*विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं पहलों की अद्यतन प्रगति की हुई विस्तृत समीक्षा।_*

=======================

*_मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर योजना से प्राप्त ऋण, व्यवसाय संचालन, आय एवं बैंकिंग सहयोग की स्थिति की ली जानकारी।_*

=======================

*_⦿ मुख्यमंत्री ने आवासीय एवं एकलव्य विद्यालयों की समीक्षा कर बेहतर शैक्षणिक माहौल व सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश।_*

=======================

 *_‣ ई-साइकिल वितरण हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश_*

*_‣ कौशल विकास कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी, व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुख बनाया जाए_*

*_‣ विद्यार्थियों को एस.आई.आर. एवं जनगणना के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएं_*

झारखंड मंत्रालय, रांची में आज मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की   समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं पहलों की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति, प्रमुख उपलब्धियों, चुनौतियों तथा भावी कार्ययोजना से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने योजनाओं के प्रभावी एवं परिणामोन्मुख संचालन पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध एवं लक्ष्य-आधारित ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर  रहे व्यक्ति तक पहुंचे तथा कोई भी पात्र लाभुक इन योजनाओं से वंचित न रहे। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु उन्होंने विभागीय स्तर पर आपसी समन्वय को और सुदृढ़ करने, योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा जमीनी स्तर पर गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

उक्त बैठक के दौरान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न प्रमुख योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में ई-कल्याण पोर्टल के संचालन एवं उसकी प्रभावशीलता, प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को दी जा रही सहायता, मरांग गोमके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा हेतु प्रदान की जा रही सुविधाओं, साइकिल वितरण योजना की प्रगति, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों तथा परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई । इस दौरान योजनाओं की वर्तमान प्रगति, लाभुकों की संख्या, क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों तथा उनके समाधान के उपायों पर भी विस्तार से समीक्षा की गई।

*_मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना पर विशेष जोर_*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत लाभान्वित लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने लाभुकों से योजना के अंतर्गत प्राप्त ऋण, संचालित व्यवसाय, उससे हो रही आय, रोजगार सृजन की स्थिति तथा बैंकिंग प्रक्रियाओं से संबंधित अनुभवों की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह जानने का प्रयास किया कि लाभुकों को व्यवसाय संचालन में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं हो रही है तथा बैंकिंग संस्थानों द्वारा उन्हें समुचित सहयोग मिल रहा है या नहीं।

संवाद के दौरान लाभुकों ने योजना के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना उनके लिए आत्मनिर्भर बनने का एक सशक्त माध्यम साबित हुई है। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्वरोजगार स्थापित कर न केवल अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के अंतर्गत प्राप्त लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभुकों को समय पर योजना का लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने लाभुकों के लिए नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर दिया, जिससे वे अपने व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित कर सकें।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने लाभुकों से निरंतर संवाद एवं फीडबैक प्राप्त करने के उद्देश्य से कॉल सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से लाभुकों की समस्याओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा सकेगी तथा आवश्यकतानुसार उन्हें मार्गदर्शन एवं सहायता भी उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे योजना का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख हो सके।

*_अल्पसंख्यक, एकलव्य आवासीय विद्यालयों एवं आदिवासी हॉस्टल की समीक्षा, विद्यार्थियों हेतु बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश_*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने बैठक के दौरान गढ़वा, देवघर एवं साहिबगंज जिलों में निर्मित अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने इन विद्यालयों में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, आधारभूत संरचना, छात्र-छात्राओं की नामांकन स्थिति तथा संचालन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिया कि इन संस्थानों का संचालन उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।

इसके साथ ही, राज्य में स्वीकृत एवं संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, आवासीय सुविधाएं, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन छात्रावासों एवं आदिवासी हॉस्टलों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इन सभी संस्थानों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों एवं हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वस्थ एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

साथ ही, मुख्यमंत्री ने एनजीओ संचालित आश्रम विद्यालयों एवं अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विद्यालयों के प्राचार्यों से संवाद कर उन्होंने संचालन व्यवस्था, अवसंरचना एवं प्रबंधन से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की।

*_विद्यार्थियों को एस.आई.आर. एवं जनगणना के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएं_*

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निर्देश दिया कि विद्यालयों में विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को एस.आई.आर. (Special Intensive Revision) एवं जनगणना से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इन विषयों के प्रति जागरूक कर उन्हें समाज में सूचना के वाहक के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे वे अपने परिवार एवं समुदाय को भी इन महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक कर सकें। इसके लिए विद्यालय स्तर पर कार्यशालाएं, जागरूकता सत्र एवं विशेष अभियान संचालित किए जाने पर भी जोर दिया गया।

*_ई-साइकिल वितरण की कार्ययोजना बनाने का दिया निर्देश_*

साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्तमान आवश्यकताओं एवं बदलते परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को पारंपरिक साइकिल के स्थान पर ई-साइकिल उपलब्ध कराने हेतु एक समन्वित एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने इस दिशा में कल्याण विभाग, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा उद्योग विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के दूरस्थ, ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय तक पहुंच एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसी स्थिति में ई-साइकिल जैसी सुविधा उपलब्ध कराना न केवल उनकी शिक्षा तक पहुंच को आसान बनाएगा, बल्कि उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का लाभ पात्र विद्यार्थियों को समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो।

*_कौशल विकास कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी, व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुख बनाया जाए_*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यक्रमों को स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों एवं रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप पुनर्संरचित एवं सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर व्यावहारिक, परिणामोन्मुख एवं बाजार की मांग के अनुरूप होने चाहिए, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को वास्तविक रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की भौगोलिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र-विशेष आधारित कौशल प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि उद्योगों, स्थानीय उद्यमों एवं सेवा क्षेत्रों के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किए जाएं, जिनसे युवाओं को प्रशिक्षण के उपरांत तुरंत रोजगार या स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।

*_राज्य के सभी जिला अस्पतालों में मरीजों हेतु हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश_*

कल्याण विभाग द्वारा संचालित अस्पतालों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच को और बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि रिम्स सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं। इन हेल्प डेस्क पर संबंधित वर्ग के प्रशिक्षित कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को पंजीकरण, परामर्श, जांच एवं उपचार की प्रक्रिया में आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सकेगा।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक एवं पारंपरिक सामुदायिक संरचनाओं से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए कब्रिस्तान घेराबंदी कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि संबंधित समुदायों को आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने मांझी, परगना, पड़हा, मानकी-मुंडा एवं धुमकुड़िया भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि ये भवन पारंपरिक सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

*_बैठक में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्री चमरा लिंडा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री कृपानंद झा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।_*

=====================

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

जीआई के क्षेत्र में झारखंड ने मजबूत की अपनी उपस्थिति; राज्य के 11 नए उत्पादों को मिला जीआई टैग======*झारखंड सरकार राज्य की अनूठी कला, शिल्प, कृषि उत्पादों और पारंपरिक वस्तुओं को पहचान दिलाने, उन्हें सुरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए, जीआई रजिस्ट्री ने हाल ही में राज्य के 11 और महत्वपूर्ण उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया है।  इन पहलों का मुख्य उद्देश्य झारखंड के पारंपरिक उत्पादों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना, बाजार में उनकी पहचान बढ़ाना और उन्हें राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर स्थापित करना है।  *ये हैं जीआई क्लब में शामिल**झारखंड के ये उत्पाद हुए जीआई (GI) क्लब में शामिल*हाल ही में जिन उत्पादों को जीआई दर्जा दिया गया है, उनमें कुचाई सिल्क साड़ी और कपड़े, भगैया साड़ी और कपड़े, दुमका चादर बदोनी पुतुल (कठपुतली), झारखंड पंछी परहान पंछी साड़ी और कपड़े, झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड डोकरा क्राफ्ट (धातु शिल्प)   झारखंड के आदिवासी आभूषण (Tribal Jewellery), झारखंड के बांस शिल्प (Bamboo Crafts), केसरिया कलाकंद, झारखंड बेनाम और झारखंड जादुपटुआ पेंटिंग् शामिल हैं। इन सभी नए जीआई टैगों का आधिकारिक प्रकाशन अगले कुछ दिनों में कर दिया जाएगा। वर्ष 2019 तक झारखंड के पास केवल एक जीआई-टैग उत्पाद (सोहराई और खोवर पेंटिंग) था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जो जीआई परिदृश्य में राज्य की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।*झारक्राफ्ट की बड़ी उपलब्धि*उद्योग विभाग, झारखंड सरकार के तहत कार्यरत झारक्राफ्ट और मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड वर्ष 2019 से ही जीआई पंजीकरण गतिविधियों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं। इसी प्रयास के तहत एक उल्लेखनीय मील का पत्थर तब हासिल हुआ, जब झारक्राफ्ट ने एक साथ तीन उत्पादों झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड के आदिवासी आभूषण और झारखंड के बांस शिल्प  के लिए जीआई पंजीकरण सुरक्षित किया है। ये पंजीकरण झारखंड के कारीगरों और पारंपरिक समुदायों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की दृश्यता, प्रामाणिकता और बाजार क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे। *अन्य उत्पाद भी हैं कतार में*झारखंड की यह जीआई यात्रा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान की रक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर चुकी है। इसके अतिरिक्त, कई अन्य अनूठे उत्पादों के आवेदन भी जीआई रजिस्ट्री में जमा किए गए हैं, इनमें मांदर, प्यतकर पेंटिंग, निमुचा/करनी शॉल, लाह की चूड़ियाँ, देवघर पेड़ा, रागी, रुगड़ा, धुस्का, कुसुमी लाहा, साल के बीज, महुआ का फूल और करंज के बीज शामिल हैं। राज्य में अभी भी कई और स्वदेशी उत्पादों को जीआई ढांचे के तहत लाने और राष्ट्रीय व वैश्विक बाजारों में उन्हें सही पहचान दिलाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।===========================

*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 15 जून 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय :-*==================*★ पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत “नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)” हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।**★  श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।**★ Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।**★ राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।**★  Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।**★ गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।**★  झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।**★ बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★ केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।**★ पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।**★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।**★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।**★  बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।**★ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।**★ बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★ पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।**★ गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★  श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।**★ माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।**###*==============

*छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करें : चमरा लिंडा, मंत्री**छात्रवृत्ति भुगतान दिसंबर से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश, योजनाओं की समीक्षा में मंत्री चमरा लिंडा सख्त*रांची।  माननीय मंत्री चमरा लिंडा द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और प्रभावशीलता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।समीक्षा के दौरान मंत्री ने छात्रवृत्ति योजना पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान दिसंबर माह से पूर्व हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करने का भी निर्देश दिया गया।बैठक में आदिवासी कल्याण आयुक्त ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-कल्याण पोर्टल 15 मई से ही खोल दिया गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि छात्र-छात्राओं के ड्रॉपआउट को कम करने के उद्देश्य से निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम से कम 50 प्रतिशत साइकिलों का वितरण अगले एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहन अध्ययन कर नई रूपरेखा के साथ विकसित करने तथा नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।बैठक में सचिव एवं विशेष सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, आदिवासी कल्याण आयुक्त, प्रबंध निदेशक (आदिवासी सहकारी विकास निगम), राज्य परियोजना निदेशक (JTDS) एवं परियोजना निदेशक (ITDA), रांची सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।