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रांची: बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में एक बार फिर बारिश का दौर तेज हो गया है। राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में बुधवार को अच्छी बारिश हुई। रांची में करीब 35 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण शहर के कई हिस्सों में जलजमाव की स्थिति बन गई। लगातार बारिश के असर से तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। राजधानी रांची के अधिकतम तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की कमी आई और अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश और तापमान में गिरावट से जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई इलाकों में जलजमाव और यातायात से जुड़ी परेशानी भी सामने आई है। दूसरी ओर, किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। करम पर्व के आसपास हुई अच्छी बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है और किसानों को खरीफ फसलों के लिए फायदा होने की उम्मीद है। हालांकि, लगातार और बहुत ज्यादा बारिश होने पर निचले इलाकों में जलजमाव तथा फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी रहती है।
मौसम विभाग ने गुरुवार यानी 24 सितंबर को रांची सहित खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं राज्य के कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदला मौसम
झारखंड में मौसम में आए इस बदलाव का संबंध बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र और उसके बाद बने डीप डिप्रेशन से बताया जा रहा है। मौसम प्रणाली के प्रभाव से राज्य में नमी का प्रवाह बढ़ा है, जिसके कारण कई जिलों में बादल छाए हुए हैं और बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं।
मौसम विभाग ने पहले ही 22 से 26 सितंबर के बीच झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई थी। 23 सितंबर को रांची समेत कई जिलों में बारिश हुई और 24 सितंबर को भी बारिश की गतिविधि तेज रहने का अनुमान जताया गया।
मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ बारिश का वितरण जिलों के अनुसार बदल सकता है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में हल्की या मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
रांची में 35 मिमी बारिश, तापमान में बड़ी गिरावट
बुधवार को राजधानी रांची में सुबह से ही मौसम बदला हुआ था। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और कई चरणों में बारिश हुई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार रांची में करीब 35 मिमी बारिश दर्ज हुई। बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति बनी।
बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। रांची का अधिकतम तापमान सामान्य दिनों की तुलना में काफी नीचे चला गया। उपलब्ध रिपोर्ट में अधिकतम तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज होने की बात कही गई है और बुधवार को अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस रहा। IMD के आधिकारिक रांची मौसम रिकॉर्ड में भी 23 सितंबर का अधिकतम तापमान 24.3°C दर्ज है, जो सामान्य से 5.3°C कम था।
बारिश के कारण दिन में भी मौसम सुहावना और ठंडा रहा। हालांकि, लगातार बादल और बारिश के कारण वातावरण में नमी काफी अधिक रही। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार 23 सितंबर की शाम रांची में सापेक्ष आर्द्रता 98 प्रतिशत तक दर्ज की गई थी।
जमशेदपुर समेत दूसरे शहरों में भी गिरा तापमान
बारिश का असर सिर्फ रांची तक सीमित नहीं रहा। झारखंड के कई प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक जमशेदपुर में अधिकतम तापमान में 4.7 डिग्री, मेदिनीनगर में 4.1 डिग्री, बोकारो में 4.4 डिग्री और चाईबासा में करीब 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

इससे साफ है कि बारिश का प्रभाव राज्य के कई हिस्सों में तापमान पर पड़ा है। लगातार बादल रहने और सूर्य की रोशनी कम मिलने के कारण दिन का अधिकतम तापमान नीचे आया है।
रांची में भी 24 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। IMD की शहरवार भविष्यवाणी में 24 सितंबर के लिए न्यूनतम तापमान 21°C और अधिकतम तापमान 26°C तथा सामान्यतः बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश का अनुमान दिया गया है।
आज रांची समेत पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने 24 सितंबर को झारखंड के पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इनमें:
- रांची
- खूंटी
- गुमला
- सिमडेगा
- पश्चिमी सिंहभूम
शामिल हैं। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है और लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए। भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलजमाव, सड़कों पर पानी भरने, यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर अन्य समस्याओं की संभावना बढ़ जाती है।
विशेष रूप से तेज बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक रूप से खुले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना होने पर खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है।
कई जिलों में येलो अलर्ट भी जारी
रांची समेत पांच जिलों के अलावा झारखंड के कई अन्य जिलों के लिए भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है।
रिपोर्ट के अनुसार गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसका मतलब है कि बारिश का प्रभाव राज्य के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल सकता है। कहीं बारिश की तीव्रता ज्यादा हो सकती है, जबकि दूसरे इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ जिलों में 25 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। IMD के विस्तृत पूर्वानुमान में 25 सितंबर को रांची में कुछ दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना है, जबकि 26 सितंबर को भी ऐसा मौसम बना रह सकता है।
25 सितंबर को इन जिलों पर नजर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 25 सितंबर को भी झारखंड के कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है। रिपोर्ट में गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग और लातेहार में भारी बारिश की चेतावनी का उल्लेख है।
इससे संकेत मिलता है कि 24 सितंबर के बाद भी राज्य में मौसम तुरंत पूरी तरह साफ नहीं होगा। बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
IMD के रांची शहर के सात दिवसीय पूर्वानुमान में भी 25 सितंबर को सामान्यतः बादल छाए रहने और कुछ दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना जताई गई है। 26 सितंबर को भी एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारें हो सकती हैं।
रांची में जलजमाव से बढ़ सकती है परेशानी
35 मिमी बारिश के बाद रांची के कई इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति सामने आई है। राजधानी में बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ जाता है। निचले इलाकों में थोड़े समय में ज्यादा पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो सकती है।
बारिश के दौरान दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष सावधानी जरूरी है। सड़क पर पानी जमा होने से गड्ढे दिखाई नहीं देते और फिसलन बढ़ जाती है। तेज बारिश में दृश्यता भी कम हो सकती है।
इसके अलावा जिन सड़कों पर पहले से निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा है, वहां बारिश के कारण कीचड़ और पानी जमा होने की समस्या बढ़ सकती है।
भारी बारिश के दौरान ट्रैफिक की गति भी कम हो सकती है। कार्यालय जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और बाजार जाने वाले लोगों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनानी पड़ सकती है।
किसानों के लिए बारिश राहत लेकर आई
लगातार बारिश से जहां शहरों में जलजमाव की परेशानी बढ़ सकती है, वहीं ग्रामीण इलाकों में किसानों के लिए यह बारिश राहत देने वाली है। खरीफ फसलों के लिए बारिश का महत्व काफी ज्यादा है।
रिपोर्ट के मुताबिक करम पर्व के आसपास हुई अच्छी बारिश से किसानों में खुशी है और इस बार फसल बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
खेतों में पर्याप्त नमी होने से धान सहित अन्य खरीफ फसलों को फायदा मिल सकता है। हालांकि, बारिश की मात्रा और अवधि फसल के लिए महत्वपूर्ण होती है। सामान्य बारिश फसल के लिए लाभकारी होती है, लेकिन बहुत ज्यादा बारिश होने पर खेतों में पानी भरने और फसल के नुकसान का खतरा भी रहता है।
इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार खेती से जुड़े काम करने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से भारी बारिश के दौरान खेतों में जल निकासी का ध्यान रखना जरूरी है।
बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात का खतरा
झारखंड में मौजूदा मौसम प्रणाली के कारण सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि गरज-चमक और तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई है। IMD के अनुसार 22 से 26 सितंबर के बीच राज्य में कई जगहों पर आंधी-तूफान जैसी स्थिति के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की हवा चल सकती है, जबकि झोंकों में गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
24 सितंबर को भी रांची और आसपास के इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवा के झोंकों की संभावना वाली चेतावनी रिपोर्टों में दी गई है।
ऐसे मौसम में बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखना जरूरी है। तेज हवा के दौरान खुले स्थानों पर खड़े रहने से भी बचना चाहिए।
यदि किसी क्षेत्र में बिजली गिरने की चेतावनी हो तो लोग पक्के भवन के अंदर रहें। पेड़ के नीचे खड़े होकर बारिश से बचने की कोशिश करना सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाता।
मौसम धीरे-धीरे साफ होने की उम्मीद
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश का प्रभाव अगले कुछ दिनों में धीरे-धीरे कम हो सकता है। मौजूदा मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के बाद झारखंड में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। हालांकि, इसके बाद भी कुछ इलाकों में बादल और हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
रांची के लिए IMD का सात दिन का पूर्वानुमान बताता है कि 25 से 29 सितंबर के बीच भी बादल छाए रहने और अलग-अलग दिनों में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। 27 से 29 सितंबर के दौरान अधिकतम तापमान धीरे-धीरे 29 से 30°C तक पहुंचने का अनुमान है।
इससे संकेत मिलता है कि 24 सितंबर की बारिश के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन मौसम पूरी तरह शुष्क होने में कुछ समय लग सकता है।
मौसम प्रणाली का राज्य पर व्यापक असर
बंगाल की खाड़ी में बनने वाली निम्न दबाव की प्रणालियां झारखंड के मौसम को प्रभावित करती रही हैं। इस बार भी समुद्र के ऊपर बने सिस्टम के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की तरफ मौसम गतिविधि बढ़ी और उसका असर झारखंड तक पहुंचा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे सिस्टम के कारण वातावरण में नमी बढ़ती है और झारखंड के कई हिस्सों में बादल विकसित होते हैं। यदि नमी और स्थानीय परिस्थितियां अनुकूल हों तो कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश भी हो सकती है।
इस बार भी राज्य के दक्षिणी, मध्य और कुछ उत्तर-पूर्वी जिलों में अलग-अलग दिनों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
भारी बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को कुछ सामान्य सावधानियां बरतनी चाहिए।
पहली सावधानी: मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि यात्रा जरूरी हो तो निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लें।
दूसरी सावधानी: जलजमाव वाली सड़क से वाहन निकालने में जल्दबाजी न करें। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने पर ऐसी सड़क से गुजरना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
तीसरी सावधानी: बिजली चमकने और गरजने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
चौथी सावधानी: तेज हवा के दौरान घर की खिड़कियों, दरवाजों और छत पर रखी हल्की वस्तुओं को सुरक्षित करें।
पांचवीं सावधानी: स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें।
IMD और स्थानीय मौसम केंद्र की चेतावनियां मौसम की स्थिति बदलने के साथ अपडेट हो सकती हैं, इसलिए पुरानी जानकारी के बजाय नवीनतम बुलेटिन को प्राथमिकता देना जरूरी है।
स्कूल, ऑफिस और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर
भारी बारिश का असर सिर्फ सड़क और यातायात पर नहीं पड़ता, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। लगातार बारिश होने पर स्कूल जाने वाले बच्चों, ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।
रांची जैसे शहर में बारिश के दौरान ट्रैफिक की रफ्तार कम होने की संभावना रहती है। जलजमाव वाले क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
यदि तेज बारिश के साथ हवा भी चलती है तो पेड़ की शाखाएं टूटने, बिजली आपूर्ति बाधित होने या सड़क पर अस्थायी अवरोध जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी है।
तापमान में गिरावट से बदला मौसम का अनुभव
रांची में अधिकतम तापमान के 24.3°C तक गिर जाने से मौसम का अनुभव भी पूरी तरह बदल गया है। कुछ दिन पहले जहां लोग गर्मी और उमस महसूस कर रहे थे, वहीं अब लगातार बारिश और बादलों के कारण दिन का तापमान काफी कम हो गया है। IMD के आधिकारिक रिकॉर्ड में 23 सितंबर का अधिकतम तापमान सामान्य से 5.3°C कम दर्ज हुआ।
बारिश के कारण रात के तापमान में उतनी बड़ी गिरावट नहीं हुई है। 23 सितंबर को न्यूनतम तापमान 22°C दर्ज किया गया। 24 सितंबर के लिए न्यूनतम तापमान करीब 21°C रहने का अनुमान है।
इस तरह बारिश ने दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर भी कम कर दिया है।
आगे क्या?
अगले कुछ दिनों तक झारखंड के मौसम पर बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और मौजूदा मौसम प्रणाली का असर देखने को मिल सकता है। 24 सितंबर को रांची समेत पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट और कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी है। 25 सितंबर को भी राज्य के कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है।
रांची के लिए 25 और 26 सितंबर को भी बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना बनी हुई है। इसके बाद 27 से 29 सितंबर तक भी कुछ दौर की बारिश संभव है, हालांकि तापमान धीरे-धीरे बढ़ने का अनुमान है।
इसलिए फिलहाल झारखंड में मौसम पूरी तरह साफ होने की स्थिति नहीं है। बारिश की तीव्रता अलग-अलग जिलों में अलग रह सकती है और स्थानीय स्तर पर मौसम में तेजी से बदलाव भी संभव है।
निष्कर्ष
झारखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने से राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। रांची में बुधवार को करीब 35 मिमी बारिश दर्ज होने के साथ अधिकतम तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। आधिकारिक IMD रिकॉर्ड में 23 सितंबर का अधिकतम तापमान 24.3°C रहा और 22 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जबकि अन्य रिपोर्टों में दिन के व्यापक बारिश आंकड़े के रूप में 35 मिमी का उल्लेख किया गया है।
24 सितंबर को रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है। कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट है। तेज हवा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
वहीं किसानों के लिए बारिश राहत लेकर आई है और खरीफ फसलों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की संभावना है, लेकिन रांची समेत कई इलाकों में 25-29 सितंबर तक बादल और बारिश के दौर जारी रह सकते हैं।
खबर के Source / Useful Links
- IMD Ranchi Official Weather Report: Ranchi Weather – India Meteorological Department
- आज का Jharkhand Weather Update: Jharkhand Weather – 24 September 2026
- 35 मिमी बारिश और 7 डिग्री तापमान गिरने की रिपोर्ट: Jharkhand में 7 डिग्री गिरा पारा, 5 जिलों में Orange Alert
- IMD के भारी बारिश अलर्ट की रिपोर्ट: IMD warns of heavy rain and storms across Jharkhand