रांची: साहिबगंज जिले के बरहेट विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के दौरान कथित गड़बड़ियों का मामला सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीर बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और एसआईआर के प्रदेश संयोजक राकेश प्रसाद ने मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए कहा कि बरहेट में पुनरीक्षण कार्य के दौरान मतदाता सूची की शुचिता और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मामले में मिता देवी का नाम बदलकर मतदाता सूची में फातिमा बीबी दर्ज कर दिया गया, वहीं पिता के नाम की जगह नेजामुद्दीन मोमिन का नाम दर्ज पाया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही आधार संख्या पर दो अलग-अलग नामों से दस्तावेज तैयार किए जाने की शिकायत सामने आई है।
इसे महज एक साधारण लिपिकीय त्रुटि मानने से इनकार करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि यह पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार है। लोकतंत्र की बुनियाद मतदाता सूची में इस तरह के बदलाव या फर्जीवाड़ा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा हैं।
उन्होंने झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से यह मांग की है कि इस पूरे मामले की गहन और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, संबंधित दस्तावेजों और आधार नंबरों का सत्यापन करने तथा इस प्रक्रिया में शामिल रहे दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। भाजपा ने यह भी आशंका जताई है कि ऐसी अनियमितताएं केवल बरहेट तक सीमित न होकर राज्य के अन्य हिस्सों में भी हो सकती हैं, इसलिए पूरे प्रदेश में सतर्कता बरतने और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाने की मांग की गई है।