रांची: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के झारखंड स्थित नामकुम क्षेत्रीय कार्यालय को नया नेतृत्व मिल गया है। भारतीय आयुध निर्माणी सेवा (Indian Ordnance Factories Service) के वरिष्ठ अधिकारी राजीव डे ने यूआईडीएआई नामकुम के क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक के रूप(यूआईडीएआई नामकुम के नए निदेशक राजीव डे) में पदभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता आधार सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाना होगी। साथ ही उन्होंने डिजिटल इंडिया मिशन के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आधुनिक तकनीक, नवाचार और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था पर विशेष जोर देने की बात कही।

आधार सेवाओं को मिलेगा नया आयाम
राजीव डे की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब आधार कार्ड देश के करोड़ों नागरिकों की पहचान का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। बैंकिंग सेवाओं, सरकारी योजनाओं, पेंशन, छात्रवृत्ति, आयुष्मान भारत, राशन, मोबाइल सिम और अन्य कई सरकारी एवं निजी सेवाओं में आधार की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालय की जिम्मेदारी भी लगातार बढ़ती जा रही है। नए निदेशक के आने से आधार सेवाओं में और अधिक सुधार तथा पारदर्शिता की उम्मीद जताई जा रही है।
आधार सेवाओं को और बेहतर बनाने पर रहेगा फोकस
पदभार संभालने के बाद राजीव डे ने कहा कि यूआईडीएआई का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक आसान, सुरक्षित और भरोसेमंद आधार सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आधार नामांकन, आधार अपडेट, बायोमेट्रिक सत्यापन और अन्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाया जाएगा, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। आधार केंद्रों पर सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने, पारदर्शिता बनाए रखने और लोगों का समय बचाने के लिए नई कार्यप्रणालियों पर काम किया जाएगा।
डिजिटल इंडिया मिशन को मिलेगी मजबूती
राजीव डे ने कहा कि केंद्र सरकार का डिजिटल इंडिया मिशन देश में डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यूआईडीएआई इस मिशन का एक अहम हिस्सा है, इसलिए आधार सेवाओं को अधिक आधुनिक और तकनीक आधारित बनाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीकों के बेहतर उपयोग से आधार से जुड़ी सेवाओं को अधिक सरल और सुरक्षित बनाया जाएगा। इससे आम नागरिकों को ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर मिल सकेगा।
तकनीक और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
नए निदेशक ने कहा कि यूआईडीएआई में नई तकनीकों को अपनाने और नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से आधार सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाएगा। इससे सेवा वितरण की गति बढ़ेगी और नागरिकों को कम समय में अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
टीम वर्क और बेहतर प्रशासन पर जोर
राजीव डे ने कहा कि किसी भी संस्थान की सफलता उसके कर्मचारियों की टीम भावना और कार्यकुशलता पर निर्भर करती है। इसलिए यूआईडीएआई नामकुम कार्यालय में टीम वर्क को और मजबूत किया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे बदलती तकनीकों के अनुरूप बेहतर सेवाएं दे सकें। इससे आधार केंद्रों पर आने वाले लोगों को तेज और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी।
प्रशासनिक और शैक्षणिक अनुभव का मिलेगा लाभ
राजीव डे भारतीय आयुध निर्माणी सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं और प्रशासनिक क्षेत्र में लंबा अनुभव रखते हैं। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ से पीजीडीएम (PGDM) की डिग्री हासिल की है। प्रशासन, तकनीक और प्रबंधन के क्षेत्र में उनका अनुभव यूआईडीएआई के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व में यूआईडीएआई नामकुम क्षेत्रीय कार्यालय की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी। इससे झारखंड सहित क्षेत्र के लाखों आधार कार्ड धारकों को बेहतर, सुरक्षित और तेज सेवाओं का लाभ मिलेगा। आने वाले समय में आधार सेवाओं में पारदर्शिता, डिजिटल नवाचार और नागरिक सुविधा को लेकर कई नए सुधार देखने को मिल सकते हैं।
यूआईडीएआई नामकुम के नए निदेशक बने राजीव डे
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