जनजातीय संस्कृति को मिल रही है नई वैश्विक पहचान
झारखंड की माटी, उसकी समृद्ध जनजातीय कला, पारंपरिक संस्कृति और अनूठी उद्यमिता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में ‘द प्राइड ऑफ ट्राइब’ (टीपीओटी) लगातार मील के पत्थर स्थापित कर रहा है। इसी कड़ी में अब झारखंड के इस अनूठे सांस्कृतिक अभियान को पड़ोसी देश नेपाल का भी बड़ा समर्थन मिल गया है। कतर की राजधानी दोहा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (अंकटाड) के ‘वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट फोरम-2026’ में सहभागिता के बाद नेपाल ने आगामी ‘नेशनल ट्राइबल फैशन वीक-2027’ को अपना पूर्ण समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा की है। यह प्रतिष्ठित आयोजन आगामी 23 और 24 जनवरी 2027 को झारखंड की राजधानी रांची में प्रस्तावित है।
दोहा के वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट फोरम में छाई झारखंड की कला और उद्यमिता
कतर की राजधानी दोहा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (अंकटाड) के वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट फोरम-2026 में ‘द प्राइड ऑफ ट्राइब’ (टीपीओटी) की संस्थापक एवं निदेशक क्रांति गाड़ी के नेतृत्व में संस्था ने बेहद प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। इस वैश्विक मंच पर टीपीओटी ने झारखंड की मूल जनजातीय कला, पारंपरिक हस्तशिल्प, एथनिक फैशन, पर्यटन की असीम संभावनाओं और स्थानीय उद्यमिता को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया।
इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर की गूंज ने वैश्विक निवेशकों और प्रतिनिधियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया, जिसके परिणामस्वरूप सांस्कृतिक कूटनीति के एक नए द्वार खुले हैं।
नेपाल का मिला मजबूत समर्थन: नेशनल ट्राइबल फैशन वीक-2027 को नई उड़ान
दोहा में हुए इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान नेपाल के थारू आदिवासी नेता एवं एशियन इंडीजीनस इंटरनेशनल नेटवर्क के कार्यकारी अध्यक्ष फूलमन चौधरी भी विशेष रूप से शामिल रहे। झारखंड की सांस्कृतिक पहलों और विजन से प्रभावित होकर नेपाल ने रांची में आयोजित होने वाले ‘नेशनल ट्राइबल फैशन वीक-2027’ को समर्थन देने का ऐलान किया है। यह आयोजन 23 और 24 जनवरी 2027 को रांची की धरती पर होगा, जो कला और फैशन प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक मंच साबित होगा। इस सहयोग से न केवल दोनों क्षेत्रों के आदिवासी कलाकारों को एक साझा मंच मिलेगा, बल्कि भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक रिश्ते भी और अधिक प्रगाढ़ होंगे।
झारखंड और नेपाल के बीच ट्राइबल टूरिज्म और होमस्टे सर्किट की नई परिकल्पना
इस उच्च स्तरीय वैश्विक बैठक के दौरान केवल फैशन और कला तक ही चर्चा सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक और पर्यटन विकास के नए रास्ते भी तलाशे गए। टीपीओटी (TPOT) द्वारा इस दौरान झारखंड और नेपाल के बीच जनजातीय पर्यटन (Tribal Tourism) तथा होमस्टे सर्किट (Homestay Circuit) विकसित करने की एक दूरदर्शी परिकल्पना भी प्रस्तुत की गई।
इस परिकल्पना के साकार होने से दोनों क्षेत्रों के ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आर्थिकी मजबूत होगी।
वैश्विक स्तर पर चमक रही है झारखंड की संस्कृति
‘द प्राइड ऑफ ट्राइब’ की यह पहल यह साबित करती है कि यदि स्थानीय कला और संस्कृति को सही दिशा और वैश्विक मंच मिले, तो वे अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकती हैं। कतर के दोहा से शुरू हुई यह कूटनीतिक और सांस्कृतिक यात्रा जब 23-24 जनवरी 2027 को रांची के नेशनल ट्राइबल फैशन वीक के रूप में धरातल पर उतरेगी, तो यह झारखंड के जनजातीय इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगी। नेपाल के समर्थन और होमस्टे सर्किट जैसी योजनाओं के साथ, यह पहल झारखंड की कला, संस्कृति और उद्यमिता को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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