स्वास्थ्य विभाग की बैठक में बनी सहमति, दूसरे राज्यों के चिकित्सकों को प्रैक्टिस में सुविधा देने हेतु सरकार को भेजे जाएंगे सुझाव

झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसी क्रम में आज स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार के नोडल पदाधिकारी श्री छवि रंजन की अध्यक्षता में उनके कार्यकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने विभाग का नोडल ऑफिसर श्री छवि रंजन को बनाया है और अपर मुख्य सचिव के मार्गदर्शन में बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक में झारखंड मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. साहिर पाल, झारखंड मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार सह सचिव डॉ. विमलेश कुमार सिंह तथा स्टेट आईएमए झारखंड के प्रतिनिधि डॉ. शंभू प्रसाद उपस्थित थे।

बैठक में झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल रूल 2023 के रूल नंबर 55 की विस्तार से समीक्षा की गई। वर्तमान नियम के अनुसार झारखंड में चिकित्सा सेवा देने वाले सभी डॉक्टरों के लिए राज्य में निबंधन अनिवार्य है। इसके तहत दूसरे राज्यों से आने वाले चिकित्सकों को भी, भले ही वे पहले से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग या किसी अन्य राज्य मेडिकल काउंसिल में निबंधित हों, झारखंड में अलग से निबंधन कराना पड़ता है। बिना निबंधन के वे राज्य में प्रैक्टिस नहीं कर सकते।

बैठक में इस नियम से उत्पन्न व्यावहारिक कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सदस्यों ने कहा कि बाहर से आने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को अतिरिक्त औपचारिकताओं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिससे राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता भी प्रभावित होती है।

विमर्श के बाद इस बात पर सहमति बनी कि रूल नंबर 55 में आवश्यक संशोधन को लेकर राज्य सरकार को सुझाव भेजे जाएंगे। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य यह होगा कि दूसरे राज्यों से आने वाले योग्य एवं निबंधित डॉक्टरों को झारखंड में चिकित्सा सेवा देने में सुविधा मिल सके।

बैठक में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। यदि विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए व्यवस्था सरल होगी तो राज्य के मरीजों को भी सुपर स्पेशियलिटी और बेहतर उपचार का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिया कि प्राप्त सुझावों पर सरकार स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि चिकित्सकों के लिए प्रक्रिया सहज हो और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

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