रांची: झारखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। राज्य के अलग-अलग जिलों में तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड का असर बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार से राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। तापमान में होने वाले इस बदलाव का सबसे अधिक असर रात और सुबह के समय देखने को मिलेगा। आने वाले दिनों में सुबह के समय कोहरा और धुंध छाने की संभावना है, जबकि रात में ठंड का एहसास पहले की तुलना में अधिक होगा।
मौसम में बदलाव को देखते हुए राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में लोगों को सुबह और देर शाम के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। दिन के समय मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है, लेकिन सूर्यास्त के बाद तापमान में गिरावट महसूस की जा सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादलों की आवाजाही, सुबह का कोहरा और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नवंबर महीने में तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आना सामान्य मौसमी प्रक्रिया है। इस दौरान दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने लगता है। दिन में धूप निकलने से मौसम थोड़ा गर्म महसूस होता है, जबकि रात में आसमान साफ होने और तापमान गिरने से ठंड बढ़ जाती है। झारखंड में भी इसी तरह का मौसमी बदलाव देखने को मिल सकता है।
अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शनिवार से राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट होने की संभावना है। इसका मतलब है कि दिन के समय मिलने वाली गर्मी में भी कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, दिन के समय धूप निकलने की स्थिति में लोगों को बहुत अधिक ठंड महसूस नहीं होगी।
अधिकतम तापमान में गिरावट का असर विशेष रूप से उन क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है, जहां पिछले कुछ दिनों से दिन के समय अपेक्षाकृत गर्म मौसम बना हुआ था। तापमान कम होने से दोपहर के समय भी मौसम पहले की तुलना में सुहावना रह सकता है।
वहीं, न्यूनतम तापमान में अधिक गिरावट की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है। इससे रात के समय ठंड का असर अधिक बढ़ेगा।
मौसम के इस बदलाव के कारण लोगों को सुबह घर से निकलते समय हल्के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सुबह जल्दी काम पर जाने वाले लोगों को तापमान में होने वाले बदलाव को ध्यान में रखना चाहिए।
रात के तापमान में गिरावट से बढ़ेगी ठंड
झारखंड में ठंड का वास्तविक असर रात के तापमान में गिरावट के साथ महसूस होने लगेगा। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट की संभावना है। इससे रात और सुबह के समय ठंड बढ़ सकती है।
नवंबर महीने में रात का तापमान धीरे-धीरे कम होने लगता है। ग्रामीण इलाकों में इसका असर शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक महसूस हो सकता है। खुले स्थानों, खेतों और पहाड़ी क्षेत्रों में रात के समय ठंडी हवा का प्रभाव अधिक महसूस होता है।
राज्य के कई हिस्सों में लोग पहले से ही सुबह और देर शाम के समय हल्की ठंड महसूस कर रहे हैं। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में गिरावट के बाद यह स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
विशेष रूप से रात में बाहर रहने वाले लोगों को गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं, सुबह की सैर करने वाले लोगों को भी मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करना पड़ सकता है।
सात नवंबर को सुबह छाया रहेगा कोहरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, सात नवंबर की सुबह राज्य के कई हिस्सों में कोहरा छाए रहने की संभावना है। इस दौरान मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है। सुबह के समय धुंध रहने के कारण कुछ इलाकों में दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
राजधानी रांची सहित आसपास के क्षेत्रों में सुबह के समय कोहरा और धुंध देखने को मिल सकती है। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ मौसम में सुधार होने और आसमान साफ रहने की संभावना है।
सुबह के समय सड़कों पर निकलने वाले वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। कोहरे के कारण सामने से आने वाले वाहनों को देखने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाना चाहिए और जरूरत के अनुसार फॉग लाइट का इस्तेमाल करना चाहिए।
स्कूल जाने वाले बच्चों और सुबह काम पर निकलने वाले लोगों को भी मौसम की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
आठ नवंबर को भी सुबह कोहरा और दिन में बादल
आठ नवंबर को भी राज्य के कई हिस्सों में सुबह के समय कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके बाद दिन के समय आंशिक रूप से बादल देखने को मिल सकते हैं।
मौसम में इस तरह के बदलाव के कारण सुबह और दोपहर के मौसम में अंतर महसूस हो सकता है। सुबह हल्की ठंड और धुंध रहने के बाद दिन में तापमान सामान्य महसूस हो सकता है।
आसमान में बादल छाए रहने से धूप का प्रभाव कुछ समय के लिए कम हो सकता है। हालांकि, मौसम की स्थिति जिले और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग रह सकती है।
इस दिन भी लोगों को सुबह के समय सावधानी बरतने की जरूरत होगी। विशेष रूप से ग्रामीण और खुले इलाकों में कोहरे का असर अधिक महसूस हो सकता है।
नौ नवंबर को भी कोहरे का असर, पूर्वी झारखंड में हल्की बारिश संभव
नौ नवंबर को सुबह के समय कोहरा और बादलों की मौजूदगी बनी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस दिन पूर्वी झारखंड के कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है।
पूर्वी क्षेत्र के जिलों में मौसम की स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकता है। कहीं-कहीं हल्की बारिश होने से वातावरण में नमी बढ़ सकती है। वहीं, अन्य हिस्सों में सुबह कोहरा और बादल छाए रहने की संभावना है।

हल्की बारिश होने की स्थिति में तापमान में स्थानीय स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, सभी जिलों में बारिश होने की संभावना नहीं है।
इस दौरान किसानों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी। खेतों में कृषि कार्य करने वाले किसानों को बारिश की संभावना के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।
दस नवंबर को कई जिलों में कोहरा और बादल छाए रहने की संभावना
दस नवंबर को राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में सुबह के समय कोहरा और बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दिन रांची सहित कुछ अन्य जिलों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
रांची, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और आसपास के इलाकों में सुबह के समय धुंध और बादल रहने की संभावना जताई गई है।
वहीं, सरायकेला-खरसावां, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जैसे जिलों में बारिश की संभावना भी जताई गई है।
इन क्षेत्रों में मौसम की स्थिति में बदलाव के कारण लोगों को दिनभर मौसम पर नजर रखनी पड़ सकती है। कुछ स्थानों पर बादल छाए रह सकते हैं, जबकि कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
मौसम में बदलाव का असर दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से जुड़े कार्यों को मौसम के अनुसार व्यवस्थित करने की जरूरत होगी।
11 नवंबर को इन जिलों में सुबह कोहरा, बाद में बारिश के आसार
11 नवंबर को भी झारखंड के कई जिलों में मौसम का बदला हुआ रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, रांची, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में सुबह के समय कोहरा छाए रहने की संभावना है।
सुबह के समय कोहरे के बाद कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। इस कारण लोगों को अपने दैनिक कार्यक्रम बनाते समय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।
बारिश की संभावना वाले जिलों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज के साथ मौसम में बदलाव भी देखने को मिल सकता है।
राजधानी रांची में भी इस दौरान बादलों की आवाजाही रहने की संभावना है। हालांकि, बारिश की स्थिति पूरे जिले में एक समान होगी, इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।
मौसम में होने वाले इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ सकता है। बादल और बारिश के कारण दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
12 नवंबर को आंशिक बादल छाए रहने की संभावना
12 नवंबर को राज्य के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। पिछले दिनों की तुलना में मौसम में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है।
आसमान में बादल रहने के कारण कुछ क्षेत्रों में धूप का प्रभाव कम हो सकता है। वहीं, मौसम की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुबह के समय हल्की धुंध भी देखने को मिल सकती है।
इस दिन बारिश की संभावना को लेकर लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर ध्यान देना चाहिए। मौसम का पूर्वानुमान बदलने के कारण स्थानीय स्तर पर परिस्थितियों में अंतर हो सकता है।
13 नवंबर से मौसम साफ रहने की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, 13 नवंबर से झारखंड के मौसम में सुधार होने की उम्मीद है। इस दिन से आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम साफ रहने से दिन के समय धूप निकल सकती है। हालांकि, न्यूनतम तापमान में गिरावट का असर सुबह और रात के समय बना रह सकता है।
ऐसे में दिन में मौसम सामान्य रहने के बावजूद सुबह और रात को ठंड महसूस हो सकती है। लोगों को तापमान में होने वाले अंतर के अनुसार अपने कपड़ों और दिनचर्या का ध्यान रखना होगा।
इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों के कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।
इनमें प्रमुख रूप से सरायकेला-खरसावां, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ शामिल हैं।
इन जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। बारिश की संभावना के कारण इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।
हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि सभी स्थानों पर एक साथ बारिश होगी। मौसम का प्रभाव स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
पूर्वी झारखंड के लोगों को विशेष रूप से मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर ध्यान देना चाहिए। यदि बारिश होती है तो खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को अपनी गतिविधियों में आवश्यक बदलाव करना पड़ सकता है।
रांची में न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री गिरा
राजधानी रांची में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, अधिकतम तापमान में भी 0.1 डिग्री सेल्सियस की कमी आई।
रिपोर्ट के अनुसार, रांची का अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तापमान के इन आंकड़ों से पता चलता है कि राजधानी में रात के समय ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। हालांकि, दिन का अधिकतम तापमान अभी भी अपेक्षाकृत सामान्य बना हुआ है।
न्यूनतम तापमान में गिरावट का सीधा असर सुबह और रात के मौसम पर देखने को मिल रहा है। सुबह घर से बाहर निकलने वाले लोगों को हल्की ठंड महसूस हो सकती है।
रांची और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट होने की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या व्यवस्थित करनी चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक महसूस हो सकती है ठंड
झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में तापमान में गिरावट का असर अधिक महसूस हो सकता है। खुले मैदान, खेत और जंगलों से घिरे इलाकों में सुबह तथा रात के समय ठंड का प्रभाव बढ़ सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह जल्दी खेतों में जाने वाले किसान, मजदूर और अन्य कामगार मौसम में बदलाव से प्रभावित हो सकते हैं।
कई स्थानों पर सुबह के समय ओस और धुंध की स्थिति देखने को मिल सकती है। ऐसे मौसम में लोगों को सुबह के समय पर्याप्त गर्म कपड़े पहनकर घर से निकलना चाहिए।
इसके साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को अचानक तापमान में होने वाले बदलाव से बचाने की जरूरत है।
ठंड बढ़ने से लोगों की दिनचर्या में होगा बदलाव
नवंबर महीने में ठंड बढ़ने के साथ लोगों की दिनचर्या में भी धीरे-धीरे बदलाव आने लगता है। सुबह जल्दी उठने वाले लोग कुछ देर बाद घर से निकलना पसंद कर सकते हैं।
वहीं, शाम के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की गतिविधियों में भी मौसम का असर दिखाई दे सकता है।
रात के तापमान में गिरावट होने पर लोगों को गर्म कपड़ों और कंबल की जरूरत महसूस होने लगती है। ग्रामीण इलाकों में भी लोग रात के समय ठंड से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतते हैं।
राजधानी रांची सहित अन्य शहरों में भी आने वाले दिनों में मौसम के अनुसार लोगों की दिनचर्या बदल सकती है।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत
तापमान में अचानक गिरावट होने पर बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सुबह और रात के समय ठंड से बचने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना जरूरी है।
बच्चों को स्कूल भेजते समय मौसम का ध्यान रखना चाहिए। यदि सुबह कोहरा अधिक हो तो वाहन चालकों को सावधानी बरतनी चाहिए।
बुजुर्गों को भी बहुत सुबह ठंडे वातावरण में बाहर निकलने से बचना चाहिए। नियमित रूप से बाहर जाने वाले लोगों को शरीर को गर्म रखने वाले कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए।
इसके अलावा, मौसम बदलने के दौरान सामान्य सर्दी, खांसी और गले में परेशानी जैसी समस्याओं से बचने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता और पर्याप्त आराम पर ध्यान देना चाहिए।
कोहरे के दौरान वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह
सुबह के समय कोहरा छाने की संभावना को देखते हुए सड़क पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
कोहरे में दृश्यता कम होने के कारण सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- कोहरे के दौरान वाहन की गति कम रखें।
- वाहन चलाते समय उचित लाइट का इस्तेमाल करें।
- दूसरे वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
- अचानक ब्रेक लगाने से बचें।
- सड़क पर आगे चल रहे वाहन को ध्यान से देखें।
- जरूरत से ज्यादा ओवरटेक न करें।
- यात्रा से पहले वाहन की लाइट और ब्रेक की जांच करें।
विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर सुबह के समय वाहन चलाते हुए अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए।
किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है मौसम का पूर्वानुमान
झारखंड में खेती-किसानी से जुड़े लोगों के लिए मौसम का पूर्वानुमान काफी महत्वपूर्ण होता है। नवंबर महीने में रबी फसलों की तैयारी और बुवाई से संबंधित गतिविधियां चलती हैं।
तापमान में गिरावट और कुछ जिलों में बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को अपने कृषि कार्यों की योजना मौसम के अनुसार बनानी चाहिए।
जहां हल्की बारिश की संभावना है, वहां खेतों में काम करने से पहले स्थानीय मौसम की स्थिति की जानकारी लेना उपयोगी होगा।
बारिश होने पर खेतों में नमी बढ़ सकती है। ऐसे में किसानों को अपनी फसलों और खेतों की स्थिति के अनुसार कृषि संबंधी निर्णय लेने चाहिए।
किसानों को किसी भी तरह की कृषि सलाह के लिए स्थानीय कृषि विभाग और कृषि विशेषज्ञों की जानकारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
दिन और रात के तापमान में बढ़ सकता है अंतर
नवंबर के महीने में झारखंड के मौसम की एक प्रमुख विशेषता दिन और रात के तापमान में अंतर होना है। दिन में धूप निकलने के कारण तापमान अपेक्षाकृत अधिक रह सकता है, जबकि रात में न्यूनतम तापमान नीचे चला जाता है।
आने वाले दिनों में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिल सकती है। अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री और न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री की संभावित गिरावट के कारण रात में ठंड अधिक महसूस होगी।
इसका असर खासकर उन लोगों पर पड़ेगा जो सुबह जल्दी घर से निकलते हैं या देर रात तक बाहर रहते हैं।
मौसम के इस बदलाव के बीच लोगों को दिन के समय हल्के कपड़े और सुबह-रात के लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था रखनी चाहिए।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर रखें नजर
मौसम की स्थिति में बदलाव तेजी से हो सकता है। इसलिए लोगों को समय-समय पर मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
विशेषकर बारिश की संभावना वाले जिलों के लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट की जानकारी रखना उपयोगी होगा।
किसी भी जिले में बारिश, बादल या कोहरे की स्थिति एक जैसी नहीं होती। इसलिए राज्यस्तरीय पूर्वानुमान के साथ जिलेवार मौसम की जानकारी भी महत्वपूर्ण है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी और पूर्वानुमान उपलब्ध होते हैं।
नवंबर में धीरे-धीरे बढ़ेगा सर्दी का असर
झारखंड में नवंबर महीने के साथ सर्दी का मौसम धीरे-धीरे दस्तक देने लगता है। शुरुआत में सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होती है। इसके बाद दिसंबर और जनवरी में ठंड का असर और बढ़ सकता है।
हालांकि, इस समय राज्य में कड़ाके की ठंड या शीतलहर की स्थिति की घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल मुख्य बदलाव तापमान में संभावित गिरावट, सुबह के कोहरे और कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना से संबंधित है।
आने वाले दिनों में मौसम साफ होने के बाद भी न्यूनतम तापमान में गिरावट का असर बना रह सकता है। इसलिए लोगों को मौसम के बदलते स्वरूप के अनुसार तैयारी करनी चाहिए।
क्या है अगले सात दिनों का मौसम का अनुमान?
झारखंड में सात से 13 नवंबर के बीच मौसम में कई तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
सात नवंबर को सुबह कोहरा और दिन में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। आठ नवंबर को सुबह धुंध और दिन में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। नौ नवंबर को भी सुबह कोहरा रहने के साथ पूर्वी क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
दस और 11 नवंबर को राज्य के कई जिलों में सुबह कोहरा तथा बाद में बारिश की संभावना जताई गई है। 12 नवंबर को आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, जबकि 13 नवंबर से मौसम साफ होने की उम्मीद है।
इस दौरान तापमान में गिरावट के कारण रात और सुबह की ठंड बढ़ सकती है।
निष्कर्ष: झारखंड में ठंड की शुरुआत, सुबह कोहरा और रात में बढ़ेगी ठिठुरन
कुल मिलाकर झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री और न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट की संभावना के कारण राज्य के लोगों को रात और सुबह के समय अधिक ठंड महसूस हो सकती है।
रांची समेत कई जिलों में सुबह कोहरा और धुंध छाने की संभावना है। वहीं, पूर्वी झारखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। 10 और 11 नवंबर को कई जिलों में मौसम का बदला हुआ रूप देखने को मिल सकता है। इसके बाद 13 नवंबर से मौसम साफ रहने की उम्मीद जताई गई है।
ऐसे में लोगों को सुबह और रात के समय गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए। वाहन चालकों को कोहरे में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसानों को भी बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए अपने कृषि कार्यों की योजना बनानी चाहिए।
फिलहाल राज्य में मौसम के इस बदलाव को सर्दी की शुरुआत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में तापमान में होने वाली गिरावट के साथ झारखंड में ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ सकता है।