कोलकाता: दक्षिण पूर्व रेलवे अपने यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थिति में सहायता प्रदान करने के लिए लगातार तत्पर है। रेलवे सुरक्षा बल ने अपनी विशेष पहलों ‘ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते’ और ‘मिशन जीवन रक्षा’ के तहत अक्टूबर 2026 के दौरान उल्लेखनीय कार्य करते हुए 93 बच्चों को सुरक्षित बचाया और दो लोगों की जान बचाई।
RPF द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते’ के तहत दक्षिण पूर्व रेलवे के चारों मंडलों से कुल 93 बच्चों (56 लड़के और 37 लड़कियां) को रेस्क्यू किया गया। आंकड़ों के अनुसार, खड़कपुर मंडल 34 बच्चों के रेस्क्यू के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि रांची मंडल से 33, चक्रधरपुर मंडल से 15 और आद्रा मंडल से 11 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। इससे पहले भी वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान RPF ने 1292 बच्चों को बचाकर एक मिसाल कायम की थी।
दूसरी ओर, आपातकालीन स्थितियों में जीवन रक्षा के लिए शुरू किए गए ‘मिशन जीवन रक्षा’ के तहत RPF जवानों ने अपनी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से दो लोगों को मौत के मुंह से निकाला, जिनमें चक्रधरपुर और खड़कपुर मंडल में 1-1 जीवन रक्षा शामिल है। गौरतलब है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी SER RPF की टीम ने कुल 66 लोगों की जान बचाई थी। RPF के ये प्रयास न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि विषम परिस्थितियों में उनकी त्वरित मदद की प्रतिबद्धता को भी दर्शाते हैं।