रांची विश्वविद्यालय (आरयू) में पीएचडी की नामांकन प्रक्रिया इन दिनों तीव्र गति से संचालित की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आरक्षण नियमावली के प्रावधानों का पूरी तरह से पालन करते हुए इंटरव्यू के लिए कुल 567 योग्य अभ्यर्थियों की सूची आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है।
इस संपूर्ण नामांकन प्रक्रिया का सबसे मुख्य आकर्षण यह है कि रांची विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार नए रेगुलेशन 2022 के अंतर्गत दाखिला लिया जा रहा है। नए नियमों के तहत इस बार कुल 327 सीटें ही निर्धारित की गई हैं। सीटों की संख्या सीमित होने के कारण इस वर्ष लगभग 240 अभ्यर्थी नामांकन पाने से वंचित रह जाएंगे। हालांकि, ऐसे सभी वंचित अभ्यर्थियों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार इन अभ्यर्थियों को अगले वर्ष पुनः अवसर प्रदान किया जाएगा।
शोध निदेशक डॉ. परवेज हसन ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया है कि इंटरव्यू की तिथियों की घोषणा बहुत जल्द की जाएगी। तिथियों के निर्धारण के पश्चात विश्वविद्यालय के सभी संबंधित विभाग अपने स्तर पर साक्षात्कार (इंटरव्यू) की प्रक्रिया का आयोजन करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह स्पष्ट प्रयास है कि अक्टूबर माह तक नामांकन की पूरी प्रक्रिया को सफलताપूर्वक संपन्न करा लिया जाए, ताकि निर्धारित समय सारणी के अनुसार नवंबर महीने से अनिवार्य कोर्स वर्क का शुभारंभ किया जा सके।
विश्वविद्यालय के शैक्षणिक नियमों के अनुसार, छह महीने का यह कोर्स वर्क सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य होता है। इस छह महीने की अवधि को पूरा करने के बाद ही अभ्यर्थियों का औपचारिक रजिस्ट्रेशन किया जाता है, जिसके उपरांत वे अपने मुख्य शोध कार्य में आगे बढ़ते हैं।
वर्तमान सत्र में चयनित होने वाले शोधार्थियों के लिए एक विशेष और उन्नत कोर्स वर्क तैयार किया गया है, जिसमें ‘तकनीक और शोध सतर्कता’ पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके तहत, जैसे ही शोधार्थी पीएचडी में प्रवेश लेंगे, उन्हें शोध की कार्यप्रणाली के साथ-साथ शोध के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों और बारीकियों के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा, आज के डिजिटल और तकनीकी दौर में शोध कार्य को अधिक सुगम, सटीक और प्रभावी बनाने के लिए कंप्यूटर तथा आधुनिक तकनीक के व्यावहारिक इस्तेमाल की विशेष जानकारी भी प्रदान की जाएगी।
