रांची। जिंदगी जिंदाबाद
National One Health Mission के तहत अब झारखण्ड में पशुओं से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों पर रहेगी पैनी नजर रहेगी। झारखण्ड में जूनोटिक यानी पशुओं से इंसानों में फैलने वाले रोगों, पर्यावरणजन्य बीमारियों और भावी महामारियों की समय रहते रोकथाम और निगरानी के लिए राज्य सरकार ने एक पहल की है। National One Health Mission के तहत झारखण्ड में राज्य, जिला और प्रखंड स्तर पर ‘वन हेल्थ कमेटियों’ का गठन कर दिया गया है।
National One Health Mission:
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने सभी सिविल सर्जनों और संबंधित नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
National One Health Mission का मुख्य उद्देश्य मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य के बीच समन्वय स्थापित कर एकीकृत रोग निगरानी तंत्र बनाना है। इसके तहत रेबीज, स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पायरोसिस, एंथ्रेक्स, बर्ड फ्लू, ब्रुसेलोसिस और स्नेक बाइट जैसी गंभीर बीमारियों की त्वरित पहचान और रोकथाम की जाएगी। किसी भी बीमारी के प्रकोप की स्थिति में मानव, पशु और पर्यावरण विशेषज्ञों की संयुक्त रैपिड रिस्पॉन्स टीम तुरंत क्षेत्र में जाकर जांच और नियंत्रण करेगी। इसके अलावा स्वास्थ्य, पशुपालन और वन विभाग के बीच आंकड़ों के वास्तविक समय में आदान-प्रदान के लिए स्टेट वन हेल्थ डैशबोर्ड का संचालन किया जाएगा।
राज्य में नीति निर्धारण और संचालन के लिए तीन प्रशासनिक स्तरों पर उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है। राज्य स्तर पर नीतिगत फैसलों के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में ‘स्टेट वन हेल्थ एग्जीक्यूटिव कमेटी’ तथा संचालन और विभागीय समीक्षा के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में ‘स्टेट वन हेल्थ इंटरसेक्टोरल स्टीयरिंग कमेटी’ बनाई गई है।
वहीं एनएचएम के अभियान निदेशक के नेतृत्व में ‘स्टेट वन हेल्थ यूनिट’ तकनीकी सहायता प्रदान करेगी। जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में ‘डिस्ट्रिक्ट वन हेल्थ कमेटी’ का गठन किया गया है, जो त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती और स्थानीय जोखिम आकलन करेगी। प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति पशु सखी, सहिया, आयुष डॉक्टर और वन प्रतिनिधियों के साथ मिलकर धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।
राज्य सर्विलेंस पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि इंसानों में उभरने वाले लगभग 75% संक्रामक रोग पशुजन्य होते हैं और हर साल विश्व स्तर पर सामने आने वाले 5 नए मानव रोगों में से 60% का स्रोत पशु होते हैं।
आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ राहुल किशोर सिंह ने बताया कि झारखण्ड जैसे जैव-विविधता और घने जंगलों वाले राज्य में मानव-पशु संपर्क अधिक होने के कारण इस तरह के एकीकृत निगरानी तंत्र की अत्यधिक आवश्यकता थी। National One Health Mission: आदेश के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को मानक संचालन प्रक्रिया और दिशा-निर्देश प्रेषित कर दिए हैं।
लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पेश
https://zindagijindabaad.com/public-examination-bill-2026-in-lok-sabha/
https://www.icmr.gov.in/national-one-health-mission
