रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) अब मामले की गहराई तक पहुंचने में जुट गई है। हाल ही में कई जिलों में की गई छापेमारी के दौरान छात्रों से जुड़े दस्तावेज, बैंक चेक और अन्य महत्वपूर्ण कागजात बरामद होने के बाद जांच एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि ये दस्तावेज कोचिंग संस्थानों और आरोपियों तक कैसे पहुंचे। इस मामले में सीआईडी लगातार पूछताछ कर रही है और कई नए सुराग मिलने का दावा किया जा रहा है।

जेपीएससी परीक्षा घोटाला
सीआईडी अधिकारियों के अनुसार, झारखंड के विभिन्न जिलों में हुई छापेमारी के दौरान कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनका संबंध प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों से है। इनमें बैंक चेक, शैक्षणिक दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये दस्तावेज किन परिस्थितियों में आरोपियों के पास पहुंचे और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
कोचिंग संस्थानों की भूमिका की जांच
जांच के दौरान सीआईडी का विशेष ध्यान कुछ कोचिंग संस्थानों की भूमिका पर भी है। अधिकारियों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कुछ संस्थानों के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंच बनाई गई हो सकती है। इसी वजह से कई कोचिंग संचालकों और उनसे जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।
सीआईडी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या अभ्यर्थियों से परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर बैंक चेक या अन्य दस्तावेज लिए गए थे। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
बैंक चेक और दस्तावेज बने जांच का आधार
छापेमारी में बरामद बैंक चेक और अन्य दस्तावेज अब जांच का प्रमुख आधार बन गए हैं। अधिकारी इन दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगा रहे हैं कि चेक किसके नाम जारी किए गए थे, किस खाते में जमा हुए और उनका उद्देश्य क्या था।
इसके साथ ही बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों का भी मिलान किया जा रहा है। जांच एजेंसी वित्तीय लेन-देन की पूरी श्रृंखला को समझने का प्रयास कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित परीक्षा अनियमितताओं में धन का लेन-देन किस प्रकार हुआ।
तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी
इस मामले में सीआईडी ने हाल ही में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
सीआईडी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। इससे कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
पूछताछ के बाद आगे बढ़ेगी कार्रवाई
सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच एजेंसी पूरे मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच करने का दावा कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
जेपीएससी परीक्षा से जुड़ा यह मामला राज्य में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने और अभ्यर्थियों का विश्वास कायम रखने के लिए इस मामले की निष्पक्ष जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में सीआईडी की जांच में और नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
जेपीएससी परीक्षा घोटाला
तीन कोचिंग सेंटरों से तैयार होती थी OMR शीट:https://zindagijindabaad.com/jpsc-exam-scam-omr-sheets-were-being/
