रांची: रिम्स रांची के चिकित्सकों ने एक 9 वर्षीय बच्ची को गंभीर स्थिति से बाहर निकालकर नया जीवन दिया है। बच्ची टाइप-1 डायबिटीज की गंभीर इमरजेंसी और अचानक किडनी फेल्योर की शिकायत के साथ रिम्स में भर्ती कराई गई थी। भर्ती के समय उसकी हालत बेहद नाजुक थी और वह खुद सांस भी नहीं ले पा रही थी, जिसके बाद उसे तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया।
शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. पीके चौधरी के मार्गदर्शन में नेफ्रोलॉजी विभाग की डॉ. प्रज्ञा पंत और डॉ. उत्कर्ष मिश्रा की टीम ने बच्ची का इलाज शुरू किया। डॉक्टरों की मॉनिटरिंग में बच्ची 12 दिनों तक वेंटिलेटर पर रही। किडनी के काम न करने की वजह से उसका चार बार डायलिसिस भी किया गया।
रिम्स की मेडिकल टीम के निरंतर प्रयासों से बच्ची की हालत में धीरे-धीरे सुधार हुआ और उसे वेंटिलेटर से हटा लिया गया। वर्तमान में उसकी किडनी की जांच रिपोर्ट में काफी सुधार आया है और वह खुद से सांस ले पा रही है। अब बच्ची सामान्य रूप से भोजन कर रही है और इंसुलिन के जरिए उसका ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित है।चिकित्सकों ने बच्ची को डिस्चार्ज करने की तैयारी कर ली है, हालांकि अस्पताल से छुट्टी के बाद भी उसकी किडनी की सेहत पर नजर रखी जाएगी। बच्ची के परिजनों ने इस सफल इलाज और बच्ची की जान बचाने के लिए रिम्स के डॉक्टरों और पूरी मेडिकल टीम का दिल से आभार जताया है।