Category: साहित्य

*ऑड्रे हाउस, रांची में आयोजित तीन दिवसीय “सांसद सांस्कृतिक महोत्सव-सह-स्वदेशी मेला-2026” के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित हुए राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार एवं मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन।*

=========================== *★ स्वदेशी वस्तुओं को निरंतर प्रमोट कर रही राज्य सरकार* *★ झारखंड की समृद्ध कला-संस्कृति  विरासत को संरक्षित करना प्राथमिकता* *★ प्रतिभा की कमी नहीं, इस राज्य के बच्चे…

झारखंड में लैब सेवाएं होंगी हाईटेक: अब मोबाइल पर मिलेगी जांच रिपोर्ट

मेरील कंपनी ने प्रस्तुत किया लैब इनफॉरमेशन सिस्टम, एचएमआईएस से होगा इंटीग्रेशन स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में…

एनएचएम को मिला छह माह का अवधि विस्तार

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कार्यकाल का विस्तार, राज्यों के साथ MoU 30 सितंबर तक बढ़ा नई दिल्ली/राँची: भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय…

कालाजार के निदान एवं प्रबंधन पर एम्स देवघर में कार्यशाला का आयोजन

रांची/देवघर राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण (VBD), झारखंड के निर्देशानुसार आज एम्स, देवघर में कालाजार (विसरल लीशमैनियासिस) एवं पीकेडीएल के निदान एवं प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला का…

*झारखंड में डायन प्रथा पर सख्ती की जरूरत, पीड़ितों के पुनर्वास पर जोर*

 *न्यायिक अकादमी में कोलोकीयम का आयोजन, NALSA एवं JHALSA के न्यायाधीश हुए शामिल* *महिलाओं के खिलाफ अपराध समाज की गहरी संरचनात्मक समस्या का परिणाम: न्यायमूर्ति विक्रमनाथ* रांची।  महिलाओं के खिलाफ…

नागपुरी साहित्य की अमर ज्योति डॉ. वासंती को रांची विश्वविद्यालय में भावभीनी श्रद्धांजलि

रांची : रांची विश्वविद्यालय के नागपुरी विभाग में आज जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय की ओर से प्रख्यात साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. वासंती की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन…

झारखंड में मेडिकल कॉलेजों के डिजाइन में बड़ा बदलाव, हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी गठितअस्पतालों की कार्यक्षमता सुधारने के लिए आईसीयू, ओटी और इमरजेंसी की नई वैज्ञानिक प्लानिंग होगी लागूझारखंड सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और मरीजों के अनुकूल बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने निर्माणाधीन और संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों की संरचना और योजना में सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।हालिया निरीक्षणों में यह सामने आया था कि कई अस्पतालों में आईसीयू, सीसीयू, एचडीयू, ऑपरेशन थिएटर, आईपीडी, रेडियोलाूजी सेंटर और डायग्नोस्टिक सेंटरों की स्थिति वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप नहीं है, जिससे मरीजों की आवाजाही और इलाज की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब अस्पतालों के डिजाइन की समीक्षा कर उन्हें पुनर्गठित करने का निर्णय लिया है।इस विशेषज्ञ समिति में रिम्स रांची के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ चिकित्सकों को शामिल किया गया है। इनमें डॉ हेमंत नारायण (कार्डियोलॉजी), डॉ प्रदीप कुमार भट्टाचार्य (क्रिटिकल केयर), डॉ अजीत कुमार डुंगडुंग (मेडिसिन), डॉ अनिल कुमार कमल (सर्जरी), डॉ अंशु जणैयार (पैथोलॉजी) और डॉ अनीश कुमार चौधरी (रेडियोलॉजी) विभाग शामिल हैं। इनके साथ सदर अस्पताल के प्रतिनिधि और झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के अधिकारी भी शामिल हैं।सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब अस्पतालों का निर्माण “पेशेंट फ्लो” और ‘वर्क फ्लो’ के वैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित होगा। इसके तहत आईसीयू, ओटी, इमरजेंसी, रेडियोलॉजी सेंटर आदि को एक ही फ्लोर पर स्थापित किया जाय। ट्रॉमा सेंटर को ग्राउंड फ्लोर पर मुख्य प्रवेश द्वार के पास स्थापित किया जाएगा ताकि एम्बुलेंस को त्वरित पहुंच मिल सके। आईसीयू, ओटी और इमरजेंसी सेवाओं को एक ही फ्लोर या नजदीकी क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिससे उपचार में समय की बचत हो।संक्रमण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन थिएटर को पूर्णतः स्टेराइल जोन के रूप में विकसित किया जाएगा और साफ व गंदे क्षेत्रों का स्पष्ट विभाजन किया जाएगा। साथ ही मरीजों, अस्पताल कर्मियों और बायो-मेडिकल वेस्ट के आवागमन के लिए अलग-अलग लिफ्ट और कॉरिडोर की व्यवस्था अनिवार्य होगी।रेडियोलॉजी, लैब और ब्लड बैंक जैसी सुविधाओं को ऐसी जगह स्थापित किया जाएगा, जहां से ओपीडी और इमरजेंसी दोनों के मरीज आसानी से पहुंच सकें।नई व्यवस्था के तहत निर्माण एजेंसियों को अपने डिजाइन विशेषज्ञ समिति के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। समिति द्वारा समीक्षा और आवश्यक सुझाव दिए जाने के बाद ही भवनों के अंतिम नक्शे को मंजूरी दी जाएगी।अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह के द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस पहल को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुव्यवस्थित और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

*★ मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को  ‘अग्निशमन सेवा सप्ताह’ का बैज लगाया।*

*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में पुलिस महानिदेशक गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा श्री एम० एस० भाटिया ने भेंट की तथा…

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