रांची में बढ़े कुत्ते के काटने के मामले, एंटी-रेबीज टीकारांची में हर महीने तीन हजार से अधिक लोग एंटी-रेबीज टीका लेने पहुंच रहे हैं।

रांची एंटी रेबीज टीका:

रांची: राजधानी रांची में कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनी हुई हैं। अखबार में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, रांची में हर महीने तीन हजार से अधिक लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन लेने सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है, जिन्हें घरेलू या आसपास के आवारा कुत्तों ने काटा है।

कुत्ते के काटने के बाद रेबीज से बचाव के लिए समय पर उपचार बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संदिग्ध जानवर के काटने या खरोंचने के बाद घाव को तुरंत साफ करना और चिकित्सकीय सलाह लेना चाहिए। National Rabies Control Programme के अनुसार, घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक धोना प्राथमिक उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सरकारी अस्पतालों में बढ़ रहा एंटी-रेबीज टीके का दबाव

रांची के सरकारी अस्पतालों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग एंटी-रेबीज टीका लेने पहुंच रहे हैं। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, हर महीने तीन हजार से अधिक लोगों को टीका दिया जा रहा है।

इनमें 50 फीसदी से अधिक मामले घरेलू कुत्तों के काटने से जुड़े बताए गए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि केवल आवारा कुत्तों से ही नहीं, बल्कि घरों में पाले जाने वाले कुत्तों से जुड़े मामलों में भी सावधानी जरूरी है।

कुत्ते के काटने के बाद लोग अस्पतालों में पहुंचकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में बढ़ती संख्या के कारण कई जगह मरीजों की कतार भी देखने को मिल रही है।

कुत्ते के काटने के बाद तुरंत क्या करें?

कुत्ते या किसी अन्य संदिग्ध जानवर के काटने के बाद सबसे पहले घाव को साफ करना जरूरी है। National Rabies Control Programme के अनुसार, घाव या खरोंच को साबुन/डिटर्जेंट और पर्याप्त बहते पानी से करीब 15 मिनट तक धोना चाहिए। इसके बाद जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र में जाकर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

सरकारी दिशानिर्देशों में घाव पर मिर्च, मिट्टी, तेल, हल्दी, चूना, नमक या अन्य घरेलू पदार्थ लगाने से बचने की सलाह दी गई है।

काटने के बाद टीका लगवाना जरूरी

कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन की जरूरत एक्सपोजर की स्थिति और चिकित्सकीय मूल्यांकन के आधार पर तय होती है। National Rabies Control Programme के अनुसार, Post Exposure Prophylaxis यानी PEP में घाव का उपचार, जरूरत के अनुसार Rabies Immunoglobulin और एंटी-रेबीज वैक्सीन शामिल हो सकते हैं।

गंभीर यानी Category III एक्सपोजर में, जैसे त्वचा के आर-पार काटना या खरोंच और टूटी त्वचा पर लार लगना, वैक्सीन के साथ Rabies Immunoglobulin की जरूरत हो सकती है। इसका निर्णय डॉक्टर करते हैं।

लक्षण आने का इंतजार न करें

रेबीज ऐसी बीमारी है जिसमें लक्षण दिखाई देने के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। इसलिए कुत्ते या अन्य संदिग्ध जानवर के काटने के बाद लक्षण आने का इंतजार करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम के अनुसार, सही और समय पर Post Exposure Prophylaxis लेने से रेबीज की रोकथाम की जा सकती है।

घरेलू कुत्तों से जुड़े मामले भी बड़ी संख्या में

रांची में सामने आ रहे मामलों में घरेलू कुत्तों के काटने की संख्या भी महत्वपूर्ण है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, कुल मामलों में आधे से अधिक मामले घरेलू कुत्तों से जुड़े बताए गए हैं।

इससे पालतू कुत्तों के टीकाकरण, उनकी निगरानी और बच्चों को कुत्तों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने को लेकर जागरूकता की जरूरत सामने आती है। पालतू कुत्ते के व्यवहार में अचानक बदलाव आने या उसके काटने की स्थिति में भी घटना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

सदर अस्पताल में पहली पाली में अधिक दबाव

रिपोर्ट के अनुसार, सदर अस्पताल में पहली पाली में एंटी-रेबीज टीका लगवाने वालों की संख्या अधिक रहती है। रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से टीकाकरण केंद्र पर मरीजों का दबाव बढ़ जाता है।

अस्पतालों में आने वाले मरीजों में ऐसे लोगों की संख्या भी अधिक है, जिन्हें घर या आसपास के कुत्तों ने काटा है। इससे शहर में कुत्तों के काटने की घटनाओं को रोकने के साथ-साथ अस्पतालों में एंटी-रेबीज सेवाओं को व्यवस्थित रखने की आवश्यकता भी सामने आती है।

रांची में जागरूकता और कुत्तों की रोकथाम दोनों जरूरी

कुत्तों के काटने की घटनाओं को कम करने के लिए केवल अस्पतालों में वैक्सीन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। नगर निकाय और संबंधित विभागों के स्तर पर आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने, एंटी-रेबीज टीकाकरण और लोगों में जागरूकता बढ़ाने जैसी गतिविधियां भी महत्वपूर्ण हैं।

लोगों को भी कुत्तों के साथ अनावश्यक छेड़छाड़ से बचना चाहिए और बच्चों को विशेष रूप से सावधानी बरतने की जानकारी देनी चाहिए।

रेबीज हेल्पलाइन और सरकारी जानकारी

National Rabies Control Programme की वेबसाइट पर पशु के काटने के बाद प्राथमिक उपचार, वैक्सीनेशन शेड्यूल और Rabies Immunoglobulin से संबंधित जानकारी उपलब्ध है। सरकारी पोर्टल पर 15400 रैबीज हेल्पलाइन की जानकारी भी दी गई है।

⚠️ जरूरी स्वास्थ्य सूचना

अगर किसी व्यक्ति को कुत्ते या किसी संदिग्ध जानवर ने काटा या खरोंचा है, तो घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट धोएं और जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र/डॉक्टर से संपर्क करें। वैक्सीन या अन्य उपचार की जरूरत डॉक्टर के चिकित्सकीय मूल्यांकन के आधार पर तय होती है।

रांची एंटी रेबीज टीका

https://zindagijindabaad.com/bit-mesra-iwwa-convention-ai-water-management-2027/

https://rabiesfreeindia.mohfw.gov.in/

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