राजधानी में गूंजी झारखंडी अस्मिता की हुंकार: 10 हजार लोगों का ऐतिहासिक ‘भाषा मार्च’, मातृभाषाओं के संरक्षण के लिए सड़क पर उतरा जनसैलाब
रांची:झारखंड की भौगोलिक सीमाओं, खनिज संपदा और प्राकृतिक सौंदर्य से परे यदि इस राज्य की असली धड़कन कहीं बसती है,…
जश्न जिंदगी का...
रांची:झारखंड की भौगोलिक सीमाओं, खनिज संपदा और प्राकृतिक सौंदर्य से परे यदि इस राज्य की असली धड़कन कहीं बसती है,…
जनजातीय संस्कृति को मिल रही है नई वैश्विक पहचान झारखंड की माटी, उसकी समृद्ध जनजातीय कला, पारंपरिक संस्कृति और अनूठी…
राँची: झारखंड की सांस्कृतिक और प्राकृतिक गोद में सिनेमा के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए एक ऐतिहासिक…
मांडर: मांडर में मंगलवार को ऐतिहासिक दो दिवसीय ‘मुड़मा जतरा’ का विधिवत और भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्य…
राँची: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त निर्देशों के आलोक में “राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2027” (विकसित भारत यंग…
3 नवंबर को मोराबादी स्थित बापू वाटिका से निकलेगी जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और अधिकारों की आवाज…
जमशेदपुर / कोल्हान, झारखंड। झारखंड की धरती केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और खनिज संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी…
रांची: झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और भाषाई विविधता को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से रांची जिले के ओरमांझी स्थित…
रांची: झारखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति, भाषाई विविधता और जनजातीय अस्मिता को सहेजने के लिए शुरू होने जा रहा एक राष्ट्रीय…
झारखंड की मिट्टी, उसकी संस्कृति और उसकी समृद्ध भाषाई विरासत को बचाने के लिए एक नया जन-आंदोलन आकार ले रहा…