रांची | 30 अक्टूबर 2026 | Jharkhand Education News
झारखंड में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 का आयोजन 1 नवंबर को किया जाएगा। लगभग 10 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद होने जा रही इस परीक्षा में राज्यभर के 5,65,048 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों की भागीदारी को देखते हुए राज्य सरकार और झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) ने परीक्षा की तैयारियां तेज कर दी हैं।
परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरे राज्य में कुल 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा पुलिस बल, दंडाधिकारी, उड़नदस्ता दल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती भी की जाएगी।
मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने सभी जिलों के उपायुक्तों (DC), वरीय पुलिस अधीक्षकों (SSP) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को परीक्षा की तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया है। 29 अक्टूबर को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और नकल रोकने के उपायों पर चर्चा की गई।
इस परीक्षा का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि झारखंड में पिछले लगभग एक दशक से JTET का आयोजन नहीं हुआ था। इस कारण शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। अब परीक्षा आयोजित होने से अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि राज्य में सरकारी शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता खुलेगा।The Times of India+3
1. 1 नवंबर को होगी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा
झारखंड में JTET 2026 परीक्षा को लेकर लंबे समय से तैयारी चल रही थी। अब झारखंड अधिविद्य परिषद की ओर से परीक्षा की तारीख 1 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
यह परीक्षा उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो सरकारी विद्यालयों में शिक्षक बनने की पात्रता प्राप्त करना चाहते हैं।
राज्य में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पात्रता परीक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी कारण लाखों युवाओं ने JTET के लिए आवेदन किया है।
इस बार परीक्षा में कुल 5,65,048 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए राज्यभर में 986 केंद्र बनाए गए हैं।
परीक्षा का आयोजन दो अलग-अलग पालियों में किया जाएगा। पहली पाली में उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षक बनने की पात्रता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। दूसरी पाली में प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 तक के अभ्यर्थी शामिल होंगे।
परीक्षा के सफल आयोजन के लिए JAC ने विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की है। इसी के आधार पर सभी जिलों में परीक्षा की तैयारियां की जा रही हैं।
2. 5,65,048 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, जानिए पूरा आंकड़ा
इस बार JTET परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या काफी अधिक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 5,65,048 अभ्यर्थियों ने दोनों स्तरों की परीक्षा के लिए आवेदन किया है।
इनमें प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थी शामिल हैं।
| परीक्षा का स्तर | अभ्यर्थियों की संख्या |
|---|---|
| प्राथमिक स्तर (कक्षा 1–5) | 1,95,935 |
| उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6–8) | 3,69,113 |
| कुल | 5,65,048 |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थियों से अधिक है।
राज्य सरकार और परीक्षा आयोजन करने वाली संस्था के सामने इतने बड़े स्तर पर परीक्षा कराना एक बड़ी जिम्मेदारी है।
अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण परीक्षा केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था, प्रश्नपत्रों का वितरण, उत्तर पुस्तिकाओं का संग्रह और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की गई है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा देने का समान अवसर मिले और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।Amar Ujala Hindi News Live+2
3. राज्यभर में बनाए गए 986 परीक्षा केंद्र
JTET 2026 के लिए झारखंड के सभी 24 जिलों में कुल 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
परीक्षा केंद्रों का निर्धारण अभ्यर्थियों की संख्या और स्थानीय उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया गया है।
इतनी बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्र बनाने का उद्देश्य यह है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जा सके।
प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर केंद्राधीक्षक और वीक्षकों की जिम्मेदारी तय की गई है। इसके अलावा सुरक्षा कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भी तैनाती की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, रोशनी, शौचालय और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कुछ जिलों में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था करना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है।
धनबाद में 109 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जबकि पूर्वी सिंहभूम में 93 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी।
इसी तरह बोकारो में 72, पलामू में 47 और देवघर में 45 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
सभी जिलों में प्रशासनिक अधिकारी परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।
4. दो पालियों में होगी परीक्षा, समय जरूर जान लें
JTET 2026 परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को अपने परीक्षा के स्तर के अनुसार समय का विशेष ध्यान रखना होगा।
पहली पाली: उच्च प्राथमिक स्तर
- कक्षा: 6 से 8
- परीक्षा समय: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक।
- रिपोर्टिंग समय: अपने प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देश के अनुसार।
दूसरी पाली: प्राथमिक स्तर
- कक्षा: 1 से 5
- परीक्षा समय: दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक।
- रिपोर्टिंग समय: अपने प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देश के अनुसार।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा शुरू होने से पहले ही केंद्र पर पहुंच जाएं।
विशेषकर सुबह की पाली में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को समय का ध्यान रखना होगा। सुबह 7:30 बजे तक केंद्र पहुंचने की जानकारी भी प्रकाशित रिपोर्टों में दी गई है।
हालांकि, अभ्यर्थियों के लिए अंतिम रिपोर्टिंग समय और प्रवेश संबंधी निर्देश उनके एडमिट कार्ड पर दिए गए विवरण के अनुसार ही मान्य होंगे।
परीक्षा केंद्र पर देरी से पहुंचने पर प्रवेश संबंधी परेशानी हो सकती है। इसलिए उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले अपने केंद्र का पता और वहां पहुंचने का रास्ता देख लेना चाहिए।The Times of India+2
5. सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों से होगी निगरानी
इस बार JTET परीक्षा को कदाचारमुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।
राज्यभर के 986 परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।
इसका उद्देश्य परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल, अनुचित गतिविधि या बाहरी हस्तक्षेप को रोकना है।
परीक्षा केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों पर प्रशासन की नजर रहेगी। केंद्रों के अंदर प्रवेश करने वाले अभ्यर्थियों की जांच की जाएगी।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
प्रशासन की ओर से यह भी निर्देश दिया गया है कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को प्रवेश न दिया जाए।
परीक्षा के दौरान यदि कोई व्यक्ति नकल कराने, प्रश्नपत्र लीक करने या किसी अन्य गलत गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इतनी बड़ी परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
6. मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
JTET परीक्षा की तैयारियों को लेकर राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा की।
उन्होंने उपायुक्तों, SSP और SP को परीक्षा के सफल आयोजन के लिए जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया।
मुख्य सचिव ने परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों से कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और परीक्षा सामग्री के वितरण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
इसके साथ ही सभी जिलों से तैयारियों की जानकारी लेकर कमियों को समय पर दूर करने पर जोर दिया गया।
परीक्षा के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष वातावरण मिले और किसी भी उम्मीदवार के साथ अन्याय न हो।The Times of India+2
7. प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए बनाई गई विशेष व्यवस्था
JTET जैसी बड़ी परीक्षा में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक होती है।
परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने के कारण प्रश्नपत्रों को समय पर सभी केंद्रों तक पहुंचाना और उनकी गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है।
इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को विशेष जिम्मेदारी दी गई है।
प्रश्नपत्रों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित स्थानों पर रखा जाएगा। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था का पालन किया जाएगा।
प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रश्नपत्रों की ढुलाई में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
पूर्वी सिंहभूम जैसे जिलों में जिला मुख्यालय से बाहर स्थित परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों को सुरक्षित पहुंचाने की तैयारी भी की गई है।
बोकारो जिले में प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहनों की GPS के माध्यम से निगरानी करने की व्यवस्था की जानकारी भी सामने आई है।
प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
यदि प्रश्नपत्र लीक करने या परीक्षा में धोखाधड़ी करने की कोशिश की जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
8. परीक्षा केंद्रों के बाहर भी तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी
परीक्षा के दौरान केवल परीक्षा केंद्रों के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाएगी।
इसके लिए पुलिसकर्मियों, गृह रक्षकों और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ जमा न हो, इसके लिए प्रशासन निगरानी करेगा।
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के अलावा अन्य लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सकता है।
इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।
परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस की गश्ती भी रहेगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
9. नकल रोकने के लिए उड़नदस्ता दल और विशेष जांच
JTET परीक्षा में नकल रोकने के लिए उड़नदस्ता दल भी सक्रिय रहेंगे।
इन दलों का काम परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करना और यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा निर्धारित नियमों के अनुसार हो रही है।
उड़नदस्ता दल अचानक परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्था की जांच कर सकते हैं।
इसके अलावा केंद्राधीक्षकों और वीक्षकों को भी अपनी जिम्मेदारी पूरी सतर्कता के साथ निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
यदि किसी अभ्यर्थी के पास प्रतिबंधित सामग्री मिलती है या वह अनुचित तरीके से परीक्षा देने की कोशिश करता है, तो निर्धारित परीक्षा नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने साफ किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
10. परीक्षा केंद्र में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध
परीक्षा में नकल और अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लेकर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं।
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच और अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर जाने से बचना चाहिए।
बोकारो जिला प्रशासन ने विशेष रूप से परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लेकर सख्त व्यवस्था की जानकारी दी है।
अभ्यर्थियों की प्रवेश से पहले जांच की जाएगी। परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
परीक्षा में तैनात वीक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी मोबाइल फोन को लेकर निर्देश दिए गए हैं। संबंधित रिपोर्ट के अनुसार, वीक्षकों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले अपने मोबाइल जमा करने होंगे।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर केवल आवश्यक और अनुमत सामान ही लेकर जाएं।
अंतिम रूप से प्रतिबंधित और अनुमत वस्तुओं की सूची के लिए अपना एडमिट कार्ड और JAC के निर्देश जरूर पढ़ें।The Times of India+1
11. धनबाद में सबसे ज्यादा 109 परीक्षा केंद्र
झारखंड के धनबाद जिले में JTET परीक्षा के लिए सबसे अधिक 109 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
यहां लगभग 39 हजार अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है।
इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के आने के कारण जिला प्रशासन ने विशेष तैयारी की है।
परीक्षा केंद्रों पर वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति, सुरक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण को लेकर काम किया जा रहा है।
धनबाद में प्रशासन की प्राथमिकता है कि सभी अभ्यर्थियों को बिना किसी परेशानी के परीक्षा देने का अवसर मिले।
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश और जांच की व्यवस्था को भी व्यवस्थित किया जा रहा है।
इसके अलावा परीक्षा के दौरान किसी तरह की अफवाह या फर्जी प्रश्नपत्र फैलाने वालों पर भी नजर रखी जाएगी।
12. बोकारो में 46,181 अभ्यर्थियों के लिए विशेष तैयारी
बोकारो जिले में भी JTET परीक्षा को लेकर व्यापक तैयारी की गई है।
जिले में कुल 72 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 46,181 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।
उपायुक्त अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की।
प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने पर जोर दिया है।
बोकारो में परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की जांच, अनधिकृत प्रवेश पर रोक और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
पुलिस और साइबर सेल की टीम सोशल मीडिया पर भी नजर रखेगी, ताकि कोई व्यक्ति फर्जी प्रश्नपत्र या भ्रामक जानकारी फैलाकर अभ्यर्थियों को गुमराह न कर सके।The Times of India
13. देवघर में 45 केंद्रों पर होगी परीक्षा
देवघर जिले में JTET परीक्षा के लिए कुल 45 केंद्र बनाए गए हैं।
इन केंद्रों पर लगभग 18 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।
परीक्षा की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने केंद्राधीक्षकों के साथ बैठक की है।
बैठक में परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, रोशनी, शौचालय और बैठने की व्यवस्था की समीक्षा की गई।
इसके अलावा वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति और सुरक्षा व्यवस्था को भी अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया।
देवघर में परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए लगभग 1,101 वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जानकारी प्रकाशित हुई है।
प्रशासन का प्रयास है कि परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
14. पूर्वी सिंहभूम में 93 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा
पूर्वी सिंहभूम जिले में JTET परीक्षा के लिए 93 केंद्र तैयार किए गए हैं।
जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है।
जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैठक की।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की जांच, पुलिस बल की तैनाती और प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जिला मुख्यालय से बाहर स्थित परीक्षा केंद्रों तक परीक्षा सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं।
15. पलामू और साहिबगंज में भी तैयारियां तेज
पलामू जिले में JTET परीक्षा के लिए 47 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां लगभग 30,422 अभ्यर्थियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
वहीं साहिबगंज जिले में 22 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 11,385 अभ्यर्थियों के परीक्षा देने की संभावना है।
दोनों जिलों में प्रशासन परीक्षा के सफल आयोजन के लिए तैयारी कर रहा है।
परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
इन जिलों में भी अभ्यर्थियों को समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने और एडमिट कार्ड में दिए गए निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।Johar LIVE+1
16. वर्ष 2016 के बाद हो रही है JTET परीक्षा
इस बार JTET परीक्षा का आयोजन इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि झारखंड में लंबे समय से इस परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ था।
पिछले लगभग 10 वर्षों से शिक्षक पात्रता परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह बड़ी राहत है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झारखंड में JTET का आयोजन पहले 2013 और 2016 में हुआ था। इसके बाद पात्रता नियमों और कानूनी विवादों के कारण परीक्षा आयोजित करने में लगातार देरी होती रही।
इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने शिक्षक बनने के लिए आवश्यक शैक्षणिक और प्रशिक्षण योग्यताएं प्राप्त कीं, लेकिन पात्रता परीक्षा नहीं होने के कारण उन्हें आगे बढ़ने में परेशानी हुई।
कई अभ्यर्थियों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और संबंधित विभागों के सामने अपनी मांग रखी।
अब 1 नवंबर को परीक्षा आयोजित होने से लंबे समय से इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को एक बड़ा अवसर मिलने जा रहा है।
परीक्षा के आयोजन से राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की उम्मीद भी मजबूत हुई है।The Times of India+1
17. JTET परीक्षा में देरी क्यों हुई?
झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा के लंबे समय तक आयोजित नहीं होने के पीछे पात्रता नियमों और कानूनी विवादों को प्रमुख कारण बताया गया है।
शिक्षक नियुक्ति से जुड़े नियमों में बदलाव और पात्रता संबंधी विवादों के कारण परीक्षा की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी।
अलग-अलग समय पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा आयोजित करने की मांग उठाई।
मामला न्यायालय तक भी पहुंचा। इसके कारण परीक्षा की तारीख और नियमों को लेकर कई बार स्थिति स्पष्ट होने में समय लगा।
अब JTET Rules, 2026 के तहत परीक्षा आयोजित की जा रही है।
इस बार परीक्षा को व्यवस्थित रूप से आयोजित करने के लिए JAC ने विस्तृत SOP तैयार की है।
इसका उद्देश्य परीक्षा के संचालन, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, अभ्यर्थियों की जांच और उत्तर पुस्तिकाओं के प्रबंधन की प्रक्रिया को स्पष्ट बनाना है।
अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में JTET का आयोजन नियमित अंतराल पर किया जाएगा, ताकि भविष्य में उन्हें इतने लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।The Times of India+1
18. JTET पास करने के बाद क्या होगा?
अभ्यर्थियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि JTET परीक्षा पास करने के बाद उन्हें सरकारी शिक्षक की नौकरी कब मिलेगी।
यह समझना जरूरी है कि JTET एक शिक्षक पात्रता परीक्षा है। इसे पास करने से अभ्यर्थी शिक्षक नियुक्ति के लिए निर्धारित पात्रता हासिल करते हैं, लेकिन इससे सीधे सरकारी नौकरी नहीं मिलती।
सरकारी विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए संबंधित भर्ती विज्ञापन जारी होने पर अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होना होगा।
इसके लिए संबंधित विभाग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या, आरक्षण, शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण योग्यता और अन्य पात्रता शर्तों को ध्यान में रखा जाएगा।
इसलिए अभ्यर्थियों को JTET के साथ-साथ आगामी शिक्षक भर्ती की जानकारी पर भी नजर रखनी चाहिए।
परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को अपने शैक्षणिक दस्तावेज, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी कागजात सुरक्षित रखने चाहिए।
19. झारखंड में करीब 39 हजार शिक्षक पद खाली होने की जानकारी
राज्य में शिक्षक भर्ती की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की 28 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022-23 में लगभग 50 हजार सहायक शिक्षक पद स्वीकृत किए गए थे। इनमें करीब 26 हजार पदों के लिए JSSC को अधियाचन भेजा गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक लगभग 11 हजार नियुक्तियां हुई हैं और करीब 39 हजार पद खाली बताए गए हैं।
इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पात्र अभ्यर्थियों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह के अनुसार, JTET में देरी शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया में एक बड़ी बाधा रही है।
अब परीक्षा के आयोजन के बाद विभाग को उम्मीद है कि रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
हालांकि, सभी खाली पदों पर नियुक्ति कब होगी, कितने पदों के लिए नया विज्ञापन निकलेगा और चयन प्रक्रिया क्या होगी, इसकी अलग से आधिकारिक घोषणा जरूरी होगी।The Times of India
20. परीक्षा का परिणाम दो महीने के भीतर आने की उम्मीद
JTET परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए परिणाम भी एक महत्वपूर्ण विषय है।
परीक्षा आयोजित होने के बाद उम्मीदवारों को उत्तर कुंजी और परिणाम का इंतजार रहेगा।
टाइम्स ऑफ इंडिया की 28 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, स्कूली शिक्षा विभाग के सचिव ने परिणाम लगभग दो महीने के भीतर आने की उम्मीद जताई है।
इसका मतलब है कि परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने की कोशिश की जा सकती है।
हालांकि, परिणाम जारी करने की अंतिम तारीख JAC की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगी।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे परिणाम और उत्तर कुंजी के लिए JAC की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।
किसी भी अनजान वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट पर दिए गए परिणाम संबंधी दावों पर बिना पुष्टि भरोसा नहीं करना चाहिए।
21. अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
JTET परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए।
कई बार अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी तो अच्छी करते हैं, लेकिन एडमिट कार्ड, पहचान पत्र या परीक्षा केंद्र के नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण परेशानी में पड़ जाते हैं।
इसलिए उम्मीदवारों को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए।
परीक्षा से पहले जरूरी तैयारी:
- अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करके उसका प्रिंट निकाल लें।
- परीक्षा केंद्र का पूरा पता पहले ही देख लें।
- परीक्षा केंद्र तक पहुंचने का रास्ता और यात्रा का समय जांच लें।
- आधार कार्ड या निर्धारित मूल पहचान पत्र साथ रखें।
- एडमिट कार्ड पर लिखे रिपोर्टिंग समय का पालन करें।
- मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच और प्रतिबंधित सामान लेकर न जाएं।
- परीक्षा केंद्र पर निर्धारित नियमों का पालन करें।
- परीक्षा शुरू होने से पहले अपने रोल नंबर और परीक्षा कक्ष की जानकारी जांच लें।
अभ्यर्थियों को अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए परीक्षा से एक दिन पहले ही अपनी सभी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए।
22. दूसरे जिलों में परीक्षा केंद्र मिलने से अभ्यर्थियों की परेशानी
JTET परीक्षा में शामिल होने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने दूसरे जिलों में परीक्षा केंद्र आवंटित होने के कारण आने-जाने और ठहरने की परेशानी भी बताई है।
राज्यभर से लाखों उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होने वाले हैं। ऐसे में कई अभ्यर्थियों को अपने गृह जिले से बाहर जाकर परीक्षा देनी पड़ सकती है।
दूसरे जिले में परीक्षा केंद्र मिलने पर उम्मीदवारों के सामने बस, ट्रेन और रहने की व्यवस्था करने की चुनौती आती है।
खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में अधिक समय लग सकता है।
यदि परीक्षा सुबह की पाली में है, तो उन्हें एक दिन पहले ही संबंधित शहर पहुंचने की जरूरत पड़ सकती है।
इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड में दिए गए केंद्र का पता अच्छी तरह जांच लें और यात्रा की व्यवस्था पहले ही कर लें।
23. सोशल मीडिया पर फर्जी प्रश्नपत्र और अफवाहों से रहें सावधान
परीक्षा के समय सोशल मीडिया पर फर्जी प्रश्नपत्र, गलत उत्तर कुंजी और परीक्षा से जुड़ी भ्रामक खबरें फैलने की आशंका रहती है।
JTET 2026 में लाखों उम्मीदवार शामिल होने वाले हैं। ऐसे में कुछ असामाजिक तत्व अभ्यर्थियों को गुमराह करने के लिए फर्जी सामग्री साझा कर सकते हैं।
बोकारो प्रशासन ने भी साइबर सेल और सोशल मीडिया निगरानी टीम को सक्रिय रखने की जानकारी दी है।
अभ्यर्थियों को किसी भी व्यक्ति के बहकावे में नहीं आना चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति पैसे लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने या परीक्षा पास कराने का दावा करता है, तो उससे सावधान रहना चाहिए।
ऐसे मामलों की जानकारी संबंधित पुलिस या प्रशासन को दी जा सकती है।
परीक्षा से जुड़ी सही जानकारी केवल JAC और जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं से ही प्राप्त करनी चाहिए।
24. शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ा अवसर
झारखंड में JTET परीक्षा का आयोजन केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के लिए लंबे इंतजार के बाद मिला अवसर है।
राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने शिक्षक बनने के उद्देश्य से बीएड, डीएलएड और अन्य आवश्यक शैक्षणिक योग्यताएं प्राप्त की हैं।
लेकिन पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण उन्हें आगे बढ़ने में कठिनाई हो रही थी।
अब 1 नवंबर को JTET आयोजित होने से इन युवाओं को अपनी योग्यता साबित करने का अवसर मिलेगा।
परीक्षा पास करने के बाद वे निर्धारित नियमों के अनुसार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पात्रता हासिल कर सकेंगे।
राज्य में सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की जरूरत को देखते हुए इस परीक्षा को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यदि परीक्षा समय पर संपन्न होती है और परिणाम भी निर्धारित समय के आसपास जारी किया जाता है, तो आगामी शिक्षक नियुक्तियों की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष: 10 साल बाद JTET परीक्षा, लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदें
झारखंड में 1 नवंबर को आयोजित होने वाली JTET 2026 परीक्षा राज्य के लाखों युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लगभग 10 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद हो रही इस परीक्षा में 5,65,048 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
राज्यभर में 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर CCTV निगरानी, पुलिस बल, दंडाधिकारी और उड़नदस्ता दल की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने अधिकारियों को परीक्षा निष्पक्ष और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। JAC ने भी परीक्षा के सफल संचालन के लिए जरूरी तैयारियां की हैं।
इस परीक्षा से सबसे बड़ी उम्मीद शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की है। राज्य में बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाली होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में JTET का आयोजन भर्ती प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब सभी अभ्यर्थियों की नजर 1 नवंबर की परीक्षा पर टिकी है। उम्मीदवार उम्मीद कर रहे हैं कि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगी और उन्हें अपनी मेहनत का उचित परिणाम !