झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मंत्री डॉ. इरफान अंसारी सख्त, बोले- सहिया भुगतान में देरी नहीं, डॉक्टरों के रिक्त पद जल्द भरें
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का बड़ा फैसला: समय पर भुगतान, जल्द भर्ती और योजनाओं की कड़ी मॉनिटरिंग के निर्देश
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड के माननीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, नामकुम स्थित सभागार में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं जनहितकारी बनाने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति, बजट के उपयोग तथा आमजनों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा, निदेशक वित्त सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों के नोडल पदाधिकारी एवं परामर्शी उपस्थित रहे।
_सहियाओं की प्रोत्साहन राशि में देरी बर्दाश्त नहीं: मंत्री_
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सहियाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के भुगतान को लेकर स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सहिया बहनों को उनकी प्रोत्साहन राशि समय पर मिलनी चाहिए और भुगतान में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि भविष्य में राज्य सरकार द्वारा सहियाओं को दी जाने वाली विशेष प्रोत्साहन राशि राज्य मुख्यालय स्तर से सीधे भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भुगतान प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जा सके तथा सहियाओं को समय पर उनका पारिश्रमिक प्राप्त हो।
सहियाओं के कार्य को तकनीकी रूप से और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से उन्हें शीघ्र टैब उपलब्ध कराने का भी निर्देश मंत्री ने दिया।
_संविदाकर्मियों के मानदेय भुगतान में भी होगा सुधार_
मंत्री ने संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के मानदेय भुगतान की प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि संविदा कर्मियों के मानदेय का भुगतान HIRS के माध्यम से राज्य मुख्यालय स्तर से करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब को दूर किया जा सके।
_मलेरिया मरीजों को मच्छरदानी उपलब्ध कराने का निर्देश_
राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मलेरिया से ग्रसित मरीजों की सुरक्षा और बीमारी की रोकथाम को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मलेरिया से प्रभावित मरीजों को मच्छरदानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, साथ ही मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम से जुड़ी गतिविधियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र स्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
_NHM कर्मियों को EPF का लाभ जल्द देने पर जोर_
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में भी मंत्री ने महत्वपूर्ण निर्देश दिया।
उन्होंने NHM कर्मियों को शीघ्र EPF का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा, ताकि मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।
_डॉक्टरों के रिक्त पद जल्द भरने का निर्देश_
स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों के रिक्त पदों को लेकर भी स्वास्थ्य मंत्री ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को डॉक्टरों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि राज्य की जनता को समय पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
_कम वित्तीय व्यय वाले कार्यक्रमों पर विशेष निगरानी_
समीक्षा के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की जानकारी लेते हुए मंत्री ने उन योजनाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया, जिनमें निर्धारित लक्ष्य की तुलना में वित्तीय व्यय कम पाया गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं एवं गतिविधियों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा उपलब्ध बजट का निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप समुचित उपयोग हो।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
_नियमित मॉनिटरिंग और क्षेत्रीय फीडबैक को बनाया जाए आधार_
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण तथा जमीनी स्तर से प्राप्त फीडबैक के आधार पर योजनाओं में आवश्यक सुधार किए जाएं।
उन्होंने विभागीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का शीघ्र समाधान, बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय तथा प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ समयबद्ध तरीके से आम जनता तक पहुंचे, इसके लिए सभी स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्यों की समय पर प्राप्ति, मानव संसाधन की उपलब्धता, स्वास्थ्यकर्मियों को सामाजिक सुरक्षा तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
