झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के 14वें दिन सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत का रास्ता खुला है। शुक्रवार शाम रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच औपचारिक वार्ता शुरू हुई।
शाम लगभग 7:23 बजे सरकार की ओर से मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा, जिसके बाद शाम 7:45 बजे एसडीएम की मौजूदगी में तीन वाहनों से छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को लाया गया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच दोनों पक्षों के आमने-सामने बैठकर चर्चा जारी है।
छात्रों की मुख्य मांगें
आंदोलनकारी छात्रों की मांग है कि 14वीं JPSC परीक्षा (PT) में सामने आई कथित अनियमितताओं और कदाचार के मामलों के कारण इसके परिणाम को तत्काल रद्द किया जाए। इसके साथ ही अन्य भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों पर पारदर्शी जांच और परीक्षा सुधार की मांग की जा रही है।
सरकार का रुख
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर CID इस मामले की कड़ाई और निष्पक्षता से जांच कर रही है और कई दोषियों को जेल भेजा जा चुका है। सरकार का कहना है कि वह छात्रों की मांगों के प्रति संवेदनशील है और उन्होंने अभ्यर्थियों से आंदोलन वापस लेने की अपील की है।
वार्ता में शामिल प्रतिनिधि
- सरकार की ओर से: मंत्री दीपिका पांडे सिंह, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंत्री चमरा लिंडा, मंत्री संजय यादव तथा अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह।
- छात्रों की ओर से: रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार।
वार्ता के नतीजों पर ही आंदोलनकारियों की आगे की रणनीति निर्भर करेगी। फिलहाल बैठक जारी है और इसके लंबे चलने की संभावना जताई जा रही है।
