*मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिलों में एसआईआर से संबंधित पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से की बैठक*
*मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित सुनवाई हेतु केवल विशेष परिस्थितियों को छोड़कर मतदाताओं को ERO कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं*
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा यह व्यवस्था की गई है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर नोटिस की सुनवाई के लिए मतदाताओं को ERO कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी।
वर्तमान SIR के दौरान जिन व्यक्तियों को अनमैप्ड अथवा लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के संबंध में नोटिस जारी किया गया है, उनके घर पर BLO द्वारा स्वयं जाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर ECINet पर अपलोड किए जाएंगे, ताकि ERO द्वारा नियमानुसार निर्णय लिया जा सके। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यकतानुसार बीएलओ को घर-घर सत्यापन के दौरान बीएलओ सुपरवाइजर के द्वारा सहयोग किया जाए साथ ही वैसे बीएलओ जो तकनीकी रूप से ECINET पर दस्तावेजों को अपलोड करने में कमजोर हैं, उनकी सहायता हेतु जिला निर्वाचन पदाधिकारी आवश्यकतानुसार वॉलेंटियर एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
के. रवि कुमार ने कहा कि SIR के दौरान जिन व्यक्तियों को अनमैप्ड अथवा लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी सूची में नोटिस प्राप्त है, ऐसे व्यक्तियों को सामान्यतः ERO/AERO कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई हेतु बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल असाधारण परिस्थितियों में, ERO के निर्णयानुसार, सुनवाई आयोजित की जाएगी, जिसे ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर निर्वाचक द्वारा परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में उपस्थित होने के लिए अधिकृत किया जा सकेगा। साथ ही, जिला निर्वाचन पदाधिकारी ऑनलाइन सुनवाई की सुविधाओं को सुदृढ़ एवं पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं को पूर्व में नोटिस की सुनवाई के लिए निर्धारित स्थल पर आने की सूचना दी जा चुकी है और वे स्वयं सुनवाई स्थल पर पहुंचते हैं, ऐसी स्थिति में वहां संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध रहें। कोई भी मतदाता सुनवाई के लिए आए और उसे संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध न मिले, ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी आवश्यकतानुसार रात्रि आश्रय स्थलों में रहने वाले व्यक्तियों, श्रमिकों, गरीब, बेघर एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क/विशेष शिविर आयोजित करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है वहां कैंप मोड में डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा करें। इसके साथ-साथ आउटरीच प्रोग्राम के तहत मतदाताओं को फॉर्म 6 के माध्यम से मतदाता सूची में जोड़ने एवं वर्तमान में मतदाताओं से प्राप्त फॉर्म 6, 6A , 7 एवं 8 द्वारा प्राप्त आवेदनों का डिजिटाईजेशन एवं जिन मामलों में सुनवाई की आवश्यकता है, उनके लिए नोटिस जेनरेट करने की प्रक्रिया में भी तेजी लाएं।
के. रवि कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत मतदाताओं को जारी नोटिस की सुनवाई के दौरान पदाधिकारियों को ठोस, स्पष्ट एवं कारणयुक्त स्पीकिंग ऑर्डर पारित करने का निर्देश दिया है।उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले में यह स्पष्ट रूप से देखा जाए कि संबंधित व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होने की पात्रता पूरी करता है या नहीं। इसके लिए मुख्य रूप से यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित व्यक्ति भारत का नागरिक है, 1 अक्टूबर 2026 को उसकी आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है तथा वह संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र में सामान्य रूप से निवास करता है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र अथवा विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो।
इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी (मुख्यालय) धीरज कुमार ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी लोहरदगा संजय कुमार सहित वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला निर्वाचन पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ एवं एईआरओ उपस्थित थे।