की तर्ज पर चलेंगे ममता वाहन, ऐप से होगी बुकिंग* *कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं श्री अजय शर्मा ने शिष्टाचार भेंट की। *विश्व पर्यावरण दिवस पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश*

*जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित बच्चों को मिलेगा नया जीवन*

*राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड  की ओर से देवघर, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम में लगेगा निःशुल्क हृदय रोग स्क्रीनिंग कैंप* *हृदय रोग से ग्रसित बच्चों का अमृता अस्पताल कोच्चि में होगी…

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा की===========================*मुख्यमंत्री ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में क्रियान्वित की जा रही योजनाओं की प्रगति एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए।*===========================*मुख्यमंत्री ने कहा – पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नही*===========================*★ जल जीवन मिशन योजना को दें गति**★ राज्य के हरेक घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचना प्राथमिकता**★ प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने को लेकर लोगों को करें जागरूक*          *श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखण्ड।* ===========================मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए राज्य के प्रत्येक घर में पाइपलाइन एवं नल के जरिए शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लक्ष्य को समयबद्धता के साथ पूरा करें। मुख्यमंत्री ने जलापूर्ति व्यवस्थाओं के आवश्यक रख-रखाव और मरम्मत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल संकट की संभावना वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी रखी जाए, जहां भी पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है उन क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां त्वरित कार्रवाई कर आम जनों को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य की जल सहियाओं को समूहवार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में समय-समय पर प्लंबर का वोकेशनल प्रशिक्षण दिलाना सुनिश्चित कराएं। जल सहियाओं को खराब चापकलों को बनाने, सौर ऊर्जा वाटर सप्लाई की देखरेख एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी दें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल सहिया के लिए प्रमोशनल कार्यक्रम आयोजित कर अच्छे कार्य करने वाली जल सहियाओं को पुरस्कृत करने का कार्य करें। *रियल टाइम डेटा अपडेट कराएं*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से निर्माणाधीन योजनाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि बड़ी योजनाओं के लिए कांट्रैक्टरों का वाट्सएप ग्रुप बनाकर प्रतिदिन की कार्य प्रगति को अपडेट कराएं और निरंतर इसकी मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की योजनाएं बहुत ही महत्वपूर्ण है। इन्हें धरातल पर उतारने के लिए प्रभावी कार्य किए जाएं साथ ही हर घर तक पानी पहुंचाने की दिशा में ठोस पहल करें। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि जल जीवन मिशन योजना का एक बेहतर फ्रेमवर्क बनाएं। उन्होंने कहा कि वित्तीय संतुलन के लिए बैकअप प्लान डेवलप कर कार्यों को गति दें। योजनाओं के पूर्ण होने पर शीघ्र यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करें। वाटर रिचार्ज के लिए सोक-पीट सहित अन्य प्रभावी पहलुओं का आधुनिकीकरण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों में शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि जल जीवन मिशन योजना के तहत राज्य के शत प्रतिशत ग्रामीण घरों तक दिसम्बर माह 2028 तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराये जाने के लक्ष्य के साथ विभाग कार्यों को गति प्रदान कर रही है। *जल संचयन, जल संरक्षण तथा भू-जल स्तर को बनाए रखने हेतु प्रभावी अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक योजनाएं बनाएं*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी शहरी क्षेत्रों की तरह बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, इस निमित्त पेयजल आपूर्ति से संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं को गति प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य में जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संवर्द्धन पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण तथा भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए प्रभावी एवं दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जाएं। साथ ही लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान के लिए जवाबदेह व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक परिवार सुरक्षित पेयजल एवं बेहतर स्वच्छता सुविधाओं का लाभ प्राप्त करे। इस हेतु पूरी प्रतिबद्धता और बेहतर कार्ययोजना साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।*अनुपयोगी चापकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पीट के रूप में की जाए*मुख्यमंत्री ने भू-जल स्तर गिरने के कारण अनुपयोगी हो चुके चापाकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पीट के रूप में करने का निर्देश दिया, ताकि वर्षा जल का संचयन कर भू-जल स्तर को बढ़ाया जा सके। उन्होंने शॉक पीट बनवाने के लिए भी लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया। इस शॉकपीट में बेकार जल (वेस्ट पानी) संचयन का निर्देश दिया, ताकि भू-जल स्तर को बढ़ाने में मदद मिल सके। *स्वच्छ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराएं*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में जल गुणवत्ता की समस्या पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। ऐसे में शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए पाइपलाइन से जल देने के साथ-साथ अन्य ठोस पहल करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक से उत्पन्न होने वाले संकट को लेकर लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही प्लॉस्टिक मुक्त गांव बनाने वालों के प्रयास को सरकार/विभाग के स्तर पर पुरस्कृत करने की बातें कही।  *इन योजनाओं एवं कार्यक्रमों की हुई विस्तृत समीक्षा..*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जल जीवन मिशन, जल गुणवत्ता निगरानी एवं अनुश्रवण, जल सहिया को जल जांच हेतू उपलब्ध कराये गये किट, हर घर जल की प्रगति, वित्तीय कार्य योजना एवं प्रगति, बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना, एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना, नलकूप ,कल्याण विभाग मद की योजनाएं तथा  स्वच्छ भारत मिशन की योजनाएं, व्यक्तिगत शौचालय,  ओडीएफ प्लस गांव, ठोस कचरा प्रबंधन, तरल कचरा प्रबंधन, गोबरधन योजना आदि की समीक्षा की तथा इन योजनाओं एवं कार्यक्रमों प्रभावी संचालन को लेकर कई अहम दिशा-निर्देश दिए*बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अबू इमरान, अतिरिक्त सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग श्री शशि रंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*==========================

 *झारखण्ड में ओला उबर की तर्ज पर चलेंगे ममता वाहन, ऐप से होगी बुकिंग*

 *हर पंचायत में ममता वाहन उपलब्ध कराने का निर्देश* *ममता वाहन ऐप के संचालन को लेकर ऑनलाइन ओरिएंटेशन का आयोजन* ———-  राज्य में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के…

*विश्व पर्यावरण दिवस पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश*

*—————————-* विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आयुष निदेशालय परिसर में श्री शशि प्रकाश…

*झारखण्ड में 28 जून को 61 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पल्स पोलियो की दवा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अभियान निदेशक ने जारी जारी किए आवश्यक निर्देश———— स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड ने राज्य में आगामी पल्स पोलियो दिवस की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं. आगामी 28 जून 2026 को पूरे राज्य में एक साथ 0 से 5 वर्ष तक के 61 लाख से अधिक बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाई जाएगी. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा  ने राज्य के सभी सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश और जिलावार लक्ष्य जारी कर दिया है. यह अभियान 28 जून को बूथ स्तर पर दवा पिलाने से शुरू होकर 30 जून 2026 तक घर-घर जाकर चलाया जाएगा.इस वृहद राष्ट्रीय अभियान के तहत झारखण्ड के कुल 61,26,679 बच्चों को पोलियो सुरक्षा कवच देने का लक्ष्य है. 28 जून को दवा पिलाने के लिए राज्य भर में कुल 24,507 बूथ एक्टिव रहेंगे, जिन पर 49,013 टीमें तैनात की गई हैं. इस पूरे अभियान की कड़ी निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए 4,901 सुपरवाइजरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है.राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ विजय किशोर रजक ने बताया कि बोकारो में 3,53,072 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है; चतरा में 2,20,048 बच्चों के लिए; देवघर में 3,30,033 बच्चों के लिए; धनबाद में 4,24,729 बच्चों के लिए; दुमका में 2,30,074 बच्चों के लिए; पूर्वी सिंहभूम में 3,97,194 बच्चों के लिए; गढ़वा में 3,03,885 बच्चों के लिए; जबकि गिरिडीह में सबसे अधिक 4,89,227 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.इसी प्रकार गोड्‌डा जिले में 2,85,788 बच्चों के लिए; गुमला में 1,49,571 बच्चों के लिए; हजारीबाग में 3,12,306 बच्चों के लिए; जामताड़ा में 1,28,055 बच्चों के लिए; खूँटी में 98,008 बच्चों के लिए; कोडरमा में 1,56,731 बच्चों के लिए; लातेहार में 1,56,643 बच्चों के लिए; लोहरदगा में 84,035 बच्चों के लिए; पाकुड़ में 1,89,512 बच्चों के लिए; पलामू में 3,80,579 बच्चों के लिए; रामगढ़ में 1,71,477 बच्चों के लिए; राज्य की राजधानी राँची में 5,05,524 बच्चों के बड़े लक्ष्य के साथ; साहिबगंज में 2,64,166 बच्चों के लिए; सरायकेला में 1,76,653 बच्चों के लिए; सिमडेगा में 81,711 बच्चों के लिए और पश्चिमी सिंहभूम में 2,37,658 बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाने  लक्ष्य तय किया गया है. आईईसी कोषांग के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ राहुल किशोर सिंह ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि 28 जून को अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलिया की ‘दो बूंद जिंदगी की’ जरूर पिलवाएं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज महर्षि पतंजलि को नमन किया और योग के गहन लाभों को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। श्री मोदी ने उल्लेख किया कि योग का नियमित अभ्यास शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से जीवन संतुलित और ऊर्जावान बनता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया: “योग का नियमित अभ्यास तन को स्वस्थ और मन को शांत रखता है। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से जीवन संतुलित और ऊर्जावान बनता…

रांची सदर अस्पताल बना झारखण्ड का पहला मुस्कान सर्टिफाइड हॉस्पिटल

*96.61% के उत्कृष्ट स्कोर के साथ बाल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लहराया परचम*  *एनएचएम झारखण्ड के मिशन डायरेक्टर ने दी सदर अस्पताल की टीम को बधाई* ———— झारखंड राज्य…

 मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने खान एवं भू-तत्व विभाग तथा भवन निर्माण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की।_*

======================= *_⦿ मुख्यमंत्री ने राज्य में राजस्व सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देते हुए 300 बालू घाटों को शीघ्र संचालित करने का निर्देश दिया, जिससे लगभग 3 हज़ार करोड़ रुपये का राजस्व…

झारखंड मंत्रालय में खान एवं भूतत्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन।

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा की===========================*मुख्यमंत्री ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में क्रियान्वित की जा रही योजनाओं की प्रगति एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए।*===========================*मुख्यमंत्री ने कहा – पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नही*===========================*★ जल जीवन मिशन योजना को दें गति**★ राज्य के हरेक घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचना प्राथमिकता**★ प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने को लेकर लोगों को करें जागरूक*          *श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखण्ड।* ===========================मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए राज्य के प्रत्येक घर में पाइपलाइन एवं नल के जरिए शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लक्ष्य को समयबद्धता के साथ पूरा करें। मुख्यमंत्री ने जलापूर्ति व्यवस्थाओं के आवश्यक रख-रखाव और मरम्मत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल संकट की संभावना वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी रखी जाए, जहां भी पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है उन क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां त्वरित कार्रवाई कर आम जनों को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य की जल सहियाओं को समूहवार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में समय-समय पर प्लंबर का वोकेशनल प्रशिक्षण दिलाना सुनिश्चित कराएं। जल सहियाओं को खराब चापकलों को बनाने, सौर ऊर्जा वाटर सप्लाई की देखरेख एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी दें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल सहिया के लिए 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अधिकारियों ने अवगत कराया कि जल जीवन मिशन योजना के तहत राज्य के शत प्रतिशत ग्रामीण घरों तक दिसम्बर माह 2028 तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराये जाने के लक्ष्य के साथ विभाग कार्यों को गति प्रदान कर रही है। *जल संचयन, जल संरक्षण तथा भू-जल स्तर को बनाए रखने हेतु प्रभावी अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक योजनाएं बनाएं*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी शहरी क्षेत्रों की तरह बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, इस निमित्त पेयजल आपूर्ति से संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं को गति प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य में जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संवर्द्धन पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण तथा भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए प्रभावी एवं दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जाएं। साथ ही लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान के लिए जवाबदेह व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक परिवार सुरक्षित पेयजल एवं बेहतर स्वच्छता सुविधाओं का लाभ प्राप्त करे। इस हेतु पूरी प्रतिबद्धता और बेहतर कार्ययोजना साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।*अनुपयोगी चापकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पीट के रूप में की जाए*मुख्यमंत्री ने भू-जल स्तर गिरने के कारण अनुपयोगी हो चुके चापाकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पीट के रूप में करने का निर्देश दिया, ताकि वर्षा जल का संचयन कर भू-जल स्तर को बढ़ाया जा सके। उन्होंने शॉक पीट बनवाने के लिए भी लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया। इस शॉकपीट में बेकार जल (वेस्ट पानी) संचयन का निर्देश दिया, ताकि भू-जल स्तर को बढ़ाने में मदद मिल सके। *स्वच्छ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराएं*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में जल गुणवत्ता की समस्या पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। ऐसे में शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए पाइपलाइन से जल देने के साथ-साथ अन्य ठोस पहल करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक से उत्पन्न होने वाले संकट को लेकर लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही प्लॉस्टिक मुक्त गांव बनाने वालों के प्रयास को सरकार/विभाग के स्तर पर पुरस्कृत करने की बातें कही।  *इन योजनाओं एवं कार्यक्रमों की हुई विस्तृत समीक्षा..*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जल जीवन मिशन, जल गुणवत्ता निगरानी एवं अनुश्रवण, जल सहिया को जल जांच हेतू उपलब्ध कराये गये किट, हर घर जल की प्रगति, वित्तीय कार्य योजना एवं प्रगति, बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना, एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना, नलकूप ,कल्याण विभाग मद की योजनाएं तथा  स्वच्छ भारत मिशन की योजनाएं, व्यक्तिगत शौचालय,  ओडीएफ प्लस गांव, ठोस कचरा प्रबंधन, तरल कचरा प्रबंधन, गोबरधन योजना आदि की समीक्षा की तथा इन योजनाओं एवं कार्यक्रमों प्रभावी संचालन को लेकर कई अहम दिशा-निर्देश दिए*बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अबू इमरान, अतिरिक्त सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग श्री शशि रंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*==========================