*24 नवंबर को लगेगा मुख्य मेला एवं पूर्णिमा का मेला, दुकानों का होगा व्यवस्थित आवंटन*
*श्री रामरेखा धाम महोत्सव-2026 के सफल आयोजन को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक, तैयारियों को समयबद्ध पूरा करने का निर्देश*
*मेला परिसर में 266 दुकानों के लिए स्थान चिह्नित, पार्किंग के लिए 11 स्थल निर्धारित; पेयजल, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर*
सिमडेगा के श्री रामरेखा धाम महोत्सव-2026 के सफल, सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे की गरिमामय उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेला की तैयारियों, विधि-व्यवस्था, पेयजल, दुकान आवंटन, पार्किंग, यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने रामरेखा धाम समिति के सदस्यों से अब तक की गई तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया।
बैठक में रामरेखा धाम समिति के सदस्यों ने बताया कि मेला परिसर की साफ-सफाई एवं रंग-रोगन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। मेला के सफल संचालन के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं से संबंधित समितियों का गठन किया जा रहा है। समिति द्वारा 12 नवंबर तक सभी गठित समितियों के सदस्यों की नामवार सूची एवं उन्हें सौंपे जाने वाले कार्य-दायित्वों की जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने की बात कही गई।
*266 दुकानों के लिए किया गया स्थान चिह्नित, व्यवस्थित आवंटन का निर्देश*
मेला परिसर में दुकानों के सुव्यवस्थित संचालन को लेकर विशेष चर्चा की गई। मेला क्षेत्र से लेकर कार्यक्रम स्थल तक कुल 266 दुकानों के लिए 10×20 फीट आकार के स्थान चिह्नित किए गए हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस वर्ष सभी दुकानें निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित तरीके से लगाई जाएंगी। मंदिर तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग के दोनों ओर पांच-पांच फीट जगह छोड़कर ही दुकानें लगाई जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने पेयजल आपूर्ति के लिए स्थापित नल एवं वाटर प्वाइंट के आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त रखने का निर्देश दिया। किसी भी दुकानदार अथवा होटल संचालक द्वारा पानी के नल एवं वाटर प्वाइंट को अपनी दुकान के दायरे में शामिल नहीं किया जाएगा। साथ ही पानी के स्रोतों तक पहुंचने के लिए 10 फीट का रास्ता खुला रखने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने समिति के संरक्षक,अध्यक्ष एवं सचिव को दुकानों की संख्या एवं आवंटन संबंधी जानकारी के साथ प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इच्छुक दुकानदारों से 19 नवंबर 2026 तक आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया। आवेदनों के आधार पर 21 नवंबर तक दुकान आवंटित करने का निर्देश दिया गया ।
*पेयजल व्यवस्था को लेकर तैयारी पूर्ण, दो-तीन दिनों में शुरू होगी आपूर्ति*
मेला के दौरान श्रद्धालुओं एवं दुकानदारों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर भी समीक्षा की गई। पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि पानी की आपूर्ति के लिए पंप एवं ट्रांसफार्मर अधिष्ठापित कर दिए गए हैं। सभी मोटरों की जांच भी पूरी कर ली गई है तथा आगामी दो से तीन दिनों में पेयजल आपूर्ति प्रारंभ कर दी जाएगी।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई मुख्य पाइपलाइन को सुरक्षित रखा जाए। किसी भी परिस्थिति में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त नहीं होनी चाहिए। समिति को भी इस पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। उन्होंने पिछली बार जेसीबी से खुदाई के दौरान मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की घटना का उल्लेख करते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरतने को कहा। मेला क्षेत्र में पानी की संभावित कमी को देखते हुए दो पानी के टैंकर उपलब्ध कराने हेतु नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देशित किया गया।
*11 पार्किंग स्थल चिह्नित, मंदिर से दूरी दर्शाने वाले बोर्ड लगेंगे*
श्रद्धालुओं की सुविधा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से मेला क्षेत्र में कुल 11 पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है। जहां मजिस्ट्रेट,पुलिस कर्मी एवं समिति की ओर से एक नामित व्यक्ति प्रतिनियुक्त रहेंगे।उपायुक्त ने प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं अतिथियों के वाहनों के लिए कार्यक्रम स्थल के नजदीक स्थित पार्किंग स्थल P5, P6, P7 एवं P8 निर्धारित करने का निर्देश दिया।P2 से P4 तक पासयुक्त अतिथियों के लिए रखने का निर्देश दिया गया।सभी पार्किंग स्थलों पर सूचना बोर्ड लगे रहेंगे। वाहनपास में भी पार्किंग नंबर अंकित रहेगा।
इसके अतिरिक्त रामरेखा धाम के पुराने पैदल मार्ग, जहां सीढ़ियां बनी हुई हैं, उस दिशा में भी पार्किंग स्थल विकसित करने तथा वहां से मंदिर की दूरी प्रदर्शित करने वाले सूचना बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया। सभी पार्किंग स्थलों के समीप मंदिर से उनकी दूरी दर्शाने वाले बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा हो सके।
पार्किंग एवं दुकान आवंटन की व्यवस्था के लिए समिति द्वारा चयनित सदस्यों की नामवार सूची उपलब्ध कराने को कहा गया। दुकानों के शुल्क निर्धारण के लिए जिला प्रशासन एवं समिति के सदस्यों की संयुक्त कमेटी गठित करने पर भी चर्चा की गई।
*सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था को लेकर प्रशासन गंभीर*
पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे ने मेला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा गार्डों के रहने के लिए आवास, पर्याप्त पेयजल, शौचालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी पार्किंग स्थलों पर वाहनों को सुव्यवस्थित तरीके से खड़ा कराया जाए, ताकि किसी भी स्थिति में जाम की समस्या उत्पन्न न हो।
*महिलाओं एवं श्रद्धालुओ के लिए हेल्प डेस्क*
मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जगह जगह हेल्प डेस्क रहेंगे।मंदिर परिसर में भी महिलाओं की सहायता हेतु महिला पुलिस कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई।
उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं रामरेखा धाम समिति को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मेला की सभी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, अपर समाहर्ता गिरिजा शंकर महतो, अनुमंडल पदाधिकारी सुमन्त तिर्की, सिविल सर्जन डॉ. सुंदर मोहन सामद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी धर्मदेव पासवान, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल अमृत मिंज, जनसंपर्क पदाधिकारी पलटू महतो, जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार,परिवहन पदाधिकारी संजय कुमार बाखला, नगर परिषद प्रशासक पदाधिकारी अरविन्द तिर्की, प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी पाकरटांड़ प्रभात रंजन, थाना प्रभारी पाकरटांड़ सहित रामरेखा धाम समिति प्रधान संरक्षक दुर्गविजय सिंहदेव, सचिव श्री ओम प्रकाश साहू, उपाध्यक्ष श्री अमरनाथ बमालिया सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।