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LPG सिलेंडर होगा महंगा? नए शुल्क की तैयारी से बढ़ सकती है रसोई का खर्च, सरकार बना रही रणनीतिक गैस भंडारण योजना

नई दिल्ली। देशभर के करोड़ों एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार देश में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने और भविष्य में किसी भी वैश्विक संकट के दौरान गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एलपीजी (LPG) और प्राकृतिक गैस (PNG) का रणनीतिक भंडार (Strategic Reserve) बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सरकार एलपीजी और पीएनजी पर एक नया अतिरिक्त शुल्क (सेस) लगाने पर विचार कर रही है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी हो सकती है और उपभोक्ताओं के मासिक रसोई बजट पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

LPG सिलेंडर होगा महंगा? नए शुल्क की तैयारी से बढ़ सकती है रसोई का खर्च

सूत्रों के अनुसार, पेट्रोलियम मंत्रालय ने एलपीजी पर 1.29 रुपये प्रति किलोग्राम तथा पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर 1.43 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में लगभग 18 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है। वहीं पीएनजी उपभोक्ताओं के मासिक गैस बिल में भी लगभग 2 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। लेकिन ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस पर फैसला लिया जा सकता है क्योंकि देश में रणनीतिक गैस भंडारण की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।

रणनीतिक गैस भंडारण की क्यों पड़ी जरूरत?

भारत दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों में शामिल है। देश अपनी गैस और कच्चे तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट जैसी घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति बाधित होती है तो भारत को भी इसका असर झेलना पड़ सकता है।

इसी कारण सरकार अब एलपीजी और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार तैयार करना चाहती है ताकि किसी भी आपात स्थिति में देश के नागरिकों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े। यह रणनीतिक भंडारण योजना अगले 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

42 अरब डॉलर की परियोजना

सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 42 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है। इसके तहत देशभर में बड़े-बड़े गैस भंडारण केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों में बड़ी मात्रा में एलपीजी और प्राकृतिक गैस सुरक्षित रखी जाएगी ताकि संकट के समय तुरंत आपूर्ति की जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस परियोजना से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और विदेशी बाजारों पर निर्भरता का जोखिम कम होगा।

हर साल सरकार को होगी अतिरिक्त आय

प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क लागू होने के बाद सरकार को हर वर्ष लगभग 1.5 अरब डॉलर की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है। यही राशि गैस भंडारण अवसंरचना (Infrastructure) तैयार करने, नए स्टोरेज टैंक बनाने और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार में खर्च की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं बल्कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को सुरक्षित करना है।

LPG सिलेंडर होगा महंगा? आम उपभोक्ता पर क्या पड़ेगा असर

यदि नया शुल्क लागू होता है तो सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ सकता है। पहले से ही बढ़ती महंगाई के बीच एलपीजी सिलेंडर महंगा होने से घरेलू बजट प्रभावित होगा।

विशेष रूप से उन परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है जो बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर का उपयोग करते हैं। वहीं पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए भी मासिक बिल बढ़ने की संभावना है।

हालांकि सरकार का तर्क है कि यह अतिरिक्त शुल्क देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगाया जाएगा, जिससे भविष्य में गैस आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से बचा जा सके।

अभी अंतिम फैसला नहीं

फिलहाल इस प्रस्ताव पर अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। सरकार विभिन्न मंत्रालयों और संबंधित एजेंसियों से सुझाव लेने के बाद अंतिम निर्णय लेगी। यदि प्रस्ताव मंजूर होता है तो इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार उपभोक्ताओं पर बोझ कम रखने के लिए कुछ राहत उपायों पर भी विचार कर सकती है।

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