Category: पोस्टमार्टम

*बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राज्य स्तरीय ख़रीफ़ कर्मशाला का हुआ आयोजन*

*11 मई को जिलावर कंटीजेंट प्लान(आकस्मिक योजना) पर प्रेजेंटेशन दिया गया एवं 12 मई को खरीफ कर्मशाला का होगा आयोजन*…

*बच्चों को जंक फूड देने की प्रथा में आई है कमी*

*यूनिसेफ और आईएचडी ने किया पलामू और पश्चिमी सिंहभूम में बच्चों के पूरक आहार सम्बंधित अध्ययन* *रांची के होटल कोर्टयार्ड…

स्वास्थ्य विभाग की बड़ी समीक्षा बैठक: लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, दो माह में सभी रिक्तियां भरने का आदेश

झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में…

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने भारतीय डेफ क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को दी बधाई, किया सम्मानित

======================= *_कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से झारखंड डेफ(बधिर) क्रिकेट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल…

झारखंड में बाहर से आने वाले डॉक्टरों को मिलेगी राहत, मेडिकल काउंसिल रूल-55 में संशोधन की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग की बैठक में बनी सहमति, दूसरे राज्यों के चिकित्सकों को प्रैक्टिस में सुविधा देने हेतु सरकार को भेजे…

*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से रांची के सात वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह ने की मुलाकात।*

=========================== *मुख्यमंत्री ने प्रतिभाशाली बाल तैराक इशांक सिंह को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें 5 लाख रुपए का चेक,…

छोटानागपुर लॉ कॉलेज: LLB, LLM, BA LLB के तीन लॉ कोर्सों में एडमिशन के लिए 30 जून तक करें आवेदन, शेड्यूल जारी

रांची: रांची यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड ऑटोनोमस छोटानागपुर लॉ कॉलेज में शैक्षणिक सत्र के लिए तीन प्रमुख कोर्सों में एडमिशन का…

डिजिटल इंडिया की नई उड़ान: अब पूरे देश में एक ही पासवर्ड से चलेगा पब्लिक वाई-फाई

भारत सरकार देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। पीएम-वाणी…

मेडिकल कॉलेजों के डिजाइन में होगा बदलाव, मरीजों को बेहतर सुविधा पर फोकस

अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति की बैठक, पेशेंट फ्लो और वर्कफ्लो को वैज्ञानिक बनाने पर जोर राज्य…

कालाजार के लक्षणों की पहचान है बचाव की पहली सीढ़ी: झारखंड सरकार कालाजार उन्मूलन की दिशा में तेज़ी से अग्रसर• साहेबगंज, गोड्डा, दुमका एवं पाकुड़ जिले के भी.बी.डी. अधिकारियों का कालाजार से सम्बंधित डॉसियर निर्माण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित• राज्य सरकार वर्ष 2023 में कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल कर लिया है और इसे बनाए रखने कि दिशा में बहु-आयामी प्रयास किए जा रहे हैं।रांची, दिनांक: 28 अप्रैल 2026- झारखंड सरकार कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। राज्य में इस बीमारी के मामलों में लगातार कमी दर्ज की जा रही है, जो स्वास्थ्य विभाग की सुदृढ़ रणनीति, समयबद्ध हस्तक्षेप और व्यापक जन-जागरूकता अभियानों का परिणाम है।इसी क्रम में कालाजार प्रभावित चार जिलों, साहेबगंज, गोड्डा, दुमका एवं पाकुड़ के भी.बी.डी. अधिकारियों एवं संबंधित कर्मियों के लिए राष्ट्रीय सरकार दिशानिर्देश अनुसार डॉसियर निर्माण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 एवं 28 अप्रैल 2026 को गोड्डा जिले में आयोजित किया गया, जिसमें जिला एवं प्रखंड स्तर के अधिकारियों जैसे DVBDO, VBDC, FLA, DEO, MOIC, MTS, KTS एवं SI ने भाग लिया।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को वर्ष 2018 से 2025 तक के कालाजार से संबंधित आंकड़ों का समेकन, विश्लेषण एवं प्रस्तुतीकरण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें डेटा संग्रहण, डॉसियर की संरचना, उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण, डिजिटल रिपोर्टिंग तथा निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया।कालाजार (विसरल लीशमैनियासिस) एक गंभीर लेकिन उपचार योग्य संक्रामक बीमारी है, जो सैंडफ्लाई (बालू मक्खी) के काटने से फैलती है। इसके प्रमुख लक्षणों में लंबे समय तक रहने वाला बुखार, अत्यधिक कमजोरी, वजन में कमी, भूख न लगना, पेट (तिल्ली/यकृत) का बढ़ना तथा खून की कमी (एनीमिया) शामिल हैं। समय पर जांच और उपचार न होने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए शुरुआती लक्षण दिखते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराना अत्यंत आवश्यक है।इस अवसर पर राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, भी.बी.डी. झारखंड डॉ. बिरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2017-18 की तुलना में वर्तमान में कालाजार के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल कर लिया है और इसे बनाए रखने कि दिशा में बहु-आयामी प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में कालाजार नियंत्रण के लिए सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें सक्रिय सर्वेक्षण, समय पर जांच एवं निःशुल्क उपचार, सैंडफ्लाई नियंत्रण हेतु नियमित इनडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) तथा व्यापक जन-जागरूकता अभियान शामिल हैं। इन प्रयासों के कारण राज्य में कालाजार के मामलों में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है। डॉ. कुमार ने कहा, “कालाजार उन्मूलन के लिए सटीक एवं प्रमाण-आधारित डाटा अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से राज्य में डॉसियर तैयार करने की प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि भारत सरकार के समक्ष झारखंड की प्रगति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।”उन्होंने यह भी बताया कि, “यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल डॉसियर निर्माण की प्रक्रिया को मजबूत करेगा, बल्कि जिलों में कार्यरत अधिकारियों की क्षमता वृद्धि में भी सहायक होगा। इससे राज्य स्तर पर एक सुसंगत एवं विश्वसनीय रिपोर्ट तैयार की जा सकेगी।”यह कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा किया गया था और इसे पिरामल स्वास्थ्य द्वारा सहयोग किया गया। इस अवसर पर राज्य एवं जिलों के भी.बी.डी. अधिकारी, कंसल्टेंट्स के साथ ही सहयोगी संस्थाओं यथा- विश्व स्वास्थ्य संगठन के राज्य समन्वयक डॉ. अभिषेक पॉल, जोनल समन्वयक डॉ. हसीब, पिरामल स्वास्थ्य, ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे ।

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