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*_⦿ राज्य में भूमि अभिलेखों के व्यापक डिजिटलीकरण के निर्देश, नागरिकों को भूमि क्रय से पूर्व पूरी जानकारी उपलब्ध कराने की पहल।_*

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*_⦿ मुख्यमंत्री ने खासमहल भूमि से संबंधित लीज नवीनीकरण, हस्तांतरण एवं उपयोग परिवर्तन की प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ सभी लीजधारकों की मैपिंग एवं दस्तावेजों के पुनः सत्यापन के निर्देश दिए।_*

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*_⦿ पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत करने की व्यवस्था, मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत बेहतर रोड नेटवर्क और रूट चार्ट तैयार करने पर जोर।_*

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*_⦿ सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु आईडीटीआर, निरीक्षण केंद्र, गुड सेमेरिटन एवं हिट एंड रन योजनाओं की समीक्षा, ‘गुरुजी आपातकालीन सेवा-1944’ को शीघ्र लागू करने के निर्देश।_*

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झारखंड मंत्रालय, रांची में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में परिवहन विभाग तथा राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय कार्यप्रणाली, योजनाओं की अद्यतन प्रगति एवं लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने आमजन को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी विभाग अपनी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने हेतु तकनीक का व्यापक उपयोग करें। उन्होंने परिवहन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा भूमि संबंधी मामलों के त्वरित निष्पादन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

*_मुख्यमंत्री ने भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के निर्देश दिए_*

राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में भूमि अभिलेखों के व्यापक एवं चरणबद्ध डिजिटलीकरण को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर आम नागरिकों को भूमि क्रय से पूर्व संबंधित भूमि की स्थिति के संबंध में संपूर्ण एवं अद्यतन जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर सहज रूप से उपलब्ध हो सकेगी। नागरिक यह जान सकेंगे कि संबंधित भूमि सरकार द्वारा अधिग्रहण/अर्जन की प्रक्रिया में है, अधिग्रहित की जा चुकी है अथवा पूर्णतः मुक्त है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से रैयतों एवं आमजनों को पारदर्शी और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त होगी, जिससे भूमि क्रय-विक्रय से संबंधित अनिश्चितता एवं विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि भूमि संबंधी सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों को डिजिटलीकृत कर उन्हें एकीकृत पोर्टल से जोड़ा जाए, ताकि किसी भी स्तर पर सूचना के अभाव या विसंगति की स्थिति उत्पन्न न हो।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने अधिग्रहित भूमि के संबंधित विभागों अथवा उपयोगकर्ता एजेंसियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और भूमि से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक सुगम एवं प्रभावी बनेंगी।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने खासमहल भूमि से संबंधित लीज नवीनीकरण, लीज हस्तांतरण तथा भूमि के प्रयोजन परिवर्तन (चेंज ऑफ लैंड यूज़) की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में जटिलताओं के कारण आमजनों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसे दूर करना आवश्यक है। इस दिशा में सभी प्रक्रियाओं का मानकीकरण करते हुए उन्हें ऑनलाइन एवं ट्रैकिंग-आधारित प्रणाली से जोड़ने पर भी बल दिया गया, ताकि आवेदनों की स्थिति की निगरानी सुगमता से की जा सके।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि खासमहल अंतर्गत सभी लीजधारकों का व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण एवं मैपिंग कराया जाए, जिससे प्रत्येक लीजधारक का अद्यतन डाटाबेस तैयार हो सके। इसके साथ ही, सभी लीज से संबंधित दस्तावेजों का पुनः सत्यापन (री-वेरिफिकेशन) सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी प्रकार की विसंगति, फर्जीवाड़ा या अभिलेखीय त्रुटियों को समय रहते चिन्हित कर सुधारा जा सके। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया भविष्य में भूमि प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाएगी।

*_पंचायत स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस कैंप और बेहतर सड़क नेटवर्क पर जोर_*

परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलावार मैपिंग, रूट चार्ट निर्माण एवं सड़क नेटवर्क के विकास पर जोर दिया गया।

रांची स्मार्ट सिटी में विकसित किए जा रहे ट्रैफिक पार्क के प्रजेंटेशन का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह पार्क आमजन, विशेषकर बच्चों और युवाओं को मनोरंजन के माध्यम से यातायात नियमों, संकेतों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जमशेदपुर में स्थापित किए जा रहे इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइवर ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आई.डी.टी.आर.) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से व्यावसायिक एवं प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा प्रशिक्षुओं के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर बल दिया।

इसी क्रम में धनबाद में विकसित किए जा रहे वाहन निरीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र (Inspection & Certification Centre) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस केंद्र को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया जाए, ताकि वाहनों की फिटनेस जांच पारदर्शी, सटीक एवं मानकीकृत तरीके से की जा सके। उन्होंने कहा कि इससे प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा तथा वाहन मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सड़क सुरक्षा परिषद एवं जिला सड़क सुरक्षा समितियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए इन संस्थाओं की भूमिका को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाया जाए। साथ ही, जनजागरूकता अभियान, दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान एवं सुधार तथा नियमों के सख्त अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने ‘गुड सेमेरिटन योजना’ एवं ‘हिट एंड रन मुआवजा योजना’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता एवं राहत प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इनके प्रति जागरूक हों और समय पर लाभ प्राप्त कर सकें।

इस अवसर पर अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि ‘गुरुजी आपातकालीन सेवा योजना-1944’ प्रारंभ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

वाहन परीक्षण एवं स्क्रैपिंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकारी परिसरों में खड़ी अनुपयोगी वाहनों के निस्तारण हेतु एक ठोस मॉडल विकसित किया जाए, जिससे राजस्व सृजन हो सके। उन्होंने वाहनों का श्रेणीवार वर्गीकरण, प्रत्येक विभाग में वाहनों की उपयोगिता का आकलन तथा नीलामी की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, खराब एवं पुलिस मामलों से संबंधित वाहनों के निपटान हेतु कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ठोस रणनीति बनाने को कहा, ताकि थाना परिसरों की साफ-सफाई सुनिश्चित हो सके।

*_बैठक में विभागीय मंत्री श्री दीपक बिरुआ, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री राजीव रंजन सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।_*

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जीआई के क्षेत्र में झारखंड ने मजबूत की अपनी उपस्थिति; राज्य के 11 नए उत्पादों को मिला जीआई टैग======*झारखंड सरकार राज्य की अनूठी कला, शिल्प, कृषि उत्पादों और पारंपरिक वस्तुओं को पहचान दिलाने, उन्हें सुरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए, जीआई रजिस्ट्री ने हाल ही में राज्य के 11 और महत्वपूर्ण उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया है।  इन पहलों का मुख्य उद्देश्य झारखंड के पारंपरिक उत्पादों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना, बाजार में उनकी पहचान बढ़ाना और उन्हें राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर स्थापित करना है।  *ये हैं जीआई क्लब में शामिल**झारखंड के ये उत्पाद हुए जीआई (GI) क्लब में शामिल*हाल ही में जिन उत्पादों को जीआई दर्जा दिया गया है, उनमें कुचाई सिल्क साड़ी और कपड़े, भगैया साड़ी और कपड़े, दुमका चादर बदोनी पुतुल (कठपुतली), झारखंड पंछी परहान पंछी साड़ी और कपड़े, झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड डोकरा क्राफ्ट (धातु शिल्प)   झारखंड के आदिवासी आभूषण (Tribal Jewellery), झारखंड के बांस शिल्प (Bamboo Crafts), केसरिया कलाकंद, झारखंड बेनाम और झारखंड जादुपटुआ पेंटिंग् शामिल हैं। इन सभी नए जीआई टैगों का आधिकारिक प्रकाशन अगले कुछ दिनों में कर दिया जाएगा। वर्ष 2019 तक झारखंड के पास केवल एक जीआई-टैग उत्पाद (सोहराई और खोवर पेंटिंग) था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जो जीआई परिदृश्य में राज्य की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।*झारक्राफ्ट की बड़ी उपलब्धि*उद्योग विभाग, झारखंड सरकार के तहत कार्यरत झारक्राफ्ट और मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड वर्ष 2019 से ही जीआई पंजीकरण गतिविधियों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं। इसी प्रयास के तहत एक उल्लेखनीय मील का पत्थर तब हासिल हुआ, जब झारक्राफ्ट ने एक साथ तीन उत्पादों झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड के आदिवासी आभूषण और झारखंड के बांस शिल्प  के लिए जीआई पंजीकरण सुरक्षित किया है। ये पंजीकरण झारखंड के कारीगरों और पारंपरिक समुदायों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की दृश्यता, प्रामाणिकता और बाजार क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे। *अन्य उत्पाद भी हैं कतार में*झारखंड की यह जीआई यात्रा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान की रक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर चुकी है। इसके अतिरिक्त, कई अन्य अनूठे उत्पादों के आवेदन भी जीआई रजिस्ट्री में जमा किए गए हैं, इनमें मांदर, प्यतकर पेंटिंग, निमुचा/करनी शॉल, लाह की चूड़ियाँ, देवघर पेड़ा, रागी, रुगड़ा, धुस्का, कुसुमी लाहा, साल के बीज, महुआ का फूल और करंज के बीज शामिल हैं। राज्य में अभी भी कई और स्वदेशी उत्पादों को जीआई ढांचे के तहत लाने और राष्ट्रीय व वैश्विक बाजारों में उन्हें सही पहचान दिलाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।===========================

*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 15 जून 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय :-*==================*★ पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत “नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)” हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।**★  श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।**★ Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।**★ राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।**★  Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।**★ गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।**★  झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।**★ बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★ केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।**★ पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।**★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।**★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।**★  बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।**★ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।**★ बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★ पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।**★ गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★  श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।**★ माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।**###*==============

*छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करें : चमरा लिंडा, मंत्री**छात्रवृत्ति भुगतान दिसंबर से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश, योजनाओं की समीक्षा में मंत्री चमरा लिंडा सख्त*रांची।  माननीय मंत्री चमरा लिंडा द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और प्रभावशीलता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।समीक्षा के दौरान मंत्री ने छात्रवृत्ति योजना पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान दिसंबर माह से पूर्व हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करने का भी निर्देश दिया गया।बैठक में आदिवासी कल्याण आयुक्त ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-कल्याण पोर्टल 15 मई से ही खोल दिया गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि छात्र-छात्राओं के ड्रॉपआउट को कम करने के उद्देश्य से निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम से कम 50 प्रतिशत साइकिलों का वितरण अगले एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहन अध्ययन कर नई रूपरेखा के साथ विकसित करने तथा नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।बैठक में सचिव एवं विशेष सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, आदिवासी कल्याण आयुक्त, प्रबंध निदेशक (आदिवासी सहकारी विकास निगम), राज्य परियोजना निदेशक (JTDS) एवं परियोजना निदेशक (ITDA), रांची सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।