नीली क्रांति को रफ़्तार: उपायुक्त ने पुनासी जलाशय में किया मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयननीली क्रांति को रफ़्तार: उपायुक्त ने पुनासी जलाशय में किया मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन

 तालाब तथा जलाशय मत्स्य का विकास एवं जीर्णोद्धार योजना” के तहत विशेष कार्यक्रम का हुआ आयोजन

 स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार पैदा करने और मछुआरों की आय दोगुनी करने पर जिला प्रशासन का विशेष जोर  देवघर जिले को मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में करे कार्य:-उपायुक्त

जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, जल संसाधनों का उचित उपयोग करने और स्थानीय मछुआरों व मत्स्य पालकों की आजीविका को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री सौरभ कुमार भुवानिया की उपस्थिति में “तालाब तथा जलाशय मत्स्य का विकास एवं जीर्णोद्धार योजना” के अंतर्गत पुनासी जलाशय में मत्स्य अंगुलिकाओं (फिंगरलिंग्स) का संचयन कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।*अधिकारियों को आवश्यक निर्देश और आय दोगुनी करने का लक्ष्य:*कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने इस दिशा में संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से जलाशयों की मॉनिटरिंग करें और मत्स्य पालकों को हर संभव तकनीकी व वित्तीय सहायता ससमय प्रदान करें। उन्होंने स्थानीय मछुआरों से भी वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की अपील की ताकि वे आधुनिक तकनीकों का लाभ उठाकर अपनी आय को दोगुना कर सकें।इसके अलावा उपायुक्त ने कहा कि पुनासी जलाशय में मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन केवल एक सरकारी कार्यक्रम मात्र नहीं है, बल्कि यह हमारे ग्रामीण भाइयों और मछुआरा समाज के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक दूरगामी कदम है। आगे उपायुक्त ने कहा की जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य इन जलाशयों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है। इस योजना के सफल क्रियान्वयन से न सिर्फ जिले में मछली उत्पादन में आत्मनिर्भरता आएगी, बल्कि सरकार के ‘नीली क्रांति’ के सपने को भी एक नई गति मिलेगी। आगे मत्स्य पालकों को भरोसा दिलाते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन मत्स्य पालकों को हर संभव तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्थानीय मछुआरों से वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की अपील की ताकि वे आधुनिक तकनीकों का लाभ उठाकर अपनी आय को दोगुना कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।संचयन कार्यकम में उपरोक्त के अलावा उप विकास आयुक्त श्री पीयूष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी श्री रवि कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी साथ ही केज मित्र, मत्स्य मित्र, केज लाभुक, मत्स्य बीज उत्पादक मत्स्य कृषक आदि उपस्थित थे।

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