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रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 यानी JSSC-CGL में कथित अनियमितता के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई की है। परीक्षा में अनियमितता कर सफल होने के आरोप में सीआईडी ने चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थियों का संबंध धनबाद और बोकारो से बताया गया है।
सीआईडी अब इस मामले में आरोपियों के कथित अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी को आशंका है कि परीक्षा में गड़बड़ी का मामला केवल झारखंड तक सीमित नहीं हो सकता और इसमें दूसरे राज्यों के कुछ लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। इसी दिशा में जांच आगे बढ़ाई जा रही है। JSSC-CGL मामले में चार अभ्यर्थी धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार, अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश।
JSSC-CGL परीक्षा में अनियमितता का मामला
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से वर्ष 2023 में झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में कथित अनियमितता और गड़बड़ी से संबंधित मामले की जांच सीआईडी कर रही है।JSSC-CGL मामले में चार अभ्यर्थी धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार, अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश।

जांच के दौरान सीआईडी को परीक्षा में सफल रहे कुछ अभ्यर्थियों की भूमिका संदिग्ध मिली। इसके बाद एजेंसी ने चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों की ओर से मामले में आरोपियों से पूछताछ कर परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
धनबाद और बोकारो से हुई गिरफ्तारी
सीआईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थियों में धनबाद और बोकारो से जुड़े लोग शामिल हैं। अखबारी रिपोर्ट के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में धनबाद के नावाडीह थाना क्षेत्र के दीपक कुमार, बिहार के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के निवासी उमेश कुमार राय, धनबाद के राजगंज थाना क्षेत्र के विजय कुमार तिवारी और बिहार के कोपा थाना क्षेत्र के निवासी आनंद कुमार सिंह शामिल हैं।
जांच एजेंसी अब इन सभी आरोपियों की परीक्षा से संबंधित गतिविधियों और एक-दूसरे से संभावित संपर्क की पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए कथित तौर पर किस तरह की अनियमितता की गई।JSSC-CGL मामले में चार अभ्यर्थी धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार, अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश।
आरोपियों के अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश
मामले की जांच में सीआईडी को आरोपियों के कथित अंतरराज्यीय संपर्कों की जानकारी मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है। जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि क्या झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों में रहने वाले कुछ लोग भी इस पूरे मामले से जुड़े हुए हैं।
जांच के दौरान सामने आए संपर्कों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर सीआईडी आगे की कार्रवाई कर रही है। एजेंसी की नजर उन लोगों पर भी है, जिनका आरोपियों से संपर्क रहा हो सकता है।JSSC-CGL मामले में चार अभ्यर्थी धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार, अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश।
रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी को ऐसे लोगों के बारे में कुछ इनपुट मिले हैं, जो झारखंड के बाहर रहकर भी कथित तौर पर परीक्षा से संबंधित गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि पूरे नेटवर्क और उनकी वास्तविक भूमिका का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
दूसरे राज्यों में होने वाली परीक्षाओं पर भी नजर
जांच के दौरान यह संभावना भी सामने आई है कि कथित तौर पर परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले लोग केवल झारखंड में आयोजित होने वाली परीक्षाओं तक सीमित नहीं थे। सीआईडी इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों का दूसरे राज्यों में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं से कोई संबंध था या नहीं।JSSC-CGL मामले में चार अभ्यर्थी धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार, अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश।
जांच एजेंसी को शक है कि परीक्षा में सफल होने के लिए कथित तौर पर कुछ लोगों ने अभ्यर्थियों से संपर्क किया होगा। इस दिशा में आरोपियों के संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
दिल्ली से दो आरोपियों की गिरफ्तारी का भी जिक्र
मामले की जांच में सीआईडी ने दिल्ली से भी दो लोगों को गिरफ्तार किया था। अखबारी रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों आरोपियों को एक ही पते पर साथ रहने के दौरान पकड़ा गया था। दोनों आरोपी करीब तीन साल पहले एक कंपनी में काम करते थे।JSSC-CGL मामले में चार अभ्यर्थी धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार, अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दिल्ली में रहने वाले इन लोगों का JSSC-CGL मामले में गिरफ्तार चार अभ्यर्थियों से किस तरह का संपर्क था। इसके साथ ही कंपनी में काम करने के दौरान उनकी गतिविधियों और कथित परीक्षा गड़बड़ी से जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
पांच दिन की रिमांड पर लिए गए आरोपी
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को सीआईडी ने पांच दिन की रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान उनसे परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े कई पहलुओं पर जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई।JSSC-CGL मामले में चार अभ्यर्थी धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार, अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में गड़बड़ी के लिए किस स्तर पर संपर्क किया गया था और अभ्यर्थियों तक कथित तौर पर जानकारी या मदद कैसे पहुंचाई गई। रिमांड के दौरान मिली जानकारी के आधार पर सीआईडी अन्य संभावित आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की भूमिका की जांच
JSSC-CGL मामले में जांच एजेंसी अब उन अभ्यर्थियों की भूमिका पर भी ध्यान दे रही है, जिन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल की थी और जिन पर अनियमितता में शामिल होने का आरोप है।JSSC-CGL मामले में चार अभ्यर्थी धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार, अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश।
जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि आरोपियों ने परीक्षा के दौरान या उससे पहले किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क किया था या नहीं। इसके अलावा उनके मोबाइल फोन, संपर्क और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के जरिए मामले की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
मामले में गिरफ्तार सभी लोगों से पूछताछ के बाद जांच एजेंसी को अन्य संदिग्धों और कथित नेटवर्क के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।JSSC-CGL मामले में चार अभ्यर्थी धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार, अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश।
जेपीएससी में भी प्रमाण पत्र सत्यापन को लेकर कार्रवाई
इसी खबर से जुड़े दूसरे मामले में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2022 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति से संबंधित कार्रवाई का भी उल्लेख है।JSSC-CGL मामले में चार अभ्यर्थी धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार, अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश।
रिपोर्ट के अनुसार दो अभ्यर्थियों की नियुक्ति अनुशंसा रद्द कर दी गई है। इनमें सुनील दास और आयन का नाम बताया गया है। दोनों का चयन डिप्टी कलेक्टर पद के लिए हुआ था।
बताया गया है कि प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद दोनों अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद कार्मिक विभाग की ओर से कार्रवाई की गई। दोनों अभ्यर्थियों को शैक्षणिक, जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया में शामिल नहीं होने के कारण उनकी नियुक्ति अनुशंसा रद्द की गई।JSSC-CGL मामले में चार अभ्यर्थी धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार, अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता पर जोर
JSSC-CGL मामले में सीआईडी की कार्रवाई के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के चयन की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता का असर बड़ी संख्या में उम्मीदवारों पर पड़ सकता है।
जांच एजेंसी की कार्रवाई का उद्देश्य कथित गड़बड़ी में शामिल लोगों की पहचान करना और पूरे मामले की कड़ियों को सामने लाना है। इसके लिए गिरफ्तार अभ्यर्थियों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।JSSC-CGL मामले में चार अभ्यर्थी धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार, अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश।
आगे और गिरफ्तारियां संभव
मामले की जांच अभी जारी है। सीआईडी आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ उनके संपर्कों और कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।JSSC-CGL मामले में चार अभ्यर्थी धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार, अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश।
फिलहाल चार अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितता किस स्तर पर हुई और इसमें कितने लोग शामिल थे।
कुल मिलाकर JSSC-CGL मामले में धनबाद और बोकारो से चार अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। सीआईडी अब आरोपियों के कथित अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है।