रांची: बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से झारखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है और आसमान में बादल छाए हुए हैं। राजधानी रांची में भी बारिश का दौर जारी रहा। अखबार की रिपोर्ट के अनुसार रांची में 9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि राज्य में सबसे अधिक 43.5 मिमी बारिश बहरागोड़ा में हुई। मौसम विभाग ने आज भी राज्य के सात जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार 25 सितंबर को झारखंड के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। रांची के लिए भी आज आमतौर पर बादल छाए रहने और कुछ दौर में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में रांची में अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री रहने का अनुमान है। साथ ही 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है।

राज्य में बारिश की स्थिति को देखा जाए तो इस मानसून सीजन में अब तक कुल बारिश सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम है। एक जून से 24 सितंबर तक झारखंड में सामान्य रूप से 984.7 मिमी बारिश होने की उम्मीद रहती है, जबकि इस अवधि में 935.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी राज्य में बारिश की कमी बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन जिलावार आंकड़ों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है।

रांची में स्थिति इसके उलट है। राजधानी में इस अवधि में सामान्य बारिश करीब 1003.2 मिमी मानी गई है, जबकि अब तक 1127 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। इस तरह रांची में सामान्य से करीब 12 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। यानी जहां राज्य के कुछ जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है, वहीं राजधानी रांची समेत कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

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बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदला मौसम

झारखंड में मौजूदा बारिश की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बना मौसम तंत्र है। इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बादल सक्रिय हुए और बारिश की गतिविधियां बढ़ीं। मौसम विभाग ने पहले ही दक्षिणी और मध्य झारखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई थी। 24 सितंबर को दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने और 25 सितंबर को बारिश की गतिविधि उत्तर-पश्चिमी झारखंड की ओर बढ़ने का अनुमान बताया गया था।

मौसम विभाग के मुताबिक इस सिस्टम के प्रभाव से झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवा की स्थिति बन सकती है। 24 सितंबर को रांची समेत कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए अलर्ट जारी किया गया था। 25 सितंबर को भी राज्य में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। IMD के झारखंड सब-डिविजन वार्निंग में 25 सितंबर के लिए भारी बारिश तथा गरज और बिजली की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राज्य के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। कहीं तेज बारिश हुई तो कहीं केवल हल्की फुहारें पड़ीं। कई इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलीं।

रांची में 9 मिमी बारिश, तापमान में भी गिरावट

राजधानी रांची में बारिश के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिली है। अखबार की रिपोर्ट में रांची में 9 मिमी बारिश दर्ज होने की बात कही गई है। वहीं IMD के आंकड़ों में 24 सितंबर को रांची में पिछले 24 घंटे में 52 मिमी बारिश दर्ज की गई थी और अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.2 डिग्री कम था।

इससे साफ है कि राजधानी में मौसम ने अचानक करवट ली है। सामान्य दिनों में सितंबर के अंतिम सप्ताह में दिन के समय गर्मी महसूस होती है, लेकिन बारिश और बादलों की वजह से दिन का तापमान नीचे आया है।

IMD के अनुसार 25 सितंबर को रांची में अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री रहने का अनुमान है। आसमान में सामान्य रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

सात जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

अखबार की कटिंग के अनुसार आज झारखंड के सात जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, हजारीबाग और लातेहार शामिल हैं।

इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा आसपास के जिलों में भी बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

येलो अलर्ट का अर्थ यह नहीं है कि पूरे जिले में लगातार भारी बारिश होगी। इसका मतलब मौसम की प्रतिकूल स्थिति की संभावना है और लोगों को मौसम पर नजर रखने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है।

खासकर जिन इलाकों में पहले से जलजमाव है, निचले क्षेत्र हैं या जहां छोटी नदियां और नाले हैं, वहां बारिश बढ़ने पर परेशानी हो सकती है।

बहरागोड़ा में सबसे ज्यादा 43.5 मिमी बारिश

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार पिछले दौर में राज्य में सबसे अधिक बारिश बहरागोड़ा में 43.5 मिमी दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि बारिश पूरे राज्य में एक समान नहीं हुई है।

किसी जिले में भारी बारिश हुई तो दूसरे जिले में अपेक्षाकृत कम बारिश दर्ज की गई। यही वजह है कि राज्य का औसत आंकड़ा सामान्य के आसपास होने के बावजूद कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है।

बारिश का यह असमान वितरण झारखंड के मौसम की बड़ी विशेषता है। एक ही मौसम प्रणाली के दौरान किसी क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है जबकि कुछ दूरी पर स्थित दूसरे क्षेत्र में केवल हल्की बारिश होती है।

मौसम विभाग भी अपने पूर्वानुमान में अक्सर जिला स्तर पर अलग-अलग चेतावनी जारी करता है, क्योंकि बारिश की तीव्रता हर जगह समान नहीं होती।

राज्य में अब भी सामान्य से 5 प्रतिशत कम बारिश

एक जून से 24 सितंबर तक झारखंड में सामान्य रूप से 984.7 मिमी बारिश होती है। अखबार की रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में अब तक 935.7 मिमी बारिश हुई है।

इस तरह राज्य में बारिश सामान्य से लगभग 5 प्रतिशत कम है।

हालांकि पांच प्रतिशत की कमी को बहुत बड़ा अंतर नहीं माना जा सकता, लेकिन जिलावार आंकड़ों को देखने पर स्थिति अलग नजर आती है। कुछ जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है, जबकि कुछ जिलों में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है।

यानी राज्य के औसत आंकड़े के पीछे बारिश का क्षेत्रीय वितरण काफी अलग है।

रांची में सामान्य से 12 प्रतिशत ज्यादा बारिश

राजधानी रांची में इस मानसून सीजन के दौरान सामान्य से अधिक बारिश हुई है।

रांची में एक जून से 24 सितंबर तक सामान्य बारिश करीब 1003.2 मिमी होती है। इसके मुकाबले अब तक 1127 मिमी बारिश हो चुकी है।

इस हिसाब से रांची में सामान्य से लगभग 12 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।

राजधानी में अधिक बारिश का असर शहर के निचले इलाकों, सड़क यातायात, नालियों और जलनिकासी व्यवस्था पर पड़ सकता है। लगातार बारिश होने पर कई स्थानों पर जलजमाव की स्थिति भी पैदा हो सकती है।

बारिश के दौरान ट्रैफिक की गति धीमी होने के साथ-साथ सड़कों पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी पड़ती है।

पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 43 प्रतिशत ज्यादा बारिश

अखबार की रिपोर्ट में पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से करीब 43 प्रतिशत अधिक बारिश होने की बात कही गई है।

यह राज्य के उन इलाकों में शामिल है जहां इस सीजन में बारिश सामान्य से काफी अधिक रही है।

पश्चिमी सिंहभूम के कई हिस्सों में जंगल और पहाड़ी क्षेत्र हैं। यहां लगातार बारिश होने पर छोटी नदियों और जलधाराओं का जलस्तर बढ़ सकता है। ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हो सकता है।

हालांकि किसी जिले में अधिक बारिश का मतलब यह नहीं है कि हर इलाके में समान मात्रा में बारिश हुई है। जिला औसत के भीतर भी बारिश का वितरण अलग-अलग हो सकता है।

सरायकेला-खरसावां में 17 प्रतिशत अधिक बारिश

सरायकेला-खरसावां जिले में भी सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। अखबार की रिपोर्ट के अनुसार यहां सामान्य से करीब 17 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।

बारिश का असर खेती, जलस्रोत और स्थानीय जलनिकासी व्यवस्था पर अलग-अलग तरीके से पड़ सकता है। पर्याप्त बारिश कृषि के लिए उपयोगी हो सकती है, लेकिन कम समय में बहुत अधिक बारिश होने पर जलभराव और कटाव की समस्या भी पैदा हो सकती है।

लातेहार में 13 प्रतिशत ज्यादा बारिश

लातेहार में सामान्य से करीब 13 प्रतिशत अधिक बारिश होने की बात रिपोर्ट में कही गई है।

लातेहार भी झारखंड के ऐसे जिलों में है जहां पहाड़ी और वन क्षेत्र बड़ी मात्रा में हैं। ऐसे इलाकों में भारी बारिश के दौरान सड़क पर पानी का बहाव तेज हो सकता है।

जिन क्षेत्रों में पहाड़ी रास्ते हैं, वहां वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने के साथ सड़क पर मिट्टी या छोटे पत्थर आने की संभावना भी रहती है।

पूर्वी सिंहभूम में 7 प्रतिशत अधिक बारिश

पूर्वी सिंहभूम में भी सामान्य से अधिक बारिश हुई है। रिपोर्ट के अनुसार यहां सामान्य से करीब 7 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

जमशेदपुर और आसपास के शहरी क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में भी लगातार बारिश का असर यातायात और रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ सकता है।

मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में गरज और तेज हवा की संभावना भी जताई है।

सरायकेला में 17 प्रतिशत अधिक बारिश

सरायकेला क्षेत्र में भी सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है। बारिश के इस अंतर का असर स्थानीय जलस्रोतों और कृषि गतिविधियों पर देखा जा सकता है।

हालांकि भारी बारिश के दौरान प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती जलभराव, सड़क संपर्क और बिजली व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने की होती है।

कुछ जिलों में अब भी बारिश की कमी

जहां रांची और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, वहीं राज्य के कुछ जिलों में बारिश अभी भी सामान्य से कम है।

रिपोर्ट के अनुसार पाकुड़, चतरा, देवघर, गुमला, साहिबगंज, पलामू, गढ़वा, हजारीबाग और कोडरमा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

इससे पता चलता है कि झारखंड में बारिश का वितरण असमान है।

किसी क्षेत्र में अधिक बारिश होने के बावजूद दूसरे क्षेत्र में बारिश की कमी रह सकती है। इसलिए केवल राज्य के कुल औसत से किसी जिले की वास्तविक स्थिति का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।

पलामू और गढ़वा में आज विशेष नजर

आज भारी बारिश के अलर्ट वाले जिलों में पलामू और गढ़वा भी शामिल हैं।

इन जिलों में पहले से बारिश की स्थिति और स्थानीय जलस्रोतों को देखते हुए प्रशासन तथा आम लोगों को मौसम पर नजर रखने की जरूरत है।

भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भर सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है।

लोगों को ऐसे स्थानों पर जाने से बचना चाहिए जहां पानी का बहाव तेज हो।

हजारीबाग और कोडरमा में भी बारिश की संभावना

हजारीबाग और कोडरमा में भी आज भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 25 सितंबर को उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधि बढ़ने की बात कही गई थी। विशेष रूप से हजारीबाग, कोडरमा और गिरिडीह जैसे जिलों में बारिश की संभावना बताई गई थी।

इन जिलों में बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन बढ़ सकती है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

गिरिडीह में भी बदलेगा मौसम

गिरिडीह में भी आज बारिश की संभावना बनी हुई है।

जिले में अगर भारी बारिश होती है तो स्थानीय नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थिति बदल सकती है।

बारिश के दौरान बिजली गिरने की संभावना भी रहती है। इसलिए खुले मैदान, पेड़ के नीचे और जलाशय के आसपास जाने से बचना सुरक्षित माना जाता है।

लातेहार में भी बारिश का अलर्ट

लातेहार को भी भारी बारिश वाले जिलों में शामिल किया गया है।

पहाड़ी और वन क्षेत्रों वाले इलाकों में भारी बारिश के दौरान यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता होती है।

सड़क पर अचानक पानी आने या पेड़ की शाखाएं गिरने की स्थिति में वाहन चालकों को गति कम रखनी चाहिए।

गरज और बिजली के साथ तेज हवा की चेतावनी

बारिश के साथ मौसम विभाग ने गरज, बिजली और तेज हवा की भी चेतावनी दी है।

रांची के लिए 25 सितंबर को 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवा के साथ गरज और बिजली की संभावना बताई गई है। 26 सितंबर को भी गरज के साथ तेज हवा चलने की संभावना है, हालांकि हवा की गति करीब 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है।

ऐसे मौसम में बिजली के खंभों, बड़े पेड़ों, होर्डिंग और कमजोर निर्माण के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।

किसानों के लिए बारिश का असर

झारखंड की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। ऐसे में मानसून की बारिश का कृषि गतिविधियों पर सीधा असर पड़ता है।

जहां बारिश कम हुई है, वहां अतिरिक्त बारिश से मिट्टी में नमी की स्थिति बेहतर हो सकती है। लेकिन जिन क्षेत्रों में पहले ही सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है, वहां लगातार बारिश से खेतों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।

धान जैसी फसल के लिए पानी जरूरी है, लेकिन अत्यधिक पानी लंबे समय तक खेत में जमा रहने पर फसल को नुकसान भी हो सकता है।

इसलिए किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर बारिश की मात्रा और खेतों में पानी की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण है।

शहरों में जलजमाव की चुनौती

रांची समेत राज्य के बड़े शहरों में लगातार बारिश होने पर जलजमाव की समस्या सामने आ सकती है।

शहरी इलाकों में बारिश का पानी तेजी से निकालने के लिए नालियों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है।

यदि कम समय में बहुत अधिक बारिश हो जाए तो सामान्य जलनिकासी क्षमता से ज्यादा पानी जमा हो सकता है।

रांची में इस मानसून सामान्य से अधिक बारिश दर्ज होने के कारण आने वाले बारिश वाले दिनों में शहर के निचले इलाकों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी।

यातायात पर भी पड़ सकता है असर

बारिश के कारण सड़कों पर दृश्यता कम हो सकती है। सड़क गीली होने से ब्रेक लगाने में सामान्य से अधिक दूरी लग सकती है और फिसलन बढ़ सकती है।

तेज हवा की स्थिति में दोपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी बढ़ सकती है।

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।

खासकर भारी बारिश और गरज के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और वाहन की गति नियंत्रित रखना सुरक्षित विकल्प है।

बिजली गिरने के दौरान सावधानी जरूरी

झारखंड में मानसून के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं भी चिंता का विषय रहती हैं।

बारिश और गरज के समय खुले मैदान में खड़े रहने से बचना चाहिए। पेड़ के नीचे शरण लेना भी सुरक्षित नहीं माना जाता, क्योंकि बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ के आसपास खतरा बढ़ सकता है।

यदि व्यक्ति बाहर है तो सुरक्षित भवन में जाना बेहतर है।

बिजली की गरज सुनाई देने पर खुले जलाशय, खेत या ऊंचे स्थान से दूर रहना चाहिए।

अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं होगा

IMD के रांची पूर्वानुमान के अनुसार 25 और 26 सितंबर को बादल छाए रहने के साथ बारिश या गरज के साथ बौछारें जारी रह सकती हैं। 27 सितंबर को भी बारिश या गरज की संभावना है। इसके बाद 28 से 30 सितंबर के दौरान बारिश की संभावना बनी रह सकती है, हालांकि IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में उन दिनों कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है।

झारखंड के लिए IMD की 24 सितंबर की सब-डिविजन चेतावनी में 25 सितंबर को भारी बारिश तथा 26 और 27 सितंबर को गरज और बिजली की संभावना दर्ज की गई थी। 28 सितंबर से विशेष चेतावनी नहीं दी गई है।

इसका मतलब यह है कि बारिश का सिलसिला तुरंत पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है, लेकिन हर दिन बारिश की तीव्रता समान रहेगी, ऐसा भी जरूरी नहीं है।

मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर रखना जरूरी

मौसम में तेजी से बदलाव होने की स्थिति में लोगों को स्थानीय प्रशासन और IMD के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

भारी बारिश के दौरान नदी, नाला, डैम, जलप्रपात या अन्य जलस्रोतों के पास जाने से बचना चाहिए।

झारखंड प्रशासन ने बारिश के दौरान जलप्रपातों और पर्यटन स्थलों पर जाने वाले लोगों के लिए भी सुरक्षा संबंधी सावधानी बरतने की सलाह दी है। 24 सितंबर को राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों को सावधान रहने की सलाह दी थी।

मौसम का असर सामान्य जनजीवन पर

लगातार बादल और बारिश से सामान्य जनजीवन पर कई तरह का असर पड़ सकता है।

स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, बाजार में काम करने वाले लोगों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

बारिश के दौरान ट्रैफिक धीमा होने से यात्रा का समय बढ़ सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों पर भी आवागमन प्रभावित हो सकता है।

हालांकि बारिश कृषि और जलस्रोतों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

इस बार मानसून का असमान वितरण

झारखंड में इस साल की बारिश का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका असमान वितरण है।

राज्य का कुल आंकड़ा सामान्य से केवल करीब पांच प्रतिशत कम है, लेकिन अलग-अलग जिलों की स्थिति काफी अलग है।

रांची में 12 प्रतिशत अधिक बारिश, पश्चिमी सिंहभूम में 43 प्रतिशत अधिक और सरायकेला-खरसावां में 17 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज होने के बावजूद पाकुड़, चतरा, देवघर, गुमला, साहिबगंज, पलामू, गढ़वा, हजारीबाग और कोडरमा जैसे जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है।

यही वजह है कि मौसम विभाग का जिला आधारित पूर्वानुमान आम लोगों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।

आज कैसा रहेगा रांची का मौसम

आज रांची में आसमान सामान्य रूप से बादलों से ढका रहने की संभावना है। कुछ दौर में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

IMD के अनुसार अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री रहने का अनुमान है। गरज के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा चल सकती है।

इसलिए दोपहिया वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

आज किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए

भारी बारिश और तेज हवा के दौरान खास तौर पर दोपहिया वाहन चालकों को सावधानी रखनी चाहिए।

बिजली गिरने की संभावना के दौरान किसान, निर्माण मजदूर, खुले मैदान में काम करने वाले कर्मचारी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की चेतावनी पर ध्यान देना चाहिए।

पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए और तेज हवा के दौरान कमजोर होर्डिंग या अस्थायी ढांचे के आसपास नहीं रहना चाहिए।

निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार बारिश होने पर जलभराव की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।

निष्कर्ष

झारखंड में बंगाल की खाड़ी से बने मौसम तंत्र का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और बारिश का दौर जारी है। रांची में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है, जबकि राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश का वितरण काफी असमान रहा है।

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार रांची में 9 मिमी बारिश हुई और बहरागोड़ा में सबसे ज्यादा 43.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। राज्य में एक जून से 24 सितंबर तक 935.7 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य 984.7 मिमी के मुकाबले करीब पांच प्रतिशत कम है। वहीं रांची में सामान्य से करीब 12 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है।

आज गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, हजारीबाग और लातेहार में भारी बारिश की संभावना को लेकर येलो अलर्ट बताया गया है। वहीं IMD के वर्तमान पूर्वानुमान के अनुसार 25 सितंबर को झारखंड में भारी बारिश के साथ गरज और बिजली की स्थिति बन सकती है। रांची में भी बादल और बारिश के दौर जारी रहने की संभावना है।

अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधि धीरे-धीरे बदल सकती है। इसलिए लोगों के लिए जरूरी है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट देखते रहें और भारी बारिश, तेज हवा तथा बिजली चमकने के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।

खासकर येलो अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों को नदी, नाला, जलाशय, जलप्रपात और निचले इलाकों में जाने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को बारिश के दौरान गति कम रखनी चाहिए और सड़क पर जलभराव वाले स्थानों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

इस समय झारखंड के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राज्य में कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य के करीब है, लेकिन जिलावार बारिश में काफी अंतर है। आने वाले दिनों की बारिश से यह अंतर और बदल सकता है। इसलिए मौसम विभाग की जिला-स्तरीय चेतावनियां और स्थानीय प्रशासन के निर्देश आम लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहेंगे।

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