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झारखंड में कैंसर जांच और रेडिएशन की आधुनिक सुविधा होगी उपलब्ध

सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में रेडिएशन सेंटर, एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए जगह अनिवार्य झारखंड सरकार ने राज्य…

*आयुष्मान भारत में झारखंड का उत्कर्ष: रांची सदर अस्पताल बना राष्ट्रीय रोल मॉडल, पुणे में मिला प्रथम स्थान*

*“पुणे में झारखंड का जलवा: आयुष्मान भारत में टॉप, देशभर में बजा डंका!”* *“मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की मेहनत लाई…

झारखंड में मेडिकल कॉलेजों के डिजाइन में बड़ा बदलाव, हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी गठितअस्पतालों की कार्यक्षमता सुधारने के लिए आईसीयू, ओटी और इमरजेंसी की नई वैज्ञानिक प्लानिंग होगी लागूझारखंड सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और मरीजों के अनुकूल बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने निर्माणाधीन और संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों की संरचना और योजना में सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।हालिया निरीक्षणों में यह सामने आया था कि कई अस्पतालों में आईसीयू, सीसीयू, एचडीयू, ऑपरेशन थिएटर, आईपीडी, रेडियोलाूजी सेंटर और डायग्नोस्टिक सेंटरों की स्थिति वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप नहीं है, जिससे मरीजों की आवाजाही और इलाज की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब अस्पतालों के डिजाइन की समीक्षा कर उन्हें पुनर्गठित करने का निर्णय लिया है।इस विशेषज्ञ समिति में रिम्स रांची के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ चिकित्सकों को शामिल किया गया है। इनमें डॉ हेमंत नारायण (कार्डियोलॉजी), डॉ प्रदीप कुमार भट्टाचार्य (क्रिटिकल केयर), डॉ अजीत कुमार डुंगडुंग (मेडिसिन), डॉ अनिल कुमार कमल (सर्जरी), डॉ अंशु जणैयार (पैथोलॉजी) और डॉ अनीश कुमार चौधरी (रेडियोलॉजी) विभाग शामिल हैं। इनके साथ सदर अस्पताल के प्रतिनिधि और झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के अधिकारी भी शामिल हैं।सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब अस्पतालों का निर्माण “पेशेंट फ्लो” और ‘वर्क फ्लो’ के वैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित होगा। इसके तहत आईसीयू, ओटी, इमरजेंसी, रेडियोलॉजी सेंटर आदि को एक ही फ्लोर पर स्थापित किया जाय। ट्रॉमा सेंटर को ग्राउंड फ्लोर पर मुख्य प्रवेश द्वार के पास स्थापित किया जाएगा ताकि एम्बुलेंस को त्वरित पहुंच मिल सके। आईसीयू, ओटी और इमरजेंसी सेवाओं को एक ही फ्लोर या नजदीकी क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिससे उपचार में समय की बचत हो।संक्रमण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन थिएटर को पूर्णतः स्टेराइल जोन के रूप में विकसित किया जाएगा और साफ व गंदे क्षेत्रों का स्पष्ट विभाजन किया जाएगा। साथ ही मरीजों, अस्पताल कर्मियों और बायो-मेडिकल वेस्ट के आवागमन के लिए अलग-अलग लिफ्ट और कॉरिडोर की व्यवस्था अनिवार्य होगी।रेडियोलॉजी, लैब और ब्लड बैंक जैसी सुविधाओं को ऐसी जगह स्थापित किया जाएगा, जहां से ओपीडी और इमरजेंसी दोनों के मरीज आसानी से पहुंच सकें।नई व्यवस्था के तहत निर्माण एजेंसियों को अपने डिजाइन विशेषज्ञ समिति के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। समिति द्वारा समीक्षा और आवश्यक सुझाव दिए जाने के बाद ही भवनों के अंतिम नक्शे को मंजूरी दी जाएगी।अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह के द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस पहल को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुव्यवस्थित और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

====================== *मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन आज हूल विद्रोह के महानायक वीर शहीद सिदो-कान्हू की जयंती…

झारखंड में बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए बनेगी नई गाइडलाइन

राज्य में बायो-मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा…

*मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 2 से 3 सितंबर 2026 तक रांची में आयोजित होने वाले “मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता पंजी” सम्बंधित विषय पर आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों की रूपरेखा तैयार करने हेतु की बैठक*

*अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हेतु एब्सट्रैक्ट समर्पित करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल* *कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी, पंजीकरण प्रक्रिया और विषयों की…

 10 एवं 11 अप्रैल 2026 को सदर अस्पताल रांची में जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) की पहचान एवं जांच हेतु लगेगा विशेष स्वास्थ्य शिविर

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अंतर्गत बच्चों में जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) की पहचान एवं जांच हेतु 10…

 राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना की समस्याओं पर जसास से झारोटेफ की वार्ता, शीघ्र समाधान का आश्वासन19 बिंदुओं पर सुझाव सौंपे, अधिकांश समस्याओं के समाधान का उल्लेखप्रांतीय अध्यक्ष श्री विक्रांत कुमार सिंह के नेतृत्व में झारखंड ऑफिसर्स, टीचर्स एंड एम्पलाइज एसोसिएशन का एक शिष्टमंडल झारखंड राज्य आरोग्य सोसायटी के कार्यकारी निदेशक श्री छवि रंजन से मिला। इस दौरान झारखंड राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना से संबंधित व्यावहारिक समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।महासंघ की ओर से 19 बिंदुओं पर आधारित सुझाव कार्यकारी निदेशक को प्रस्तुत किए गए, जिन पर बिंदुवार विचार-विमर्श किया गया। बैठक में कार्यकारी निदेशक के द्वारा अवगत कराया गया कि इनमें से अधिकांश बिंदुओं को संशोधित संकल्प में शामिल कर लिया गया है तथा उनके अनुरूप कार्रवाई भी की जा चुकी है। शेष बिंदुओं पर कार्यकारी निदेशक ने कहा कि इनहे शीघ्र ही क्रियान्वित किया जाएगा।कार्यकारी निदेशक श्री छवि रंजन ने कहा कि यह सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे देश की उत्कृष्ट स्वास्थ्य योजनाओं में स्थापित करने के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों एवं उनके प्रतिनिधियों के सहयोग को आवश्यक बताते हुए कहा कि संशोधित संकल्प के पश्चात योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है।बैठक में झारखंड राज्य आरोग्य सोसायटी की अपर कार्यकारी निदेशक श्रीमती सीमा सिंह, महाप्रबंधक श्री प्रवीण चंद्र मिश्रा, वरिष्ठ परामर्शी श्री विवेक कुमार नायक, श्री अंशु कुमार सिंह के साथ महासंघ के प्रांतीय कोषाध्यक्ष श्री नितिन कुमार, झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री राहुल कुमार मुर्मू, मुख्य समन्वयक श्री अरविंद कुमार तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य के सभी पंचायतों में स्थापित होंगे ‘हेल्थ कॉटेज’ – डॉ. इरफान अंसारी*

*ई-संजीवनी से बदलेगी तस्वीर, AI टेक्नोलॉजी से हाईटेक होगा झारखंड का हेल्थ सिस्टम* *747 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ और नई ब्लड…

*“मैं अपना कर्म कर रहा हूं… नतीजे खुद बोल रहे हैं” — मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का सीधा संदेश*

*“विश्व स्वास्थ्य दिवस पर भरोसे की जीत: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था देश में टॉप-3 में”* *“झारखंड ने बजाया देश में…