
रांची: झारखंड में लगातार हो रही बारिश और वज्रपात ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मंगलवार को राज्य के विभिन्न जिलों में हुई भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 18 लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक प्रभावित गिरिडीह जिला रहा, जहां वज्रपात से 10 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा दुमका, पलामू, गढ़वा, लातेहार और चतरा समेत कई जिलों में भी लोगों की मौत और घायल होने की खबरें सामने आई हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
राजधानी रांची सहित राज्य के कई जिलों में मंगलवार दोपहर बाद दो से तीन घंटे तक तेज बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कें पानी से भर गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यालयों और स्कूलों से लौट रहे लोगों को भी जलजमाव और ट्रैफिक जाम के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
गिरिडीह में सबसे ज्यादा मौतें
वज्रपात की सबसे अधिक घटनाएं गिरिडीह जिले में दर्ज की गईं, जहां 10 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा दुमका में तीन, जबकि पलामू, गढ़वा, लातेहार और चतरा में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिकांश लोग खेतों में काम करने या खुले स्थानों पर मौजूद थे(बारिश और वज्रपात से 18 लोगों की मौत, कई जिलों में अलर्ट!), तभी अचानक वज्रपात की चपेट में आ गए। बारिश शुरू होने के बावजूद कई लोग सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंच सके, जिसके कारण यह हादसे हुए।
रांची में जलभराव से बढ़ी परेशानी
राजधानी रांची में हुई तेज बारिश के बाद हरमू, हिंदपीढ़ी, कांके, लोअर बाजार, मेन रोड और अन्य कई इलाकों में जलभराव देखने को मिला। कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। कुछ इलाकों में नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नगर निगम की टीमों ने जलनिकासी की व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया, लेकिन लगातार बारिश के कारण स्थिति सामान्य होने में समय लगा। कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी अस्थायी रूप से प्रभावित रही।

कई जिलों में दर्ज हुई अच्छी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को कांके में 76 मिमी, लोहरदगा में 46 मिमी, रांची में 35 मिमी, लातेहार में 45 मिमी और सिमडेगा में 23 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अन्य जिलों में भी अच्छी वर्षा हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस से राहत मिली। हालांकि, लगातार बारिश के कारण कई नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड के कई जिलों के लिए भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। किसानों को भी मौसम की जानकारी लेकर ही खेतों में काम करने की सलाह दी गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला प्रशासन को सतर्क रहने और राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
सावधानी ही बचाव का सबसे बेहतर उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और वज्रपात के दौरान थोड़ी-सी सावधानी बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती है। यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किसी सुरक्षित भवन में शरण लें। खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। वाहन चला रहे लोग भी सुरक्षित स्थान पर रुककर मौसम सामान्य होने का इंतजार करें।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक झारखंड के कई हिस्सों में बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की गई है। इससे जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बारिश और वज्रपात से 18 लोगों की मौत, कई जिलों में अलर्ट!
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