World Hepatitis Day पर बीएनआर चाणक्या में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजनWorld Hepatitis Day पर बीएनआर चाणक्या में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

रांची। जिंदगी जिंदाबाद

आज World Hepatitis Day है। यह दिवस हर साल 28 जुलाई को वायरल Hepatitis के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। Hepatitis यकृत की सूजन है जिससे गंभीर यकृत रोग और यकृत कैंसर हो सकता है। इस वर्ष का विषय है: Hepatitis: आइए इसे समझें, जो लोगों और उनकी जान बचाने वाली सेवाओं के बीच की बाधाओं को दूर करने का आह्वान है।

World Hepatitis Day पर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करते अभियान निदेशक और अन्य अधिकारी

World Hepatitis Day

रांची के बीएनआर चाणक्या होटल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड द्वारा Hepatitis : लेट्स ब्रेक इट डाउन थीम के तहत राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ डॉ. कमलेश कुमार, राज्य नोडल पदाधिकारी, वायरल हेपेटाइटिस प्रोग्राम, के स्वागत भाषण और मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने भी अपना संबोधन रखा।

Hepatitis: बचाव ही एक मात्र उपाय – अभियान निदेशक


एनएचएम के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने रोकथाम और जागरूकता पर विशेष बल देते हुए कहा कि बचाव ही एकमात्र इलाज है, इसलिए हमें प्रिवेंशन की ओर मजबूती से कदम बढ़ाने होंगे। उन्होंने समाज में हेपेटाइटिस को लेकर जागरूकता की कमी को एक प्रमुख चुनौती बताया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निचले स्तर तक मरीजों की पहचान करने तथा उन्हें तुरंत इलाज से जोड़ने के लिए एक प्रभावी एक्शन प्लान तैयार किया जाए।

इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, क्षेत्रीय अस्पतालों और जांच प्रयोगशालाओं के बीच बेहतर तालमेल बैठाने पर जोर दिया ताकि जांच और इलाज की प्रक्रिया में कोई विलंब न हो। विशेषज्ञों की कमी और बीमारी की जटिलता को देखते हुए श्री झा ने त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता जताई और छोटे जिलों से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हेपेटाइटिस उन्मूलन के लिए सभी आवश्यक जांच अभियान शुरू करने का सुझाव दिया।

इसके बाद राज्य महामारी विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कुमार कर्ण ने राज्य में राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति और 2030 तक हेपेटाइटिस उन्मूलन पर अपनी प्रस्तुति दी।

एनएचएम आइइसी सेल के स्टेट नोडल ऑफिसर Dr Rahul Kishore singh ने बताया कि Hepatitis का अर्थ है यकृत (लिवर) की सूजन। यह वायरस, शराब का अत्यधिक सेवन, कुछ दवाओं, विषैले पदार्थों या ऑटोइम्यून रोगों के कारण हो सकता है। इसके प्रमुख लक्षण हैं—पीलिया, थकान, भूख कम लगना, मतली, पेट दर्द और गहरे रंग का मूत्र। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।


कार्यक्रम में Hepatitis सी से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके मरीजों को प्रमाण पत्र सौंपे गए तथा समाज में जागरूकता फैलाने वाले पीयर सपोर्टर्स को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इसमें हजारीबाग से 13 वर्षीय पवन महली, रांची से 38 वर्षीया मधु देवी, रामगढ़ से 31 वर्षीय तिकेश्वर बेदिया और रांची से 25 वर्षीया रुबी देवी को शॉल ओढ़ाकर एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस सम्मान का मुख्य उद्देश्य समाज को यह संदेश देना है कि हेपेटाइटिस सी का समय पर सही इलाज पूरी तरह से संभव है और मरीज पूर्णतः स्वस्थ होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं।

World Hepatitis Day के अवसर पर डॉ सुमित मरांडी को सम्मानित करते अभियान निदेशक व अन्य

World Hepatitis Dayतकनीकी सत्र में रिम्स रांची के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने वायरल हेपेटाइटिस बी व सी की लैब जांच एवं वायरल लोड टेस्टिंग की चुनौतियाँ विषय पर व्याख्यान दिया। इसके बाद हेपेटाइटिस बी एवं सी के उपचार विषय पर रिम्स के मेडिसिन विभाग से डॉ. अजीत डुंगडुंग (प्रोफेसर व नोडल पदाधिकारी), डॉ. सिद्धार्थ कपूर (सहायक प्रोफेसर) तथा डॉ. रश्मि सिन्हा ने विस्तृत जानकारी साझा की।


कार्यक्रम में आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह, डॉ. बीरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. पुष्पा, डॉ पंकज सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी, एनएचएम के कंसल्टेंट्स व समन्वयक मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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https://www.mohfw.gov.in/

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