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प्रोफेसर हिर्ला बलराम पाट पिंगुवा का रिम्स में निधन से पूरे हो समाज में शोक की लहर SKRIS NATIONAL CONTEST का मुख्य विनर हर्षिका को मिला पुरस्कार टीआरएल संकाय के नागपुरी विभाग में शोध विषय पर संगोष्ठी का आयोजन, जर्मनी के भाषा वैज्ञानिक प्रो डॉ नेत्रा पी पौडयाल ने कहा -रूचि के साथ शोध करना चाहिए ‌झारखण्ड राज्य घासी समाज संघ की बैठक सम्पन्न, केन्द्रीय अध्यक्ष डॉ रीझु नायक ने कहा -घासी समाज को शिक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकतारांची : आज दिनांक 02/03/25 को झारखण्ड राज्य घासी समाज संघ की बैठक ऑक्सीजन पार्क, मोराबादी में डॉ. रीझु नायक की अध्यक्षता में केन्द्रीय कार्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन मजबुती, सदस्यता अभियान, जिला व प्रखंडावार अगियान चलाने का निर्णय लिया गया। मौके पर सामाजिक, राजनितिक, शैक्षणिक, आर्थिक व सांस्कृतिक रूप से समाज के लोगों को सशक्त बनाने पर गहन विचार मंथन किया गया। साथ ही सर्वसम्मति से आगामी 9 मार्च को संघ द्वारा फगुवा मिलन समारोह मनाने का निर्णय लिया गया। डॉ. रीझु नायक ने कहा कि घासी समाज को शिक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है। शिक्षित व्यक्ति ही समाज को विकास की मुख्यधारा में ला सकता है।बिनिता नायक ने कहा कि आधी आबादी को अधिक से अधिक समाज में जोड़ कर संगठन को मजबुत बनाना है। शांति देवी ने कहा कि शहर से गाँव के प्रबुद्ध जनों को साथ मिलकर चलने की जरूरत है। संदीप टाइगर ने कहा कि युवा ही इतिहास बनाते हैं, इसलिए युवाओं को आगे आने की आवश्यकता है।संचालन अधिवक्ता सोनी नायक एवं धन्यवाद डॉ. इन्द्रजीत नायक ने किया। बैठक में मुख्य रूप से मनोज कुमार नायक, किरण नायक, नामक मुकुल नायक, विनिता पाठक नायक, मुकेश नायक एवं सुरेश नायक शामिल थे। झारखंड की भाषाओं के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार करे पहल – टीएन साहू

प्रोफेसर हिर्ला बलराम पाट पिंगुवा का रिम्स में निधन से पूरे हो समाज में शोक की लहर

सरल व सादगी पूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे प्रो पिंगुवा : डॉ हरि उराँवरांची : भारत वर्ष में ‘कोल हो’ भाषा एवं ‘वारङ चिति लिपि’ से रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय…

SKRIS NATIONAL CONTEST का मुख्य विनर हर्षिका को मिला पुरस्कार

रांची: मोराहबादी स्थित डिवाइन पब्लिक स्कूल की कक्षा यूकेजी में पढ़ने वाली रांची विश्वविद्यालय में कार्यरत सुधीर मंडल की छह साल की जानी मानी नन्ही कलाकार हर्षिका आज किसी नाम…

टीआरएल संकाय के नागपुरी विभाग में शोध विषय पर संगोष्ठी का आयोजन, जर्मनी के भाषा वैज्ञानिक प्रो डॉ नेत्रा पी पौडयाल ने कहा -रूचि के साथ शोध करना चाहिए

• रांची विश्वविद्यालय में हो रहे शोध से खुश नहीं हूँ : कुलपतिरांची : जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय के नागपुरी विभाग के तत्वावधान में शोध विषय पर संगोष्ठी का…

‌झारखण्ड राज्य घासी समाज संघ की बैठक सम्पन्न, केन्द्रीय अध्यक्ष डॉ रीझु नायक ने कहा -घासी समाज को शिक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकतारांची : आज दिनांक 02/03/25 को झारखण्ड राज्य घासी समाज संघ की बैठक ऑक्सीजन पार्क, मोराबादी में डॉ. रीझु नायक की अध्यक्षता में केन्द्रीय कार्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन मजबुती, सदस्यता अभियान, जिला व प्रखंडावार अगियान चलाने का निर्णय लिया गया। मौके पर सामाजिक, राजनितिक, शैक्षणिक, आर्थिक व सांस्कृतिक रूप से समाज के लोगों को सशक्त बनाने पर गहन विचार मंथन किया गया। साथ ही सर्वसम्मति से आगामी 9 मार्च को संघ द्वारा फगुवा मिलन समारोह मनाने का निर्णय लिया गया। डॉ. रीझु नायक ने कहा कि घासी समाज को शिक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है। शिक्षित व्यक्ति ही समाज को विकास की मुख्यधारा में ला सकता है।बिनिता नायक ने कहा कि आधी आबादी को अधिक से अधिक समाज में जोड़ कर संगठन को मजबुत बनाना है। शांति देवी ने कहा कि शहर से गाँव के प्रबुद्ध जनों को साथ मिलकर चलने की जरूरत है। संदीप टाइगर ने कहा कि युवा ही इतिहास बनाते हैं, इसलिए युवाओं को आगे आने की आवश्यकता है।संचालन अधिवक्ता सोनी नायक एवं धन्यवाद डॉ. इन्द्रजीत नायक ने किया। बैठक में मुख्य रूप से मनोज कुमार नायक, किरण नायक, नामक मुकुल नायक, विनिता पाठक नायक, मुकेश नायक एवं सुरेश नायक शामिल थे।

झारखंड की भाषाओं के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार करे पहल – टीएन साहू

भाषा एकेडमी के गठन के लिए हो संयुक्त प्रयास – डॉ हरि उरांव मातृभाषा दिवस के अवसर पर जुटे झारखंडी भाषाओं के लेखक, साहित्यकार और पत्रकार झारखंड ओपन यूनिवर्सिटी के…

Ranchi University के शहीद स्मृति सभागार में नागपुरी दिवस सह प्रफुल्ल जयंती का आयोजन,वक्ताओं ने कहा -प्रत्येक कवि साहित्यकार का जन्मदिवस का आयोजन किया जाना चाहिए जिससे आने वाला पीढ़ी याद रखेरांची : आज दिनांक 08 फरवरी 2025 को नागपुरी भाषा परिषद, रांची तथा रांची विश्वविद्यालय रांची के सौजन्य से केंद्रीय पुस्तकालय के सभाकक्ष में नागपुरी दिवस सह नागपुरी साहित्य के उद्भट कवि,साहित्यकार प्रफ्फुल कुमार राय का जयंती-प्रफ्फुल सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पद्मश्री मधु मंसूरी हसमुख,पद्मश्री मुकुंद नायक और इस वर्ष पद्मश्री से सम्मानित(घोषित) श्री महावीर नायक कि गरिमामयी उपस्थिति से आज का कार्यक्रम में चार चाँद लग गया । आज के पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम में तीन पुस्तक का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया जिसमें डॉ.उमेश नन्द तिवारी लिखित आधुनिक नागपुरी साहित्य की विविध बिधाएं, लेखक द्वय डॉ.उमेश नन्द तिवारी और डॉ राम कुमार, श्री राकेश रमण कृत खोईर खेला के विविध आयाम है यह पुस्तक आने वाले पीढ़ी तथा नागपुरी प्रेमी छात्र-छात्रावों के लिए बहुत उपयोगी है ||नागपुरी दिवस के कार्यक्रम का सञ्चालन,अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवेश कराते हुए नागपुरी विभाग,रांची विश्वविद्यालय रांची के विभागाध्यक्ष डॉ.उमेश नन्द तिवारी ने बताया कि नागपुरी भाषा साहित्य में प्रफुल कुमार राय का बहुत योगदान था उनके जन्म दिन को याद कर नागपुरी भाषा साहित्य के श्रीबृद्धि के लिए आज के इस सुभ दिन को नागपुरी दिवस के रूप में स्व० डॉ.भुवनेश्वर अनुज घोषित किए थे जिससे आने वाला पीढ़ी याद कर सके | कार्यक्रम कि रूप रेखा बताते हुए डॉ.तिवारी द्वारा बताया गया कि वर्ष 2025 के लिए प्रफ्फुल सम्मान पूर्व प्राध्यापक गोसनर महाविद्यालय सह नागपुरी भाषा साहित्य के साहित्यकार डॉ. राम प्रसाद और नागपुरी भाषा कि प्रसिद्ध गायिका श्रीमती यशोदा देवी को दिया जा रहा है | आज के कार्यक्रम में नौ सहायक प्राध्यापक के साथ साथ तीन पूर्व सेवानिवृत्त प्राध्यापकों को भी सम्मान दिया गया | कार्यक्रम में नागपुरी भाषा परिषद् कि महासचिव डॉ. शकुंतला मिश्र के द्वारा बताया गया कि आर्य भाषा परिवार में प्राचीन काल से ही नागपुरी भाषा का विशिष्ट स्थान रहा है इस भाषा को साहित्य के रूप में स्थापित करने में यूँ तो कई महानुभवों, विद्वतजनों का महति योगदान रहा है उनमें प्रफ्फुल कुमार राय भी एक थे | इसके अथक प्रयास से ही कुछ अन्य विद्वतजन के सहयोग से जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा बिभाग स्थापित हुआ | बच्चे आज पाठ्यक्रम में नागपुरी भाषा में बिभिन्न स्कुल कॉलेज में अध्यनरत हैं और बहुतों को इस भाषा से रोजगार मिला हुआ है भविष्य में भी भाषा को यदि संवार कर रखी जाय तब पुरे राष्ट्र के स्तर कि भाषा बनने में देर नहीं लगेगी यह कल्पना प्रफुल दादा का था आज का दिन स्मरण के साथ प्रण करने का दिन भी है कि उनके द्वारा सुझाये गए मार्ग पर हम सब चले,अमल करें और साहित्य सृजन करें | पद्मश्री मुकुंद नायक ने प्रफ्फुल कुमार राय जी को स्मरण कर बताया कि प्रफुल्ल कुमार राय को नागपुरी पद्य साहित्य का अनमोल मोती माना जाता है। वे नागपुरी के ऐसे गौरव शिखर हैं, जिसे काल का दीमक भी नहीं खा सकता है और इतिहास हीरे की तरह संजोये रखता है। झारखंड आंदोलन में भाषायी व सांस्कृतिक अगुवाई कर आंदोलन को गति प्रदान किया | आज का दिन अविस्मरणीय है. हम ऐसे विद्वान की जयंती मना रहे हैं जिनकी बदौलत नागपुरी भाषा साहित्य को पहचान मिली और हम इस मुकाम पर पहुंच पाये। पद्मश्री मधु मंसूरी हसमुख ने बताया कि प्रफुल्ल कुमार राय,नागपुरी साहित्य के यशस्वी, लोकप्रिय साहित्य स्रष्टा, महान गायक और कुशल मार्गदर्शक थे। अपनी रचना एवं कर्म के कारण वे नागपुरी और झारखंडी समाज के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे। आज का मुख्य अतिथि महाबीर नायक ने युग द्रष्टा प्रफुल कुमार राय के बारे में बताया कि झारखंड की रत्नगर्भा भूमि में जन्में प्रफुल्ल कुमार राय नागपुरी भाषा, साहित्य जगत के ऐसे देदीप्यमान नक्षत्र थे, जिनका कार्य हम सभी के लिए अनुकरणीय है। आज प्रफुल्ल कुमार राय को छोड़ कर नागपुरी साहित्य का इतिहास नहीं लिखा जा सकता है। नागपुरी भाषा साहित्य के विकास के लिए उन्होंने अथक श्रम किया। अनेक साहित्य सृजन किया वे एक साहित्यकार के साथ-साथ गायक, कुशल नेतृत्वकर्ता एवं प्रशासक भी थे कुलपति ने कहा कि प्रत्येक कवि साहित्यकार का जन्मदिवस का आयोजन ऐसे ही किया जाना चाहिए जिससे आने वाला पीढ़ी याद रख सके | विशिष्ठ अतिथि डॉ. गुरुचरण साहु, कुलसचिव रांची विश्वविद्यालय रांची, ने बताया कि प्रफुल्ल कुमार राय द्वारा साहित्य की जो रचना की गई वह नागपुरी भाषा को मजबूती के साथ खड़ा किया गया। इसी के कारण बड़े-बड़े विश्वविद्यालय में छात्र-छात्रा नागपुरी भाषा में शिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रफुल्ल कुमार राय के बहुआयामी व्यक्तित्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आज का दिन संकल्प लेने का दिन है. नागपुरी भाषा साहित्य के प्रति,उनकी जो श्रद्धा और सोच थी, उस सपने को हम सभी को मिलकर, बगैर किसी भेदभाव के, नि:स्वार्थ भाव के साथ साकार रूप | सभी को मिलकर कोशिश करनी चाहिए कि वैश्विक स्तर पर झारखंडी भाषाओं का विकास सुनिश्चित हो | डॉ. सुदेश कुमार साहु, संकायाध्यक्ष, छात्र कल्याण संकाय,रांची विश्वविद्यालय रांची ने बताया कि इनका जन्म 8 फरवरी 1926 को गुमला जिला के सिसई पहाड़ बंगरू गाँव में हुआ था । उनके पिता का नाम पांडे रामकिशोर राय और माता का नाम सुचित्रबाला देवी था। उन्होंने वाणिज्य स्नातक की पढ़ाई की और एक सरकारी कर्मचारी के रूप में अपना करियर सी सी एल से शुरू किया । वे एक लेखक के अलावा गायक भी थे । उनकी रचनाएँ रांची टाइम्स रांची एक्सप्रेस जैसी विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित होती हैं। उन्होंने सोन झाइर (कहानियों का संग्रह), बरखा, बरखा खंड,अवसर नी मिले बुझू और किलकिला लिखे । नागपुरी भाषा में रचनाओं के प्रकाशन और 1960 में नागपुरी भाषा परिषद के गठन में उनकी प्रमुख भूमिका थी। डॉ राम प्रसाद ने बताया कि प्रफुल्ल दा जैसे शख्स का मिलना मुश्किल है. चूंकि ऐसे महापुरुष हमारे बीच कभी-कभार ही जन्म लेते हैं. उनके संघर्षों को हमारे नये पीढ़ी को जानना व समझना चाहिए. राय जी अपने आप में एक अथाह समुद्र थे. उनका मुकाबला नहीं l जो दायित्व प्रफुल्ल दा ने सौंपा है उस दायित्व को निश्छल भाव से पूरा करना चाहिए यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।आज के कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुखदेव साहू के द्वारा किया गया | कार्यक्रम में मुख्य रूप से पद्म श्री मुकुंद नायक,पद्म श्री मधुमंसुरी हसमुख पद्म श्री (घोषित ) महाबीर नायक, डॉ.सुदेश कुमार साहू, डॉ. गुरुचरण साहु कुलसचिव रांची विश्वविद्यालय रांची, डॉ. राम प्रसाद. डॉ. उमेश नंद तिवारी, डॉ.शकुंतला मिश्र, डॉ. संजय कुमार षाड़ंगी, हरिनन्दन महली, धनेंद्र प्रवाही, रामदेव बड़ाईक, पूनम कुमारी,डॉ.रामजय नायक, करमी मांझी, नन्दकिशोर रजक,संगीता तिग्गा, श्री अजय पाण्डेय, प्रमोद कुमार राय, डॉ. खालिक डॉ. राम कुमार, अहमद,सुश्री करमी मांझी,नवीन कुमार मिश्र,तनवीर मिरदाहा, सुभासिनी,एम. मोदस्सर, विकास कुमार सिन्हा, , मनपुरन नायक, डॉ.आदित्य कुमार जयविंद नागेश्वर, डॉ. सुभाष साहु,डॉ. अंजू कुमारी साहु, रविन्द्र साहु,सुश्री पूनम कुमारी, नेहा कुमारी, ईजुद्दीन मिरदाहा,डा.अनुपमा मिश्रा, अवधेश सिंह सुनीता कुमारी टोप्पो, बुधेश्वर बड़ाईक,श्रीमती सरोज कुमारी, इंद्रजीत राम,पूजा तिर्की,पूनम भगत, इंद्रभूषण भगत,बेबी कुमारी, संगीता तिग्गा, नंदकिशोर प्रसाद,जलेश्वर महतो, प्रवीण कुमार सिंह, रवि कुमार, सोनू सपरवार,अनुप गाड़ी , संजय कुमार, उषा कुमारी,रश्मि शिखा कुमारी, अनिता कुमारी सिंह,श्रीमती राजमुनी कुमारी, सुषमा कच्छप, बिराज चिक बड़ाईक, सीमा कुमारी,अरविन्द कुमार, शहला सरवर, मनोज कुमार, नागपुरी करूणा कुमारी,देवेंद्र साहु, नमिता पूनम,प्रवीण सिंह रावी कुमार तबरेज अनूप गाडी,नेहा कुमारी पूनम भगत,उषा कुमारी,सौरव आनंद बर्मन चन्द्रिका, नवल किशोर कंचन मुण्डा, तबरेज मंसुरी,मीना कुमारी,सीमा कुमारी डॉ. जयकांत इंदवार, धीरज नायक, , शंकर नायक डॉ. रेखा कुमारी, डॉ. आलम आरा,डॉ. सुमन कुमार, के अलावा बड़ी संख्या में भाषा प्रेमी, साहित्यकार, शोधार्थी और छात्र-छात्रायें मौजूद थे|

मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर झारखंड राज्य में सामान्य कैंसर के वृहत रूप से स्क्रीनिंग कार्यक्रम का किया उद्घाटन

पूरे राज्य में सभी स्वास्थ्य केंद्रों में कैंसर स्क्रीनिंग के तहत ओरल,ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की, की जाएगी जांच स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री…

टीआरएल संकाय : नागपुरी विभाग के विभागाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया डॉ उमेश नन्द तिवारी, कहा -सबके सहयोग से अपने दायित्व का निर्वहन करूँगारांची : रांची विश्वविद्यालय के टीआरएल संकाय के स्नातकोत्तर नागपुरी विभाग में आज नये विभागाध्यक्ष के रूप में डॉ उमेश नन्द तिवारी ने पदभार ग्रहण किया. बता दे कि डॉ तिवारी डॉ सविता केशरी के सेवानिवृत्त होने के पश्चात् उनका स्थान लेंगे. डॉ केशरी 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हुईं. इस मौके पर विभाग के डॉ बीरेन्द्र कुमार महतो एवं डॉ रीझू नायक की अगुवाई में विभाग के शिक्षक, छात्र, शोधार्थी एवं कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से बुके देकर डॉ तिवारी का स्वागत किया. डॉ तिवारी ने कहा कि मुझे खुशी है कि मुझे दोबारा विभागाध्यक्ष का कार्यभार सौंपा गया है. मेरी कोशिश होगी कि हम सब मिलजुल कर अपने-अपने दायित्व का निर्वहण करेंगे. मौके पर बुद्धेश्वर बड़ाईक, सोनू सपवार व शोधार्थियों ने स्वागत गान प्रस्तुत किया.मौके पर टीआरएल संकाय के बंधु भगत, डॉ कुमारी शशि, डॉ गीता कुमारी सिंह, डॉ बीरेन्द्र कुमार सोय, करम सिंह मुण्डा, डॉ नरेन्द्र कुमार दास, डॉ राम कुमार, डॉ संतोष कुमार भगत, सुबास साहु, करमी मांझी, डॉ अनुराधा मुण्डू, मनय मुण्डा, डॉ उपेन्द्र कुमार, रवि कुमार, आलोक कुमार मिश्रा, प्रवीण कुमार, नेहा भगत, सोनू सपवार, अनुप गाड़ी, उषा कुमारी, पूनम कुमारी, धनंजय नायक, आनन्द विजय, राजकुमार, बसंती मुण्डा, प्रभा हेमरोम, चन्दा देवी के आलवा कई शिक्षकों, शोधार्थियों व छात्रों ने माला पहनाकर एवं बुके देकर बधाईयाँ दी साथ ही नयी जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ दी.

नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर का नियमितीकरण करे सरकार : संघ

झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर कांट्रैक्टच्युल एसोसियेशन (JAPCA) की 31 जनवरी को ऑनलाइन संपन्न बैठक में संघ के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ०एस०के०झा ने कहा कि राज्य अधीनस्थ विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत…

TRL संकाय : नागपुरी विभागाध्यक्ष डॉ सविता केशरी सेवानिवृत्त, हुई भावुक, कहा – सेवानिवृत्त जरूर हुई हूँ पर सेवा के दायित्वों से नहीं

रांची : जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय, रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर नागपुरी विभाग में पदस्थापित विभागाध्यक्ष डॉ सविता केशरी के सेवनिवृत्ति उपरांत विभागीय परिसर में विदाई सह सम्मान समारोह का…

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