*एआई के माध्यम से पढ़ाई को सरल, रुचिकर एवं प्रभावी बनाने पर जोर*
जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी एवं उपायुक्त अभिजीत सिन्हा द्वारा राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय रामगढ़ एवं रानी सोनावती कुमारी राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय रामगढ़, दुमका में नवनिर्मित एआई रूम का उद्घाटन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने एआई रूम में उपस्थित विद्यार्थियों से संवाद कर एआई तकनीक के माध्यम से पढ़ाई को और अधिक सरल, सहज एवं रुचिकर बनाने के तरीकों की जानकारी ली।
*विद्यार्थियों ने डेमो के माध्यम से बताया एआई का उपयोग*
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने माननीय विधायक एवं उपायुक्त के समक्ष डेमो प्रस्तुत कर बताया कि एआई रूम में उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग कर किसी भी विषय अथवा टॉपिक को क्विज, पॉडकास्ट, वीडियो एवं ऑडियो के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है। विद्यार्थियों ने बताया कि एआई आधारित तकनीक से कठिन विषयों को भी सरल तरीके से समझने में मदद मिलती है तथा नए विषयों के बारे में जानने की रुचि बढ़ती है।
*एआई के माध्यम से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की जानकारी से जोड़ने में मिलेगी मदद*
विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि एआई के उपयोग से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर हो रहे विभिन्न गतिविधियों एवं विषयों की जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। एआई के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने के साथ-साथ विभिन्न विषयों को नए और रचनात्मक तरीके से सीखने का अवसर मिलेगा।
*प्रशिक्षित शिक्षक विद्यार्थियों को नियमित रूप से एआई के उपयोग का दें प्रशिक्षण : उपायुक्त*
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि एआई रूम में विद्यार्थियों को तकनीक के उपयोग का प्रशिक्षण देने वाले शिक्षक पूरी तरह प्रशिक्षित रहें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को NotebookLM सहित अन्य उपयोगी एआई एप्लीकेशन के माध्यम से पढ़ाई करने का नियमित प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे उपलब्ध तकनीक का शैक्षणिक उपयोग बेहतर तरीके से कर सकें।
*शिक्षकों की कमी को लेकर उपायुक्त ने लिया संज्ञान*
इस दौरान उपायुक्त ने विद्यालय के विद्यार्थियों से विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं एवं किसी प्रकार की समस्या के संबंध में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में अधिकांश व्यवस्थाएं सुदृढ़ हैं, हालांकि शिक्षकों की कमी की समस्या है। इस पर उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक को आवश्यकतानुसार शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और शैक्षणिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे।