बिजली संकट से रांची के उद्योग प्रभावितरांची औद्योगिक क्षेत्र में बिजली संकट

रांची बिजली संकट:

रांची: राजधानी रांची में बारिश के बीच आई तेज आंधी-तूफान ने बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। पिछले दो दिनों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में 209 पेड़ गिरने और 75 बिजली पोल टूटने की जानकारी सामने आई है। पेड़ों और डालियों के गिरने से कई जगह बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कुछ इलाकों में बिजली के पोल भी टूट गए। इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा और शहर के कई हिस्सों में लोगों को घंटों बिजली संकट का सामना करना पड़ा..रांची बिजली संकट:रांची में दो दिनों में गिरे 209 पेड़, टूटे 75 बिजली पोल, कई इलाकों में बिजली संकट।

आंधी-बारिश के बाद बिजली व्यवस्था को सामान्य करने के लिए बिजली विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं। प्रभावित इलाकों में गिरे पेड़ों और डालियों को हटाने के साथ-साथ टूटे हुए पोल और क्षतिग्रस्त तारों की मरम्मत की जा रही है। विभागीय टीमों को अलग-अलग स्थानों पर भेजकर बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया।

रांची में दो दिनों में गिरे 209 पेड़, टूटे 75 बिजली पोल, कई इलाकों में बिजली संकट

61 जगहों पर गिरे पेड़ और डालियां हटाईं

आंधी के कारण रांची शहर में बड़ी संख्या में पेड़ और उनकी डालियां सड़कों तथा बिजली लाइनों पर गिर गईं। रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित टीमों ने शहर के करीब 61 स्थानों पर गिरे पेड़ और डालियां हटाईं। कई जगह पेड़ बिजली के तारों पर गिरने के कारण बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी, ताकि मरम्मत के दौरान किसी तरह की दुर्घटना न हो।

पेड़ों के गिरने से कुछ स्थानों पर सड़क पर आवागमन भी प्रभावित हुआ। बारिश के बीच राहत और मरम्मत कार्य करने में कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद बिजली विभाग और संबंधित टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में काम जारी रखा।

रांची बिजली संकट:रांची में दो दिनों में गिरे 209 पेड़, टूटे 75 बिजली पोल, कई इलाकों में बिजली संकट

नामकुम ग्रिड में 33 केवी लाइन का ब्रेकर उड़ा

आंधी-तूफान का असर बिजली ग्रिड पर भी पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, नामकुम ग्रिड में 33 केवी लाइन का ब्रेकर उड़ने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। इसके बाद संबंधित तकनीकी टीम ने ग्रिड की जांच और मरम्मत का काम शुरू किया।

ग्रिड में आई समस्या के कारण आसपास के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली विभाग की ओर से खराबी को दूर करने के बाद धीरे-धीरे आपूर्ति सामान्य करने की कोशिश की गई।

कई इलाकों में घंटों बिजली संकट

आंधी और बारिश के कारण राजधानी के कई हिस्सों में बिजली की समस्या बनी रही। एचईसी सेक्टर-1 मार्केट क्षेत्र में करीब 36 घंटे तक परेशानी रहने की बात सामने आई है। वहीं, शहर के कुछ अन्य इलाकों में भी बिजली के आने-जाने और लंबे समय तक कटौती की शिकायत रही।

बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर घरों के साथ-साथ दुकानों और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी पड़ा। बिजली पर निर्भर छोटे कारोबारियों को भी परेशानी हुई। वहीं, लगातार बारिश और बिजली कटौती के कारण आम लोगों को मोबाइल चार्जिंग, पानी की मोटर और अन्य जरूरी कामों में दिक्कत हुई।

दूसरे दिन भी कई क्षेत्रों में समस्या

आंधी-तूफान का असर अगले दिन भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति सामान्य करने का काम चलता रहा। जहां पेड़ बिजली लाइनों पर गिरे थे, वहां पहले पेड़ों और डालियों को हटाया गया और उसके बाद बिजली के तारों तथा पोल की मरम्मत की गई।

बिजली विभाग की टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में खराबी की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से काम किया। विभाग का प्रयास रहा कि जिन इलाकों में तकनीकी खराबी के कारण बिजली बंद है, वहां जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जाए।

औद्योगिक क्षेत्र भी प्रभावित

बिजली संकट का असर केवल रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं रहा। राजधानी के औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति बाधित होने से उत्पादन प्रभावित हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, बिजली संकट के कारण करीब 450 उद्योगों का उत्पादन प्रभावित हुआ।

औद्योगिक इकाइयों में मशीनों के संचालन के लिए लगातार बिजली आपूर्ति जरूरी होती है। बिजली कटने के कारण उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित होने के साथ मशीनों को दोबारा शुरू करने में भी समय लगता है। इससे उद्योगों के दैनिक कामकाज पर असर पड़ा।

फिलहाल बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त नेटवर्क को ठीक करने और प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य करने में जुटी हैं। आंधी-बारिश के कारण हुए नुकसान के बाद बिजली व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर मरम्मत कार्य जारी है।

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