Suryapath Tiranga Global Relay विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह पहल ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आयोजित की गई थी। फिजी स्थित भारतीय उच्चायोग से शुरू हुई इस रिले में एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिरंगे का संदेश दुनिया भर में पहुंचाया गया। रिले का समापन सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में तिरंगा फहराने के साथ हुआ। इस दौरान ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का भी जश्न मनाया गया। रिले में प्रवासी भारतीयों और भारत के मित्रों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
नई दिल्ली। जिंदगी जिंदाबाद
Suryapath Tiranga Global Relay सूरज की पहली किरण जब प्रशांत महासागर के द्वीपीय देश फिजी पर पड़ी, तो सुवा स्थित भारतीय उच्चायोग परिसर में फहराता तिरंगा एक नए वैश्विक इतिहास की शुरुआत कर रहा था। फिर जैसे-जैसे पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती गई, भारत की शान का यह प्रतीक भी सूरज की गति के साथ-साथ पश्चिम दिशा में आगे बढ़ता चला गया। अंततः अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर ढलती शाम के साथ ध्वजारोहण कर इस अभूतपूर्व यात्रा को सलामी दी गई।
Suryapath Tiranga Global Relay
Suryapath Tiranga Global Relay ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत पहली बार आयोजित ‘सूर्यपथ तिरंगा ग्लोबल रिले’ (Suryapath Tiranga Global Relay) का कल औपचारिक और भव्य समापन हो गया। पूर्व में फिजी से शुरू होकर पश्चिम में अमेरिका तक 54 देशों के 54 से अधिक भारतीय दूतावासों, उच्चायोगों और वाणिज्य दूतावासों से गुजरी इस रिले ने यह साबित कर दिया है कि भारत का सांस्कृतिक और कूटनीतिक दायरा अब भौगोलिक सीमाओं और समय-मंडलों (Time Zones) की बंदिशों से परे जा चुका है।
सूर्य की गति के साथ आगे बढ़ता भारत का गौरव Suryapath Tiranga Global Relay
विदेश मंत्रालय (MEA) और संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस नवोन्मेषी (Innovative) पहल की सबसे अनूठी विशेषता इसकी थीम थी—“एक सूर्योदय से अगला सूर्योदय”।
Suryapath Tiranga Global Relay जैसे-जैसे दुनिया के अलग-अलग कोनों में भोर की पहली किरण फूटी, वैसे-वैसे वहां स्थित भारतीय मिशनों में एक के बाद एक राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। प्रत्येक दूतावास ने ध्वजारोहण के बाद डिजिटल स्पेस और सोशल मीडिया के जरिए अपनी तस्वीरों को अगली लोकेशन के लिए शेयर किया, जिससे 19 घंटे से अधिक समय तक चलने वाली एक अटूट वैश्विक लड़ी तैयार हो गई।
फिजी (सुवा) ➔ एशिया-प्रशांत ➔ दक्षिण एशिया ➔ पश्चिम एशिया ➔ अफ्रीका ➔ यूरोप ➔ अमेरिका (सैन फ्रांसिस्को)
इस यात्रा के दौरान प्रशांत महासागर के द्वीपों से लेकर न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, चीन, इंडोनेशिया, दक्षिण एशिया के देशों (बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका), मध्य पूर्व (ओमान, यूएई, कतर), अफ्रीका (केन्या, दक्षिण अफ्रीका), यूरोप (जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन) और फिर अटलांटिक पार करके अमेरिका व कनाडा तक तिरंगा लगातार फहराता रहा।
‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष का ऐतिहासिक संगम Suryapath Tiranga Global Relay
इस वैश्विक रिले की महत्ता इसलिए भी कई गुना बढ़ गई क्योंकि यह ऐतिहासिक अवसर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उत्सव से भी जुड़ा था।
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