देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है, श्रावण मास की समाप्ति के बाद साइबर अपराधियों पर कार्रवाई को और गति देते हुए साइबर Dy. SP, टेक्निकल सेल और जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने पालोजोरी, पथरड्डा समेत कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की, इस कार्रवाई के दौरान 15 कथित साइबर ठगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है, पुलिस टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके मोबाइल फोन, सिमकार्ड और डिजिटल गतिविधियों की तकनीकी जांच कर रही है, पुलिस का फोकस साइबर ठगी के स्थानीय नेटवर्क के साथ दूसरे राज्यों से जुड़े संभावित कनेक्शन को सामने लाने पर भी है।
पुलिस कप्तान प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर साइबर Dy. SP और टेक्निकल टीम द्वारा लगातार तकनीकी इनपुट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, पुलिस के अनुसार सितंबर महीने में अब तक छह दर्जन से अधिक कथित साइबर ठगों की गिरफ्तारी की गई है, वहीं बीते दस दिनों के दौरान करीब चार दर्जन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी पुलिस कप्तान की ओर से दी गई है, हालांकि इन आंकड़ों और मामलों की अंतिम पुष्टि संबंधित केस रिकॉर्ड और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
*Team Jharkhand से Exclusive बातचीत में पुलिस कप्तान प्रवीण पुष्कर ने साइबर अपराधियों के बदलते तरीकों को लेकर आम लोगों को सतर्क रहने की अपील की, उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी पारंपरिक OTP आधारित ठगी के साथ अब मोबाइल पर APK फाइल और संदिग्ध लिंक भेजकर लोगों को निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं, कई बार ऐसी फाइलें या लिंक WhatsApp ग्रुप अथवा व्यक्तिगत संदेश के जरिए भेजे जाते हैं, जिनके माध्यम से ठग मोबाइल की संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाने या आर्थिक ठगी करने का प्रयास कर सकते हैं,पुलिस कप्तान ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए APK फाइल या संदिग्ध लिंक पर क्लिक या डाउनलोड न करें,अनजान कॉल पर बैंकिंग जानकारी, OTP, PIN, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें, किसी भी संदिग्ध डिजिटल गतिविधि की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें, पुलिस कप्तान ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई को आने वाले दिनों में और व्यवस्थित तथा तकनीकी रूप से मजबूत किया जाएगा, इसके लिए साइबर Dy. SP, टेक्निकल सेल और थाना स्तर की टीमों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्रवाई की जा रही है, पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है बल्कि साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबर, सिमकार्ड, डिजिटल उपकरण और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर पूरे अपराध तंत्र की पहचान करना है, प्रवीण पुष्कर ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध से अर्जित अवैध धन और आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करेगी, आने वाले दिनों में भी साइबर अपराधियों के खिलाफ छापेमारी और तकनीकी निगरानी जारी रहने की बात कही गई है, देवघर पुलिस का यह अभियान साइबर ठगी के बदलते तरीकों के बीच तकनीकी निगरानी, त्वरित कार्रवाई और जन-जागरूकता को एक साथ आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।