दिनांक 04 नवंबर 2026 को पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 1:00 बजे तक राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर पांचवीं BLO-BLA2 बैठक एवं पांचवीं चुनाव पाठशाला आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य SIR प्रक्रिया में सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिसमें राजनीतिक दलों की ओर से उनके BLA-2 तथा आम जनता की सहभागिता भी शामिल है। साथ ही, इस बैठक के माध्यम से SIR प्रक्रिया का सतत ऑडिट एवं प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। उक्त बैठक का एजेंडा (1) ऐसे सभी मतदाताओं के संबंध में चर्चा करना, जिन्होंने संबंधित मतदान केंद्र के BLO द्वारा दूसरा नोटिस दिए जाने एवं घर जाकर सत्यापन किए जाने के बावजूद नोटिस एवं सुनवाई की औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं। (2) ऐसे सभी पात्र नागरिकों की सूची तैयार करना, जिनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं है अथवा जिन्होंने 01 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष या उससे अधिक आयु प्राप्त करने के बावजूद फॉर्म-6 जमा नहीं किया है।
SIR प्रक्रिया भारत के संविधान के अनुच्छेद 326, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 तथा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत संचालित की जा रही है। नो-मैपिंग एवं लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के कारण उत्पन्न नोटिस वाले मामलों में नोटिस एवं सुनवाई की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में उपरोक्त बैठक के दौरान उन सभी मतदाताओं के मामलों पर चर्चा की जानी है, जिन्होंने सुनवाई की औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं। सुनवाई की औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारणों सहित प्रत्येक मतदाता के संबंध में बैठक की कार्यवाही में उचित टिप्पणी दर्ज की जानी है। दो नोटिस जारी किए जाने एवं BLO द्वारा घर जाकर सत्यापन किए जाने के बावजूद सुनवाई की प्रक्रिया पूरी नहीं होने वाले निम्नलिखित मामलों पर बैठक में चर्चा कर उन्हें कार्यवाही विवरण में दर्ज किया जाना है:
*(1) प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अनुपस्थित/अप्राप्य व्यक्ति/मतदाता (Absent/Untraceable Persons/Electors):* इस प्रकार के मामले सामने आने की संभावना कम है, क्योंकि हाल ही में सभी मतदाताओं ने स्वयं अथवा उनके परिवार के किसी सदस्य या रिश्तेदार ने उनकी ओर से गणना प्रपत्र (Enumeration Form) जमा किया है। ऐसे मामलों में, जहां संपर्क का कोई माध्यम उपलब्ध नहीं है अथवा संबंधित मतदाता का पता नहीं चल पा रहा है, वहां बैठक की कार्यवाही में कारण दर्ज करने के बाद निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO)/सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) द्वारा कानून के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार नाम विलोपन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
यदि कोई मतदाता शिक्षा, रोजगार अथवा किसी अन्य कारण से अपने सामान्य निवास स्थान से अस्थायी रूप से अनुपस्थित है, तो उससे फोन, वीडियो कॉल अथवा ऑनलाइन माध्यम से संपर्क कर सुनवाई की औपचारिकताएं पूरी कराई जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, उसकी ओर से परिवार का कोई सदस्य अथवा रिश्तेदार सुनवाई की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए दस्तावेज जमा कर सकता है। इस पूरी प्रक्रिया को बैठक की कार्यवाही में उचित रूप से दर्ज किया जाना है।
*(2) प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद स्थायी रूप से स्थानांतरित व्यक्ति/मतदाता (Permanently Shifted Persons/Electors):* ऐसे बहुत कम मतदाता हो सकते हैं, जिन्होंने गणना प्रपत्र जमा करने के बाद अपना निवास स्थान बदल लिया हो। ऐसे सभी मामलों में वर्तमान विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, जहां संबंधित मतदाता पंजीकृत है अथवा जिसका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल है या जहां उसने फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन किया है, उसका विवरण बैठक की कार्यवाही में दर्ज किया जाना है।
*(3) गणना प्रपत्र जमा करने के बाद मृत्यु के मामले (Death Cases After Submission of Enumeration Form):* ऐसे बहुत कम मतदाता हो सकते हैं, जिनकी गणना प्रपत्र जमा करने के बाद मृत्यु हो गई हो। ऐसे मामलों में उनकी मृत्यु की तिथि बैठक की कार्यवाही में दर्ज की जानी है। साथ ही, BLO द्वारा रिकॉर्ड के उद्देश्य से परिवार के सदस्यों से उपलब्ध होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाना है।
*(4) एक से अधिक गणना प्रपत्र जमा करने वाले व्यक्ति/मतदाता (Multiple Enumeration Form Submitted Persons/Electors):* प्रत्येक पात्र नागरिक का पंजीकरण केवल एक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में तथा उस विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में भी एक समय में केवल एक मतदान केंद्र पर मतदाता के रूप में किया जा सकता है। ऐसे बहुत कम मतदाता हैं, जिन्होंने एक से अधिक मतदान केंद्रों पर गणना प्रपत्र जमा किया है और जिन्हें नोटिस जारी किया गया है। ऐसे सभी मामलों में वर्तमान विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, जहां संबंधित मतदाता पंजीकृत है अथवा जिसका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल है, उसका विवरण बैठक की कार्यवाही में दर्ज किया जाना है।
*(5) विविध मामले/समस्याएं (Miscellaneous Cases/Issues):* इस श्रेणी के अंतर्गत कुछ उप-श्रेणियां शामिल हैं:
*a. नोटिस का जवाब देने से इनकार करने वाले (Refused to Respond to Notices):* कुछ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में ऐसे मतदाता हैं, जो मतदाता सूची में अपना पंजीकरण नहीं कराना चाहते हैं। वहीं, कुछ ऐसे व्यक्ति भी हैं, जो अस्वस्थ मानसिक स्थिति आदि कारणों से नोटिस एवं सुनवाई की प्रक्रिया में भाग लेने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे सभी व्यक्तियों के नाम एवं उनके संबंधित कारण बैठक की कार्यवाही में दर्ज किए जाने हैं।
*b. कानूनी रूप से भारत में प्रवास करने वाले विदेशी नागरिक (Legal Immigrant Foreign Nationals):* कुछ विदेशी नागरिक विवाह, रोजगार अथवा अन्य कारणों से कानूनी रूप से भारत में प्रवास कर किसी मतदान केंद्र के क्षेत्र में रह रहे हैं, लेकिन उन्हें निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ है अथवा वे स्वयं मतदाता के रूप में पंजीकरण कराना चाहते हैं।
ऐसे व्यक्ति हमारे देश में मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हो सकते, क्योंकि भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अनुसार केवल भारतीय नागरिक ही हमारे देश में मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं। ऐसे व्यक्तियों को सलाह दी जानी है कि यदि वे पात्र हैं, तो मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन करने से पहले भारत सरकार के सक्षम प्राधिकार अर्थात गृह मंत्रालय के समक्ष नागरिकता अधिनियम, 1955 एवं इसके संशोधनों के तहत भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए www.indiancitizenshiponline.nic.in के माध्यम से आवेदन करें। ऐसे सभी व्यक्तियों के नाम एवं उनके संबंधित कारण बैठक की कार्यवाही में दर्ज किए जाने हैं।
*c. अवैध रूप से भारत में प्रवास करने वाले विदेशी नागरिक (Illegal Immigrant Foreign Nationals):* कुछ विदेशी नागरिक विवाह, रोजगार अथवा अन्य कारणों से अवैध रूप से भारत में प्रवास कर किसी मतदान केंद्र के क्षेत्र में रह रहे हैं, लेकिन उन्हें निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ है अथवा वे स्वयं मतदाता के रूप में पंजीकरण कराना चाहते हैं। ऐसे व्यक्ति हमारे देश में मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हो सकते, क्योंकि भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अनुसार केवल भारतीय नागरिक ही हमारे देश में मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं।
ऐसे व्यक्तियों को सलाह दी जानी है कि यदि वे पात्र हैं, तो मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन करने से पहले भारत सरकार के सक्षम प्राधिकार अर्थात गृह मंत्रालय के समक्ष नागरिकता अधिनियम, 1955 एवं इसके संशोधनों, विशेष रूप से नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए www.indiancitizenshiponline.nic.in के माध्यम से आवेदन करें। ऐसे सभी व्यक्तियों के नाम एवं उनके संबंधित कारण बैठक की कार्यवाही में दर्ज किए जाने हैं।
*d. भारत में रह रहे शरणार्थी (Refugees Living in India):* कुछ विदेशी नागरिक स्वतंत्रता के बाद विभिन्न अवधियों में शरणार्थी के रूप में भारत आए थे और उन्हें भारत सरकार के सक्षम प्राधिकार अर्थात गृह मंत्रालय द्वारा नागरिकता प्रमाण पत्र (Certificate of Citizenship) के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्रदान की गई थी। यदि किसी व्यक्ति के पास सक्षम प्राधिकार द्वारा जारी नागरिकता प्रमाण पत्र उपलब्ध है, तो वह मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकता है। उनके पुत्र एवं पुत्रियां भी मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं, क्योंकि वे हमारे देश के नागरिक हैं और उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज किया जाना है।
यदि किसी शरणार्थी के पास सक्षम प्राधिकार द्वारा जारी नागरिकता प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे व्यक्तियों को सलाह दी जानी है कि यदि वे पात्र हैं, तो मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन करने से पहले भारत सरकार के सक्षम प्राधिकार अर्थात गृह मंत्रालय के समक्ष नागरिकता अधिनियम, 1955 एवं इसके संशोधनों, विशेष रूप से नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए www.indiancitizenshiponline.nic.in के माध्यम से आवेदन करें। ऐसे सभी व्यक्तियों के नाम एवं उनके संबंधित कारण बैठक की कार्यवाही में दर्ज किए जाने हैं।
उपरोक्त के अतिरिक्त, यदि भारत के ऐसे पात्र नागरिक, जिनका जन्म भारत में हुआ है तथा जिनके माता-पिता का जन्म भी भारत में हुआ है, सुनवाई की औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पाए हैं और वे संबंधित मतदान केंद्र के क्षेत्र में निवास कर रहे हैं, तो उनके नाम बैठक की कार्यवाही में दर्ज किए जाने हैं। इस सूची को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को सौंपा जाना है, ताकि कानून के मौजूदा प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
झारखंड के सभी मतदान केंद्र क्षेत्रों में पात्र नागरिकों की पहचान के लिए होम-टू-रोल सत्यापन अभियान संचालित किया जा रहा है। ऐसे में इस बैठक का उपयोग इन पात्र नागरिकों की पहचान करने के लिए किया जाना है। उन्हें मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने हेतु फॉर्म-6 भरने के लिए प्रेरित, मार्गदर्शित, सूचित एवं आवश्यक सहायता प्रदान की जानी है।
ऐसे मतदाताओं की सूची बैठक की कार्यवाही में दर्ज की जानी है। यदि मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए उनके पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो BLO एवं ERO/AERO द्वारा ऐसे सभी पात्र नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में सहायता प्रदान की जानी है।