FM चैनलों को 20 प्रतिशत कंटेंट क्षेत्रीय भाषा में देना होगाFM चैनलों को 20 प्रतिशत कंटेंट क्षेत्रीय भाषा में देना होगा

नई दिल्ली । जिंदगी जिंदाबाद

क्षेत्रीय भाषाओं के उन्नयन और प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब निजी FM रेडियो नीति के अंतर्गत हर प्रसारक को यह पक्का करना होगा कि उसके रोज़ाना के प्रसारण कंटेंट का कम से कम 20 प्रतिशत शहर की स्थानीय भाषा में हो और स्थानीय कंटेंट को बढ़ावा दे। जिसमें क्षेत्रीय संस्कृति, परंपराओं और लोक संगीत पर कार्यक्रम शामिल हों।

सरकार ने 9 से 10 जुलाई 2025 को एक पारदर्शी प्रणाली के ज़रिए 234 नए शहरों में 730 FM चैनलों के लिए ई-नीलामी की। नीलामी से पहले इसे प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बड़े पैमाने पर प्रसारित किया गया था। इस दौरान FM रेडियो क्षेत्र में 9 नए आने वालों सहित 18 सफल बोली लगाने वाले थे। 386 निजी एफ एम रेडियो चैनल काम कर रहे हैं।

निजी FM रेडियो के तीसरे चरण की नीति प्रसारकों को प्रसार भारती के टावरों और साइटों तक पहुंच की अनुमति देती है। जहां भी वे उपलब्ध हों, ताकि तेजी से कार्यक्रम शुरू किए जा सकें। सरकार आशय पत्र (एलओआई) जारी करती है और अनुमति समझौते (जीओपीए) निष्पादित करती है। इनमें विशेष रूप से एलडब्ल्यूई और आकांक्षी जिलों में संचालन के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित होती है।

सरकार सार्वजनिक सेवा घोषणाओं और सरकारी योजनाओं के प्रसारण पर नजर रखकर बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाती है। आपात स्थितियों और महत्वपूर्ण अभियानों के दौरान सत्यापित जानकारी के समय पर प्रसार के लिए सरकार प्रसारकों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखती है।

यह जानकारी सूचना और प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने राज्यसभा में श्री आई. एस. इनबादुराई के एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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