*जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने दिए आवश्यक व उचित दिशा निर्देश*
*समीक्षा क्रम में लक्ष्य के अनरूप प्राथमिकता के साथ ऋण स्वीकृति को लेकर एलडीएम को किया गया निर्देशित…*
लातेहार समाहरणालय सभागार में आज उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (DLCC) की वित्तीय वर्ष 2026–27 की प्रथम त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के विभिन्न बैंकों की वित्तीय उपलब्धियों, वार्षिक ऋण योजना, प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में ऋण वितरण, कृषि ऋण, शिक्षा ऋण, आवास ऋण, स्वयं सहायता समूहों के बैंक लिंकेज तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न ऋण योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने बैंकवार उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए सभी बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी एवं स्वरोजगार संबंधी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभुकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने लंबित ऋण आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने तथा संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर दिया।
उपायुक्त ने लक्ष्य के अनुरूप किसानों को केसीसी का लाभ देने का निर्देश दिया। उपायुक्त के द्वारा समीक्षा क्रम में लक्ष्य के अनरूप प्राथमिकता के साथ ऋण स्वीकृति को लेकर एलडीएम को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के संचालन में लापरवाही नहीं बरतें निर्धारित लक्ष्य को ससमय पूरा करें।
बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत ऋण एवं लंबित मामलों की समीक्षा की गई। प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार कुल 68 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 16 मामलों में 99.40 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है।
उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों के बैंक लिंकेज की समीक्षा करते हुए महिला समूहों को स्वरोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि पात्र स्वयं सहायता समूहों के ऋण आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को बढ़ावा मिल सके।
बैठक में सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि स्वरोजगार, कृषि, मत्स्य, पशुपालन, शिक्षा एवं अन्य विकासात्मक योजनाओं में बैंकों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है, ताकि आमजन को समय पर ऋण एवं अन्य वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उपायुक्त ने बैंक प्रतिनिधियों को वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने, ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने तथा जरूरतमंद लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही सभी संबंधित विभागों एवं बैंकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा अगली बैठक में योजनावार प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बैठक के प्रारंभ में एलडीएम ने विभागीय प्रगति, गतिविधि, कार्यकलाप एवं उपलब्धियों पर ध्यान आकृष्ट कराया। एलडीएम द्वारा बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 मार्च तक में बैंको की सीडी रेसियो कुल उपलब्धि 45.63 प्रतिशत हुई है। किसान क्रेडिट कार्ड की समीक्षा में बताया गया कि वार्षिक साख योजना 2026-27 के लक्ष्य हेतु कुल संख्या 15,379 एवं कुल राशि ₹10491.17 लाख के विरुद्ध, वित्तीय वर्ष में कुल संख्या 29,539 एवं राशि ₹22670.63 लाख का ऋण वितरित किया गया।
किसान क्रेडिट कार्ड सेचुरेशन के लिए जिला में कुल 77,791 लैंड-होल्डिंग हैं। जिले में पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत डी०बी०टी० के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने वाले लाभुकों की कुल संख्या 68,508 हो चुकी है।
बैठक में उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद, अग्रणी विकास अधिकारी, भारतीय रिजर्व बैंक रांची रोशन कुमार घिरिया, एलडीएम, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिले के विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।