Category: रोजगार

*बच्चों को जंक फूड देने की प्रथा में आई है कमी*

*यूनिसेफ और आईएचडी ने किया पलामू और पश्चिमी सिंहभूम में बच्चों के पूरक आहार सम्बंधित अध्ययन* *रांची के होटल कोर्टयार्ड…

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने भारतीय डेफ क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को दी बधाई, किया सम्मानित

======================= *_कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से झारखंड डेफ(बधिर) क्रिकेट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल…

झारखंड में बाहर से आने वाले डॉक्टरों को मिलेगी राहत, मेडिकल काउंसिल रूल-55 में संशोधन की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग की बैठक में बनी सहमति, दूसरे राज्यों के चिकित्सकों को प्रैक्टिस में सुविधा देने हेतु सरकार को भेजे…

*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से रांची के सात वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह ने की मुलाकात।*

=========================== *मुख्यमंत्री ने प्रतिभाशाली बाल तैराक इशांक सिंह को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें 5 लाख रुपए का चेक,…

डिजिटल इंडिया की नई उड़ान: अब पूरे देश में एक ही पासवर्ड से चलेगा पब्लिक वाई-फाई

भारत सरकार देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। पीएम-वाणी…

मेडिकल कॉलेजों के डिजाइन में होगा बदलाव, मरीजों को बेहतर सुविधा पर फोकस

अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति की बैठक, पेशेंट फ्लो और वर्कफ्लो को वैज्ञानिक बनाने पर जोर राज्य…

झारखंड सरकार के रेजिडेंट कमिश्नर श्री अरवा राजकमल ने नए झारखंड भवन का किया निरीक्षण, पारदर्शी एवं तकनीक-संचालित व्यवस्था विकसित करने पर जोर

झारखंड सरकार के रेजिडेंट कमिश्नर श्री अरवा राजकमल ने आज न्यू झारखंड भवन का विस्तृत औचक निरीक्षण कर समग्र व्यवस्थाओं…

झारखंड में मेडिकल कॉलेजों के डिजाइन में बड़ा बदलाव, हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी गठितअस्पतालों की कार्यक्षमता सुधारने के लिए आईसीयू, ओटी और इमरजेंसी की नई वैज्ञानिक प्लानिंग होगी लागूझारखंड सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और मरीजों के अनुकूल बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने निर्माणाधीन और संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों की संरचना और योजना में सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।हालिया निरीक्षणों में यह सामने आया था कि कई अस्पतालों में आईसीयू, सीसीयू, एचडीयू, ऑपरेशन थिएटर, आईपीडी, रेडियोलाूजी सेंटर और डायग्नोस्टिक सेंटरों की स्थिति वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप नहीं है, जिससे मरीजों की आवाजाही और इलाज की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब अस्पतालों के डिजाइन की समीक्षा कर उन्हें पुनर्गठित करने का निर्णय लिया है।इस विशेषज्ञ समिति में रिम्स रांची के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ चिकित्सकों को शामिल किया गया है। इनमें डॉ हेमंत नारायण (कार्डियोलॉजी), डॉ प्रदीप कुमार भट्टाचार्य (क्रिटिकल केयर), डॉ अजीत कुमार डुंगडुंग (मेडिसिन), डॉ अनिल कुमार कमल (सर्जरी), डॉ अंशु जणैयार (पैथोलॉजी) और डॉ अनीश कुमार चौधरी (रेडियोलॉजी) विभाग शामिल हैं। इनके साथ सदर अस्पताल के प्रतिनिधि और झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के अधिकारी भी शामिल हैं।सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब अस्पतालों का निर्माण “पेशेंट फ्लो” और ‘वर्क फ्लो’ के वैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित होगा। इसके तहत आईसीयू, ओटी, इमरजेंसी, रेडियोलॉजी सेंटर आदि को एक ही फ्लोर पर स्थापित किया जाय। ट्रॉमा सेंटर को ग्राउंड फ्लोर पर मुख्य प्रवेश द्वार के पास स्थापित किया जाएगा ताकि एम्बुलेंस को त्वरित पहुंच मिल सके। आईसीयू, ओटी और इमरजेंसी सेवाओं को एक ही फ्लोर या नजदीकी क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिससे उपचार में समय की बचत हो।संक्रमण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन थिएटर को पूर्णतः स्टेराइल जोन के रूप में विकसित किया जाएगा और साफ व गंदे क्षेत्रों का स्पष्ट विभाजन किया जाएगा। साथ ही मरीजों, अस्पताल कर्मियों और बायो-मेडिकल वेस्ट के आवागमन के लिए अलग-अलग लिफ्ट और कॉरिडोर की व्यवस्था अनिवार्य होगी।रेडियोलॉजी, लैब और ब्लड बैंक जैसी सुविधाओं को ऐसी जगह स्थापित किया जाएगा, जहां से ओपीडी और इमरजेंसी दोनों के मरीज आसानी से पहुंच सकें।नई व्यवस्था के तहत निर्माण एजेंसियों को अपने डिजाइन विशेषज्ञ समिति के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। समिति द्वारा समीक्षा और आवश्यक सुझाव दिए जाने के बाद ही भवनों के अंतिम नक्शे को मंजूरी दी जाएगी।अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह के द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस पहल को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुव्यवस्थित और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।