नई दिल्ली: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग वाली याचिका पर सोमवार, 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित की गई है।
सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष हरिशरण देवगन से संबंधित याचिका तथा मनीष कुमार से जुड़ा मामला सूचीबद्ध था। 24 अगस्त को इसी पीठ ने मामले में केंद्र सरकार, झारखंड सरकार, JPSC, CBI समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
सोमवार को उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मनीष कुमार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के उपलब्ध नहीं होने के कारण समय मांगा गया। वहीं हरिशरण देवगन की ओर से अदालत को बताया गया कि नोटिस जारी होने के बावजूद झारखंड सरकार और JPSC की ओर से अपेक्षित जवाब/शपथपत्र दाखिल नहीं किया गया है।
मामला कॉज लिस्ट में आइटम नंबर 57 पर था। दिन की कार्यवाही में मामला सुनवाई के लिए नहीं आ सका और इसे अगली तारीख के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया। ऐसे में सोमवार को CBI जांच का कोई आदेश जारी नहीं हुआ। अगस्त में दाखिल याचिका में JPSC की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और समयबद्ध CBI जांच की मांग की गई है।
मामले को दूसरी पीठ में स्थानांतरित किए जाने को लेकर जो चर्चा सामने आई थी, उस पर भी 28 सितंबर को कोई अंतिम आदेश नहीं हुआ। यह मुद्दा अब अगली सुनवाई में विचार के लिए सामने आ सकता है।इस पूरे प्रकरण में 5 अक्टूबर की तारीख को अगली महत्वपूर्ण सुनवाई माना जा रहा है। वहीं झारखंड हाईकोर्ट में संबंधित मामले की SIT मॉनिटरिंग पर 7 अक्टूबर को सुनवाई प्रस्तावित है।
