दुर्गा पूजा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से चौकस है। पुलिस के आलाधिकारियों द्वारा संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। एसपी रिशमा रामेशन के निर्देश पर शुक्रवार की शाम सार्जेंट मेजर आशीष मोमित कुजूर, शहर थाना प्रभारी अभय कुमार सिन्हा संयुक्त रूप से रूटचार्ट के अनुसार जिला मुख्यालय में पुलिस द्वारा दुर्गापूजा को सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने को लेकर फ्लैग मार्च निकाल लोगों से शातिपूर्ण माहौल में पर्व को मनाने की अपील की गई। इस दौरान शाति सौहार्द के बीच त्योहार मनाने की अपील की गई। फ्लैग मार्च थाना रोड़, पंचमुहान, सतार सिंह चौक, मुस्लिम नगर, कन्नीराम चौक, धोबी मोहल्ला, छ: मुहान समेत पूरे बाजार क्षेत्र के हर गली मोहल्लों का भ्रमण करते हुए वापस शहर थाना पहुंची। असामाजिक तत्वों एवं उपद्रवियों को सबक सिखाने की नीयत से निकाले गए फ्लैग मार्च में सशस्त्र जवान सड़क पर कतारबद्ध होकर चल रहे थे। बता दें कि दुर्गापूजा को लेकर इलाके के असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर पुलिस की पैनी निगाह है। इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बलों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। मौके पर सार्जेंट विमल कुमार, सार्जेंट मेरी खलखो, पुलिस निरीक्षक कमलेश कुमार, एसआई ऋषिकेश राय, राजेश लोहरा, जितेंद्र कुमार, महावीर एक्वा, टिओपी एक प्रभारी रेवा शंकर राणा, ट्रैफिक प्रभारी रंजीत सिंह, एएसआई जैनेंद्र कुमार पांडे, अनिल कुमार शिव कुमार, शमाल अहमद आदि शामिल थे।

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*दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण, पत्नी श्रीमती रूपी सोरेन ने ग्रहण किया सम्मान*झारखंड की धरती के महान जननायक और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म भूषण से नवाजा गया। यह सम्मान उनके दीर्घकालिक सामाजिक, राजनीतिक और आदिवासी अधिकारों के संघर्ष को मान्यता देता है। नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन  में आयोजित गरिमामय समारोह में उनकी पत्नी श्रीमती रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया।शिबू सोरेन ने झारखंड आंदोलन के प्रमुख वास्तुकार होने के साथ-साथ आदिवासी समाज के हक, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनके योगदान ने न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश में वंचित समुदायों को सशक्त करने की राह दिखाई।सम्मान ग्रहण करते हुए रूपी सोरेन भावुक दिखीं और उन्होंने इसे पूरे झारखंड एवं आदिवासी समाज के लिए गर्व का क्षण बताया। इस अवसर पर देशभर के राजनीतिक और सामाजिक नेताओं ने दिशोम गुरु को सम्मान अर्पित करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।सम्मान समारोह में माननीय गन्दे विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं। यह सम्मान शिबू सोरेन के संघर्षमय जीवन और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।