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*विश्व तंबाकू निषेध* *दिवस-2026 पर राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित*—————————–*अभियान निदेशक ने कविता “धुएं से आज़ादी” के माध्यम से दिया नशामुक्त झारखंड का संदेश, तंबाकू नियंत्रण को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान*——————————विश्व तंबाकू निषेध दिवस-2026 के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड द्वारा राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों को सुदृढ़ करना, विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा स्वस्थ एवं तंबाकू मुक्त झारखंड के निर्माण हेतु सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित करना था।श्री शशि प्रकाश झा, के अभियान निदेशक ,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने तंबाकू के विरुद्ध जन-जागरूकता का संदेश देते हुए “धुएं से आज़ादी” शीर्षक से एक प्रेरणादायक कविता प्रस्तुत की। कविता के माध्यम से उन्होंने युवाओं से तंबाकू एवं अन्य नशों से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।कविता की प्रमुख पंक्तियां—”एक कश में क्या रखा है,ज़रा सोचो तो यारों।पल भर का नशा देकर,छीन लेता है बहारों।””बीड़ी, सिगरेट, खैनी, गुटखा,मौत के चार हथियार।फेफड़ों को काला करके,कर दे जीवन बेकार।””आओ कसम खाएं आज,31 मई के दिन।ना खुद छुएंगे, ना छूने देंगे,दोस्तों को भी रोकेंगे, बिन।””धुआँ नहीं, अब उड़ान भरो,सेहत की पतंग आसमान छुए।तम्बाकू छोड़ो, जीवन चुनो,यही है सबसे बड़ी दुआ।”अपने संबोधन में श्री झा ने कहा कि झारखंड में प्रतिवर्ष लगभग 35,000 से 40,000 कैंसर रोगियों की पहचान होती है, जिनमें 40 से 45 प्रतिशत मरीज मुख (ओरल) कैंसर से प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन मुख कैंसर का प्रमुख कारण है तथा समय रहते जागरूकता एवं रोकथाम के माध्यम से इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।*कार्यक्रम का आयोजन आईपीएच प्रेक्षागृह में किया गया।*उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज का अभियान है। तंबाकू मुक्त झारखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए “*Whole of Government*” एवं “*Whole of Society*” दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहिया, एएनएम, पंचायती राज संस्थाएं, ग्रामीण विकास विभाग, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं, शैक्षणिक संस्थान, नगरीय निकाय, सामुदायिक संगठन तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और मानसिक रूप से भी कमजोर बनाता है। नशे के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती है। उन्होंने लोगों से नशे की लत छोड़कर शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया।श्री झा ने दंत चिकित्सकों को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की अग्रिम पंक्ति का योद्धा बताते हुए कहा कि प्रत्येक दंत चिकित्सा इकाई को तंबाकू त्याग परामर्श एवं व्यवहार परिवर्तन संचार का प्रभावी केंद्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को स्वास्थ्य संवर्धन एवं तंबाकू त्याग सेवाओं के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, युवा संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, धार्मिक नेताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि तंबाकू नियंत्रण को जनभागीदारी आधारित जन-आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाएं तथा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र एवं युवा क्लबों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने की आवश्यकता है।*राज्य भर मे कुल के 1680 स्कूलो मे तंबाकू जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।* *पुलिस, शिक्षा एवं अन्य विभागों के साथ 282  प्रशिक्षण दिया गया*। *पूरे राज्य मे 208701 टीटीसी काउन्सेलिंग किया गया एवं 43308* *Pharmacotherapy किया गया*।कार्यक्रम के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। *प्रथम कार्यशाला* में डॉ. अर्पिता राय, अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची द्वारा तंबाकू सेवन से होने वाले मुख कैंसर, उसकी प्रारंभिक पहचान एवं रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी गई, जबकि श्रीमती संताना कुमारी ने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशे के दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।*द्वितीय कार्यशाला* में एनसीडी सेल द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के लिए नशामुक्ति विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें समुदाय स्तर पर परामर्श सेवाओं एवं व्यवहार परिवर्तन संचार की रणनीतियों पर चर्चा की गई।*तृतीय कार्यशाला* में सहियाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव, कैंसर एवं अन्य गैर-संचारी रोगों के जोखिम तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने में उनकी भूमिका के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक टीम द्वारा तंबाकू सेवन एवं नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। *कार्यक्रम के दौरान अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी ने स्वयं तंबाकू एवं अन्य नशे से दूर रहने की सलाह दिया ।*कार्यक्रम में  दंत चिकित्सा पदाधिकारी, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ), राज्य एवं जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम में डॉ. रवि राज (सदर अस्पताल, रांची), डॉ. अर्पिता राय (अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची), डॉ. राजीव रंजन (सदर अस्पताल, खूंटी), डॉ. लाल मांझी (राज्य नोडल पदाधिकारी, एनसीडी), डॉ. राहुल किशोर सिंह (राज्य नोडल पदाधिकारी, आईईसी सेल), डॉ. विजय किशोर रजक (राज्य नोडल पदाधिकारी, शिशु स्वास्थ्य एवं आरकेएसके), डॉ. मुकेश (राज्य नोडल पदाधिकारी, सीएम-सीपीएचसी सेल), डॉ. राजीव कुमार (आयुष चिकित्सक) सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मैत्री क्लिनिक, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा राष्ट्रीय तंबाकू त्याग हेल्पलाइन – 1800-11-2356 के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क परामर्श एवं सहायता सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।नारा“*तंबाकू को ना, जिंदगी को हाँ*”“*एक कश भी कैंसर तक ले जाए*” विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल , गोड्डा के परिसर से उपायुक्त गोड्डा एवं डॉo सुभाष चंद्र शर्मा, सिविल सर्जन, गोड्डा के द्वारा संयुक्त रूप से तंबाकू नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ कर, जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। साथ ही हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर डॉo तारा शंकर झा, उपाधीक्षक सदर अस्पताल, श्री रवि रंजन, श्री मनोज कुमार महतो , प्रबंधक -NUHM, NCD कोषांग के कर्मी, सभी BTT, अर्बन सहिया एवं सभी अस्पताल कर्मी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री के आवासीय कार्यालय में ओडिशा के म्यूरभंज एवं सुंदरगढ़ से आये प्रतिनिधिमंडल ने औपचारिक मुलाकात की *मेरे देश के युवाओं, तुम जिंदगी चुनो-तम्बाकू नहींविश्व तम्बाकू निषेध दिवस 31 मई पर विशेष।डॉ राहुल किशोर सिंह *मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नगर विकास एवं आवास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की।*

सीएचओ की भागीदारी से समुदाय में आयेगा बदलाव – डॉ॰ पुष्पा आईईसी और सीपीएचसी-आम कोषांग के सहयोग से एसबीसीसी और आईपीसी पर चैथे बैच का प्रशिक्षण शुरू। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मातृत्व स्वास्थ्य कोषांग प्रभारी डॉ पुष्पा ने कहा है कि मरीजों का पहला सम्पर्क कम्युनिटी हेल्थ आफिसर (सी-एच-ओ) से होता है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों को जनता तक पहुचाने की जिम्मेदारी में उनका प्रमुख स्थान है। डॉ पुष्पा गुरूवार को नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान में सीएचओ के लिए आयोजित दो दिवसीय आईईसी/बीसीसी प्रशिक्षण के चौथे बैच को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा की संस्थागत प्रसव, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व आश्वासन के बारे में आमजनों को जागरूक करें। उन्होंने परिवार नियोजन की विभिन्न स्थाई और अस्थाई विधियों के प्रयोग के बारे में आम जनों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करने पर बल दिया। परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरूषों की भागीदारी को बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा की संचार तकनीक का उपयोग कर क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सकता है।आईईसी कोषांग प्रभारी डॉ लाल मांझी ने कहा कि संचार के माध्यम से हम स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम को आमजनों तक अच्छे से पहुंचा सकते हैं। सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, यूट्यूब और एक्स हैन्डल के माध्यम से विश्वसनीय और प्रमाणित जानकारी हम लोगों तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर आने वाले मरीजों, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के बीच स्वच्छ आदत और स्वच्छता व्यवहार अपनाने के लिए भी जागरूक करें। यह प्रशिक्षण आईईसी और सीपीएचसी आयुष्मान आरोग मंदिर (आम) कोषांग के सहयोग से दिया जा रहा है, जिसमें तकनीकी सहयोग यूनिसेफ द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

माउथ कैंसर की रोकथाम के लिए वर्चुअल मोड में प्रशिक्षण शुरू

o एनएचएम के नर्सिंग सेल, ईसीएचओ इंडिया और झारखण्ड नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल के सहयोग से प्रारंभ किया गया है। o माउथ कैंसर की रोकथाम, पहचान और जागरूकता को बढ़ावा देने…

“पद्मश्री डॉ गिरिधारी राम गौंझू स्मृति सम्मान 2024” से सम्मानित प्राध्यापक डॉ बीरेन्द्र कुमार महतो ‘गोतिया’ का टीआरएल संकाय में किया गया स्वागत व सम्मान, वक्ताओं ने कहा -यह सम्मान डॉ बीरेन्द्र महतो के कार्यों का आकलन है

रांची : झारखंड साहित्य अकादमी संघर्ष समिति के तत्वावधान में पद्मश्री डॉ गिरिधारी राम गौंझू स्मृति सम्मान 2024 से जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय के सहायक प्राध्यापक सह इंकलाबी नौजवान…

श्री मंगल टाइल्स एवं सेनेटरी के शोरूम का भव्य उद्घाटन, केन्द्रीय रक्षा राज्यमंत्री ने कहा -बेहतर क्वालिटी के लिए अब शहर जाने की आवश्यकता नहीं

रांची : पिठोरिया के मुरहर पहार के नजदीक टाइल्स एंड सेनेटरी शोरूम का भव्य शुभ उद्घाटन किया गया। इसका विधिवत उद्घाटन केन्द्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने फीता काटकर किया।…

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 1500 नवनियुक्त स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों को सौंपा नियुक्ति पत्र, नौजवानों को अपने पैरों पर खड़ा करने का दोहराया संकल्प

शिक्षा की रोशनी से झारखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने की मुख्यमंत्री ने जताई प्रतिबद्धता ◆ मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य के गरीब बच्चों को मिलेगा क्वालिटी एजुकेशन , निजी विद्यालय…

जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय के समन्वयक डॉ हरि उरांव को दी गई विदाई

रांची विवि के जनजतीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय के वरीय प्राध्यापक सह समन्वयक डॉ हरि उरांव को  आज विदाई दी गई। श्री हरि उरांव 31 मार्च 2024 को सेवानिवृत हो…

डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल में अभिभावकों के लिए समन्वयन कार्यक्रम का आयोजन

डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल कडरू में आज नर्सरी ,एल के जी, यूकेजी,वर्ग एक तथा दो के अभिभावकों के लिए समन्वयन कार्यक्रम का आयोजन किया। सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी सह विद्यालय के…

टीआरएल संकाय के प्रीति व श्वेता ने पूरे रांची विश्वविद्यालय को किया गौरवान्वित, समन्वयक डॉ हरि उराँव ने कहा -प्रतिभा को तलाशने के लिए मंच की आवश्यकतारांची : दूरदर्शन के क्विज़ प्रतियोगिता “खुद को जाने, खुद को परखें” के तहत “भारत के स्वतंत्रता संग्राम में झारखंड की भूमिका” विषय पर केन्द्रित इस प्रतियोगिता में टीआरएल संकाय के नागपुरी विभाग के शानदार प्रदर्शन के बल पर शीर्ष स्थान पर रहने वाले सफल छात्राओं प्रीति मुण्डा और स्वेता कुमारी को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह की अध्यक्षता टीआरएल संकाय के समन्वयक डॉ हरि उराँव ने की। संचालन प्राध्यापक डॉ रीझू नायक व धन्यवाद प्राध्यापक डॉ बीरेन्द्र कुमार महतो ने किया। गौरतलब हो कि ये छात्र डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के एमएससी-आईटी, एमए राजनीति शास्त्र और आरडीकेएफ विश्वविद्यालय के एमबीए के छात्रों को पछाड़ कर 110 अंक अर्जित कर अव्वल रहें वहीं आईटी और एमबीए के छात्रों ने क्रमशः 65 और 10 अंक ही अर्जित कर सकें। संकाय के शिक्षकों ने सफल छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।डॉ हरि उराँव ने कहा कि टीआरएल संकाय के छात्रों ने जो सफलता हासिल की है उसका श्रेय हमारे संकाय के कर्मठ शिक्षकों एवं अभिभावकों को जाता है, जिन्होंने छात्रों को उचित मार्गदर्शन देकर प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि टीआरएल संकाय के छात्राओं ने यह साबित कर दिया कि हम किसी भी क्षेत्र में किसी से कम नहीं। छात्राओं ने टीआरएल संकाय के साथ साथ पूरे रांची विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया है। बेटियां किसी बेटे से कम नहीं। वे लगातार अपनी प्रतिभाओं का लोहा मनवा रही हैं।नागपुरी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ सविता केशरी ने सफल छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि परिणाम की बगैर चिंता किए नियमित एवं योजनाबद्ध तरीके से अभ्यास करते रहना चाहिए। योजना बनाकर लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में किया गया हर प्रयास हमेशा सफल होता है।डॉ उमेश नन्द तिवारी ने कहा कि प्रोत्साहन से बच्चों में ऊर्जा का संचार होता है। यही ऊर्जा बच्चों को सफलता की ओर अग्रसर करता है। ऐसे प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह का आयोजन जरूरी है।मारवाड़ी कालेज के टीआरएल के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ महेश्वर सारंगी ने सफल छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाता। जरूरत है इसे बनाए रखने की।मौके पर एस एस मेमोरियल कालेज के डॉ संजय सारंगी, डॉ बन्दे खलखो, शकुन्तला बेसरा, रवि कुमार, नेहा भगत, प्रवीण कुमार सिंह, सुखराम उराँव, श्रीकांत गोप, युवराज साहु, नमिता पूनम, सीमा कुमारी, जगदीश उरांव, प्रियंका उराँव सहित संकाय के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं छात्राएँ उपस्थित थे।

सरहुल पूर्व संध्या समारोह दीक्षांत मंडप में 10 को, विभिन्न प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभागिता के लिए 30 मार्च तक करें आवेदन

आर० आई० टी० भवन कचहरी परिसर रांची में पूर्वाहन 9:00 सरना नवयुवक संघ, केन्द्रीय समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. हरि उरांव ने की। बैठक में निर्णय लिया…

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लेता है बहारों।””बीड़ी, सिगरेट, खैनी, गुटखा,मौत के चार हथियार।फेफड़ों को काला करके,कर दे जीवन बेकार।””आओ कसम खाएं आज,31 मई के दिन।ना खुद छुएंगे, ना छूने देंगे,दोस्तों को भी रोकेंगे, बिन।””धुआँ नहीं, अब उड़ान भरो,सेहत की पतंग आसमान छुए।तम्बाकू छोड़ो, जीवन चुनो,यही है सबसे बड़ी दुआ।”अपने संबोधन में श्री झा ने कहा कि झारखंड में प्रतिवर्ष लगभग 35,000 से 40,000 कैंसर रोगियों की पहचान होती है, जिनमें 40 से 45 प्रतिशत मरीज मुख (ओरल) कैंसर से प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन मुख कैंसर का प्रमुख कारण है तथा समय रहते जागरूकता एवं रोकथाम के माध्यम से इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।*कार्यक्रम का आयोजन आईपीएच प्रेक्षागृह में किया गया।*उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज का अभियान है। तंबाकू मुक्त झारखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए “*Whole of Government*” एवं “*Whole of Society*” दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहिया, एएनएम, पंचायती राज संस्थाएं, ग्रामीण विकास विभाग, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं, शैक्षणिक संस्थान, नगरीय निकाय, सामुदायिक संगठन तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और मानसिक रूप से भी कमजोर बनाता है। नशे के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती है। उन्होंने लोगों से नशे की लत छोड़कर शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया।श्री झा ने दंत चिकित्सकों को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की अग्रिम पंक्ति का योद्धा बताते हुए कहा कि प्रत्येक दंत चिकित्सा इकाई को तंबाकू त्याग परामर्श एवं व्यवहार परिवर्तन संचार का प्रभावी केंद्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को स्वास्थ्य संवर्धन एवं तंबाकू त्याग सेवाओं के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, युवा संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, धार्मिक नेताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि तंबाकू नियंत्रण को जनभागीदारी आधारित जन-आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाएं तथा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र एवं युवा क्लबों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने की आवश्यकता है।*राज्य भर मे कुल के 1680 स्कूलो मे तंबाकू जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।* *पुलिस, शिक्षा एवं अन्य विभागों के साथ 282  प्रशिक्षण दिया गया*। *पूरे राज्य मे 208701 टीटीसी काउन्सेलिंग किया गया एवं 43308* *Pharmacotherapy किया गया*।कार्यक्रम के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। *प्रथम कार्यशाला* में डॉ. अर्पिता राय, अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची द्वारा तंबाकू सेवन से होने वाले मुख कैंसर, उसकी प्रारंभिक पहचान एवं रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी गई, जबकि श्रीमती संताना कुमारी ने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशे के दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।*द्वितीय कार्यशाला* में एनसीडी सेल द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के लिए नशामुक्ति विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें समुदाय स्तर पर परामर्श सेवाओं एवं व्यवहार परिवर्तन संचार की रणनीतियों पर चर्चा की गई।*तृतीय कार्यशाला* में सहियाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव, कैंसर एवं अन्य गैर-संचारी रोगों के जोखिम तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने में उनकी भूमिका के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक टीम द्वारा तंबाकू सेवन एवं नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। *कार्यक्रम के दौरान अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी ने स्वयं तंबाकू एवं अन्य नशे से दूर रहने की सलाह दिया ।*कार्यक्रम में  दंत चिकित्सा पदाधिकारी, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ), राज्य एवं जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम में डॉ. रवि राज (सदर अस्पताल, रांची), डॉ. अर्पिता राय (अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची), डॉ. राजीव रंजन (सदर अस्पताल, खूंटी), डॉ. लाल मांझी (राज्य नोडल पदाधिकारी, एनसीडी), डॉ. राहुल किशोर सिंह (राज्य नोडल पदाधिकारी, आईईसी सेल), डॉ. विजय किशोर रजक (राज्य नोडल पदाधिकारी, शिशु स्वास्थ्य एवं आरकेएसके), डॉ. मुकेश (राज्य नोडल पदाधिकारी, सीएम-सीपीएचसी सेल), डॉ. राजीव कुमार (आयुष चिकित्सक) सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मैत्री क्लिनिक, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा राष्ट्रीय तंबाकू त्याग हेल्पलाइन – 1800-11-2356 के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क परामर्श एवं सहायता सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।नारा“*तंबाकू को ना, जिंदगी को हाँ*”“*एक कश भी कैंसर तक ले जाए*”