दीनदयाल जी का सम्पूर्ण जीवन गरीब, शोषित और वंचितों के उत्थान हेतु समर्पित रहा:- आदित्य साहू
पंडित जी ने राष्ट्र प्रथम के आदर्शों एवं उच्च नैतिक मूल्यों का हमेशा किया पालन :- बाबूलाल मरांडी
झारखंड प्रदेश भाजपा के द्वारा महान राष्ट्रवादी विचारक और एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। देशभर की भांति झारखंड में भी में उनकी जयंती को अंत्योदय दिवस के रूप में पूरे हर्षोल्लास से मनाया गया। इस मौके पर भाजपा नेताओं द्वारा उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके विचारों और आदर्शों को स्मरण करते हुए उनके मार्ग एवं विचारों पर चलने का संकल्प दोहराया गया।
उनकी जयंती के अवसर पर झारखंड़ प्रदेश भाजपा के द्वारा पार्टी के प्रदेश कार्यालय एवं पंडित दीनदयाल नगर स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रदेश कार्यालय में जहां प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह के द्वारा मुख्य रूप से श्रद्धांजलि दी गई। वहीं पंडित दीनदयाल नगर स्थित उनकी प्रतिमा पर प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष के द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मौके पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय समाज के गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के लिए हमेशा समर्पित रहे। उन्होंने कहा कि वे हमेशा विकास के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के विकास और उन्नति हेतु प्रयासरत रहे। आज उनकी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ विकास के अंतिम पायदान पर बैठे गरीब, शोषित वंचित वर्ग के लोगों तक पहुंच रहा है।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी पंडित दीनदयाल जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र प्रथम के आदर्शों एवं उच्च नैतिक मूल्यों का हमेशा पालन करने वाले व्यक्ति दीनदयाल उपाध्याय जी का सम्पूर्ण जीवन त्याग, तपस्या और सेवा भाव से भरा रहा। वे अंत्योदय के प्रणेता, वसुधैव कुटुम्बकम तथा एकात्म मानववाद का मंत्र देने वाले एक महान विचारक थे। उनके समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान का संकल्प हमें जनसेवा एवं राष्ट्रसेवा के पथ पर सदैव प्रेरित करता रहेगा।
संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय दृढ़ इच्छाशक्ति वाले व्यक्ति थे। बचपन में ही माता पिता का साया सर से उठ जाने के भीषण संकट के बावजूद भी वे कभी रुके नहीं, थके नहीं और अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का लोहा पूरे देश को मनवाया। 1937 में वे संघ से जुड़कर अपने जीवन को माँ भारती के चरणों में समर्पित कर दिया। राष्ट्रधर्म और पांचजन्य जैसी पत्रिका की शुरुआत कर लोगों में राष्ट्रभक्ति का अलख जगाया। वे हमेशा जातिवाद की संकुचित मानसिकता से परे रहे। ऐसे महापुरुष की आज जयंती है और आज के दिन उनके दिखाए रास्ते पर चलकर ही हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते है।
श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्य रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, बालमुकुंद सहाय, महामंत्री गणेश मिश्रा, मनोज सिंह, अमर कुमार बाउरी, रांची के विधायक सीपी सिंह, प्रदेश मंत्री सरोज सिंह, अमरदीप यादव, सुनीता सिंह, शालिनी बैसिखियार, कार्यालय मंत्री हेमन्त दास, सूरज चौरसिया, मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव, शोभा यादव, केके गुप्ता, उपमेयर नीरज कुमार, वरुण साहू, सुनील साहू, निशि जायसवाल, अमरनाथ चौधरी, राजेन्द्र शाही मुंडा, रोमित नारायण, राकेश चौधरी सहित अन्य नेता एवं कार्यकर्ता भी शामिल रहे।