*पीपीटी बनाने में शिथिलता बरतने को लेकर डीसी ने कई बीपीएम का वेतन काटने का दिया निर्देश* 

उपायुक्त शशि रंजन ने शुक्रवार को समाहरणालय के सभागार में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी की विभिन्न योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की.इस दौरान उन्होंने सर्वप्रथम सभी बीपीएम से उनके पंचायतों की संख्या,एसएचजी की संख्या,सीएलएफ सहित अन्य की जानकारी ली.इसके बाद मुद्रा लोन,क्रेडिट लिंकेज,लाइवलीहुड फार्म,ऑर्गेनिक फार्मिंग,बिरसा हरित ग्राम योजना,जोहार परियोजना,उड़ान परियोजना,फुलो झानो आशीर्वाद अभियान,दीदी बगिया,आदि की भी जानकारी ली.उपायुक्त ने सभी बीपीएम से पीपीटी के माध्यम से उनके द्वारा बनाये गये एक्शन प्लान की विस्तार से जानकारी ली.इस दौरान कई बीपीएम द्वारा पीपीटी बनाने में शिथिलता बरता गया जिसपर डीसी ने एक्शन लेते हुए कई बीपीएम का 7 दिनों का सैलरी काटने के निर्देश दिए.उन्होंने लेमनग्रास की खेती से कैसे ज़्यादा से ज़्यादा आमदनी हो इस ओर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये साथ ही बागवानी,मुर्गी पालन,लाह की खेती, सहित अन्य पर भी फोकस करने के निर्देश दिये.उन्होंने जेएसएलपीएस के डीपीएम व डीएलएम को सभी बीपीएम को अलग-अलग विषयों पर ट्रेनिंग कराने की बात कही.मौके पर उप विकास आयुक्त रवि आनंद,जेएसएलपीएस के डीपीएम बिमलेश कु शुक्ला,सभी प्रखंडों के बीपीएम,बीपीओ,वाईपी समेत अन्य अधिकारी व कर्मी उपस्थित थे.

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*दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण, पत्नी श्रीमती रूपी सोरेन ने ग्रहण किया सम्मान*झारखंड की धरती के महान जननायक और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म भूषण से नवाजा गया। यह सम्मान उनके दीर्घकालिक सामाजिक, राजनीतिक और आदिवासी अधिकारों के संघर्ष को मान्यता देता है। नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन  में आयोजित गरिमामय समारोह में उनकी पत्नी श्रीमती रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया।शिबू सोरेन ने झारखंड आंदोलन के प्रमुख वास्तुकार होने के साथ-साथ आदिवासी समाज के हक, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनके योगदान ने न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश में वंचित समुदायों को सशक्त करने की राह दिखाई।सम्मान ग्रहण करते हुए रूपी सोरेन भावुक दिखीं और उन्होंने इसे पूरे झारखंड एवं आदिवासी समाज के लिए गर्व का क्षण बताया। इस अवसर पर देशभर के राजनीतिक और सामाजिक नेताओं ने दिशोम गुरु को सम्मान अर्पित करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।सम्मान समारोह में माननीय गन्दे विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं। यह सम्मान शिबू सोरेन के संघर्षमय जीवन और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।