झारखंड नल जल मित्र भर्ती 2026:
रांची: झारखंड में ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। झारखंड नल जल मित्र भर्ती 2026 जल जीवन मिशन 2.0 के तहत राज्य की पंचायतों में 13 हजार से अधिक नल जल मित्रों का चयन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य गांवों में नल से जलापूर्ति योजनाओं का बेहतर संचालन, नियमित रखरखाव और ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एपेक्स कमेटी की बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। योजना के तहत राज्य की 4,345 पंचायतों में नल जल मित्रों की तैनाती की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
हर पंचायत में होंगे तीन नल जल मित्र
योजना के अनुसार, प्रत्येक पंचायत में औसतन तीन नल जल मित्रों का चयन किया जाएगा। इस तरह राज्यभर में 13 हजार से अधिक लोगों को इस कार्यक्रम से जोड़ने की योजना है। चयनित नल जल मित्र अपने क्षेत्र की ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की निगरानी करेंगे और जरूरत पड़ने पर छोटी-मोटी तकनीकी समस्याओं की मरम्मत में सहायता करेंगे।
इससे पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करने में मदद मिलेगी। साथ ही, ग्रामीणों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी।
युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता
नल जल मित्र कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण युवाओं, पूर्व सैनिकों, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ना है। चयनित अभ्यर्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे जलापूर्ति योजनाओं का संचालन, छोटी-मोटी मरम्मत और नियमित रखरखाव कर सकें।
प्रशिक्षण के बाद नल जल मित्र अपने गांव और पंचायत में पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे गांवों में तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए बाहरी कर्मचारियों पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
बीआईटी मेसरा और अन्य संस्थानों से मिलेगा प्रशिक्षण
नल जल मित्रों के कौशल विकास के लिए बीआईटी मेसरा, आईएसएम धनबाद और निर्मला कॉलेज जैसे संस्थानों के सहयोग से प्रशिक्षण की व्यवस्था प्रस्तावित है। खबर के अनुसार, नए अभ्यर्थियों को 510 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, अल्पकालिक प्रशिक्षण और अनुभवी कर्मियों के लिए 120 घंटे का कौशल उन्नयन कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य अभ्यर्थियों को पेयजल आपूर्ति प्रणाली से संबंधित तकनीकी जानकारी देना और उन्हें व्यावहारिक कार्यों के लिए तैयार करना है।
डिजिटल निगरानी व्यवस्था भी होगी मजबूत
जलापूर्ति योजनाओं की निगरानी को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल डेटा गवर्नेंस को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत राज्य और जिला स्तर पर कमांड एंड सपोर्ट सेंटर बनाए जाने की योजना है। चयनित नल जल मित्रों को झारखंड जल पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे योजनाओं की निगरानी और कार्यों का रिकॉर्ड रखने में सहायता मिलेगी।
इसके अलावा, पंचायत राज और श्रम विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। संबंधित विभाग चयन प्रक्रिया, दिशा-निर्देश और कार्यक्रम के संचालन में सहयोग करेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और पेयजल सुविधा को मिलेगा बढ़ावा
झारखंड नल जल मित्र भर्ती 2026:झारखंड की पंचायतों में बहाल होंगे 13 हजार से अधिक नल जल मित्र, युवाओं को मिलेगा रोजगार
झारखंड में नल जल मित्रों की नियुक्ति से एक ओर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के संचालन में सुधार हो सकता है। प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता से छोटी-मोटी तकनीकी खराबियों को समय पर ठीक करने और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
हालांकि, चयन की तारीख, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, मानदेय और आधिकारिक भर्ती अधिसूचना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा राज्य सरकार की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।
झारखंड नल जल मित्र भर्ती 2026:झारखंड की पंचायतों में बहाल होंगे 13 हजार से अधिक नल जल मित्र, युवाओं को मिलेगा रोजगार
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