झारखंड DGP नियुक्ति मामला सुप्रीम कोर्टझारखंड DGP नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है।

झारखंड DGP नियुक्ति:

रांची/नई दिल्ली: झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) के तौर पर तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल झारखंड DGP नियुक्ति: मामले में सुप्रीम कोर्ट में 9 अक्टूबर को सुनवाई, नियुक्ति नियमावली पर मांगा जवाब तुषार मेहता ने झारखंड सरकार द्वारा डीजीपी की नियुक्ति के लिए अपनाई गई प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि राज्य सरकार ने डीजीपी नियुक्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया है।

मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को निर्धारित किए जाने की बात दी गई खबर में कही गई है। झारखंड DGP नियुक्ति: सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अदालत के नियम और केस संबंधी जानकारी उपलब्ध है।

केंद्र ने नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि झारखंड सरकार ने डीजीपी की नियुक्ति में तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया। केंद्र की ओर से नियुक्ति की वैधता पर सवाल उठाते हुए इस प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप नहीं होने का दावा किया गया।

मामले में केंद्र का पक्ष महत्वपूर्ण है क्योंकि डीजीपी की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया और उससे संबंधित नियमों की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही है।

झारखंड DGP नियुक्ति: मामले में सुप्रीम कोर्ट में 9 अक्टूबर को सुनवाई, नियुक्ति नियमावली पर मांगा जवाब

झारखंड सरकार से नियमावली की कानूनी वैधता पर जवाब

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार से डीजीपी नियुक्ति से संबंधित नियमावली की कानूनी वैधता पर जवाब मांगा है।

झारखंड सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल अदालत में पक्ष रख रहे हैं।वहीं मामले में एमिकस क्यूरी के तौर पर राजू रामचंद्रन भी जुड़े हुए हैं।

दी गई जानकारी के मुताबिक, सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने मामले को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। अगली सुनवाई में राज्य सरकार को नियुक्ति नियमावली की कानूनी वैधता से जुड़े सवाल पर अपना जवाब दाखिल करना होगा।

झारखंड DGP नियुक्ति:अगली सुनवाई में क्या होगा?

अगली सुनवाई में मुख्य रूप से झारखंड सरकार द्वारा डीजीपी नियुक्ति के लिए बनाई गई नियमावली की वैधानिक स्थिति पर चर्चा हो सकती है। राज्य सरकार की ओर से नियुक्ति की प्रक्रिया और नियमों के आधार को अदालत के सामने स्पष्ट किया जाएगा।

दूसरी ओर, केंद्र सरकार की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों पर भी अदालत विचार करेगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट मामले में आगे की दिशा तय कर सकता है।

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि डीजीपी राज्य पुलिस बल का सर्वोच्च पद होता है और उसकी नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया को लेकर राज्य और केंद्र के बीच कानूनी सवाल सुप्रीम कोर्ट के सामने हैं।

तीन जजों की पीठ कर रही सुनवाई

झारखंड DGP नियुक्ति:

इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ कर रही है। पीठ में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति वी. मोहना और न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची शामिल हैं।

सुनवाई के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। अब अगली सुनवाई में झारखंड सरकार द्वारा नियुक्ति नियमावली की कानूनी वैधता पर दाखिल किए जाने वाले जवाब पर अदालत का ध्यान रहेगा।

मामले की मुख्य बातें

  • मामला झारखंड DGP नियुक्ति से जुड़ा है।
  • तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
  • केंद्र ने नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
  • केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा।
  • झारखंड सरकार की ओर से कपिल सिब्बल पक्ष रख रहे हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार से नियुक्ति नियमावली की कानूनी वैधता पर जवाब मांगा है।
  • दी गई खबर के अनुसार अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।

जरूरी नोट

केंद्र द्वारा उठाई गई आपत्तियां और नियुक्ति की वैधता से जुड़े सवाल अदालती कार्यवाही में पक्षों द्वारा रखी गई दलीलें हैं। इन्हें अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए।

झारखंड DGP नियुक्ति: मामले में सुप्रीम कोर्ट में 9 अक्टूबर को सुनवाई, नियुक्ति नियमावली पर मांगा जवाब

https://www.sci.gov.in/

https://zindagijindabaad.com/jrsu-convocation-2026-207-students-degree-gold-medal/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *