लोक आस्था के महापर्व छठ व्रत की तैयारियों को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया व पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने सयुंक्त रूप से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया।
इस दौरान उपायुक्त ने शिवगंगा सरोवर, डढ़वा नदी, नावाडीह घाट, नंदन पहाड़ फिल्टर, मंगल तालाब, जलसार तालाब, नौकाबांध आदि पहुँचकर वहाँ की वस्तुस्थिति व साफ-सफाई का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि छठ पर्व को देखते हुए इन घाटों पर साफ-साफाई की व्यवस्था अच्छी तरह से रहे, ताकि छठ व्रतियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावे छठ व्रतिओं व श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए उपायुक्त ने एनडीआरएफ की टीमों को शिवगंगा व नंदन पहाड़ पर बोट व अन्य सुरक्षा व्यस्थाओं के साथ तैनात रहने का निदेश दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को घटित होने से रोका जा सके।
इसके अलावा निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी छठ घाटों पर साफ-सफाई के साथ-साथ सुरक्षा को लेकर दण्डाधिकारियों व पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति ससमय कर दी जाय। साथ हीं उन्होंने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था के अलावा अतिक्रमण, विधि व्यवस्था, ट्रैफिक व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था को लेकर छठ समितियों व संबंधित अधिकारियों की आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया। इसके अलावे उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निदेशित किया कि सभी छठ घाटों का लगातार भ्रमण कर यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी छठव्रतियों व श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने शिवगंगा सरोवर की साफ-सफाई और अतिक्रमण के अलावा विभिन्न छठ घाटों पर आवश्यकता अनुसार एम्बुलेंस, मोबाईल टॉयलेट, अग्निशमन वाहन के आवागमन की व्यवस्था, लाईटिंग, स्वास्थ्य व्यवस्था और विद्युत कनेक्शन की बारीकी से जाँच, विशेष साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों व कार्यपालक अभियंता को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया। साथ ही छठ पूजा समितियों से उपायुक्त ने अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ देवघर के तहत् हम सभी का यह प्रयास होना चाहिये कि हम छठ पर्व के दौरान इन घाटों को स्वच्छता मिशाल के रूप में पेश करें। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे कार्यों के साथ-साथ आम जनमानस का सहयोग आपेक्षित है।
*तालाबों व जलाशयों के पास अतिक्रमण पर उपायुक्त सख्त, नगर निगम और अंचलाधिकारी को डीमार्केशन व साइनेज लगाने के निर्देश*
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने जल स्रोतों के समीप हो रहे अवैध अतिक्रमण को रोकने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर निगम के अधिकारियों और संबंधित अंचलाधिकारी को कड़ी निगरानी के साथ स्पष्ट किया कि जल स्रोतों का अस्तित्व बनाए रखने के लिए अतिक्रमण पर पूर्णतः रोक लगाना अनिवार्य है। इसको लेकर उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी तालाबों और जलाशयों की भूमि की मापी कराकर तुरंत और सही तरीके से डीमार्केशन का कार्य पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे की गुंजाइश न रहे। इसके साथ ही उन्होंने जलाशयों के आस-पास प्रमुख स्थानों पर साइनेज लगाने का भी निर्देश दिया, जिन पर स्पष्ट रूप से यह अंकित हो कि यह सरकारी जलाशय की भूमि है और यहां अतिक्रमण या गंदगी फैलाना दंडनीय अपराध है। उपायुक्त ने नगर निगम और अंचल प्रशासन को आपस में समन्वय बनाकर इन क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग करने और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण पर तुरंत कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। इस दौरान उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, कार्यपालक अभियंता आरसीडी मनोज कुमार महतो, कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति नीरज कुमार, सहायक नगर आयुक्त गौरव, सिटी मैनेजर, विद्युत विभाग की टीम, पेयजल स्वच्छता विभाग व नगर निगम की टीम एवं संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मी आदि उपस्थित थे।