Author: zindagijindabaad.com

नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन। राज्य के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से आच्छादित करने और युवाओं…

राजकीय स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐतिहासिक क्रांति : झारखंड को मिली मेडिकल शिक्षा में नई उड़ान

झारखंड के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के लगातार प्रयास, विभागीय समन्वय और प्रभावी पहल के…

*★ मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से झारखंड प्रशासनिक सेवा के संयुक्त सचिव पद पर नवप्रोन्नत हुए अधिकारियों ने की मुलाकात।*

====================== *मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड प्रशासनिक सेवा (झा०प्र०से०) के संयुक्त सचिव पद पर नवप्रोन्नत हुए अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात…

15 जून तक मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में लगेंगी फुली ऑटोमेटिक पैथोलॉजी मशीनें

आज दिनांक 13 मई 2026 को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष में पैथोलॉजी जांच हेतु मशीन बनाने वाली…

*उद्योग मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने कोलकाता में झारक्राफ़्ट के नए इम्पोरियम का किया उद्घाटन*

*बुधवार से कोलकाता के थिएटर रोड मे झारक्राफ़्ट के नये इम्पोरियम की हुई शुरुआत* *उद्योग सचिव श्री अरवा राजकमल भी रहे मौजूद* *कोलकाता में शुरुआत झाक्राफ़्ट  का नया इंपोरियम झारखंड…

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राज्य स्तरीय ख़रीफ़ कर्मशाला के आयोजन *========================**कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की मुख्य अतिथि के तौर पर रहीं उपस्थित**कर्मशाला में कृषि प्रभाग के निदेशकों की अनुपस्थिति पर जतायी कड़ी नाराज़गी**किसानों के हित के लिए जो पदाधिकारी करेंगे काम,उनका सम्मान और जो करेंगे लापरवाही उन पर होगी कड़ी कार्रवाई**_____________श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की,मंत्री कृषि,पशुपालन एवं सहकारिता विभाग**========================**सूखे की स्थिति से निपटने के लिए जिलों द्वारा बनाई गई कंटिंजेंट प्लान का दिया गया प्रेजेंटेशन**सूखे की जानकारी किसानों को समय पर मिले, कृषि विभाग तैयार कर रहा है प्लान**खरीफ कर्मशाला 2026 से संबंधित जानकारी आधारित पुस्तक का विमोचन**कृषि निदेशालय, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा कर्मशाला का किया गया आयोजन**======================*रांची:- कृषि मंत्री श्रीमती  शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के उत्थान के प्रति गंभीर है और इस दिशा में लापरवाही कतई बर्दास्त नहीं की जाएगी । किसानों के हित के लिए जो काम करेंगे  उनका सम्मान दिया जाएगा और जो लापरवाही करेंगे उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी । श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की मंगलवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित खरीफ कर्मशाला 2026 के दूसरे दिन कर्मशाला में कृषि प्रभाग के निदेशकों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराज़गी जाहिर कर रही थीं। *सूखे की स्थिति में किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता*कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून में कम बारिश के आसार है जिस कारण सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में राज्य सरकार पहले से ही तैयारी कर किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। सूखे से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्व में कर ली जाए इसी हेतु किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह कर्मशाला का आयोजन किया गया है। सूखे की आशंका को देखते हुए सभी जिला के कृषि पदाधिकारियों को अपने अपने जिले में किस स्तर की तैयारियाँ करेंगे इस हेतु एक कांटिजेंट प्लान बनाने का निदेश दिया गया था। जिसे विस्तार में इस कर्मशाला में प्रस्तुत किया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के लिए समय महत्वपूर्ण होता है । उसे यदि सही समय पर बीज ना मिले, सिंचाई की सुविधा न मिले तो हमारी सारी मेहनत बेकार है। यह एक-एक की जिम्मेवारी है इस जिम्मेवार को धर्म के रूप में निभाना होगा।*कृषि मंत्री ने सूखे की संभावित आशंका को देखते हुए दिया एक्शन प्लान*कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग एक सेना के रूप में किसानों में लिए काम करेंगे । जिला में नोडल पदाधिकारी जिला कृषि पदाधिकारी रहेंगे और कृषि प्रभाग से जुड़े सभी पदाधिकारी मिलकर एक्शन मोड पर काम करेंगे । उन्होंने निदेश दिया कि 15 मई को जिला स्तरीय बैठक बुलायें जिसमे प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे । इस कर्मशाला में बताए गए प्लान की सूचना उनसे साझा करेंगे । इसकी  रिपोर्ट राज्य के नोडल पदाधिकारी को भेजेंगे। साथ ही 20 मई को हर जिला में ख़रीफ़ मेला का आयोजन होगा । जिसमें 500 प्रगतिशील किसान भाग लेंगे इसमें हर प्रखंड से भागीदारी हो इसे सुनिश्चित करेंगे। मेला में सॉइल टेस्टिंग काउंटर भी उपलब्ध करायेंगे। कर्मशाला में जो बातें आपने सीखी है उसे सरल तरीक़े से किसानो को समझाना  होगा। कृषि विभाग से क्या मदद मिल सकती है उसकी जानकारी भी दे । 22 मई को प्रखंड स्तर भी खरीफ मेला का आयोजन करें और पंचायत स्तर भागीदारी सुनिश्चित करें  साथ ही हर पंचायत से 50-50 प्रगतिशील किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करें । बीज का वितरण एसएचजी और एफ़पीओ के  जरिये हो इसे भी सुनिश्चित करेंगे । *कृषि के अलावा अन्य प्रभाग पर भी जोर*कृषि मंत्री ने पदाधिकारियों को निदेश दिया कि पशुओं के दवाई का वितरण समय पर इससे संबंधित निविदा समय पर हो इसे सुनिश्चित करें । मई अंत तक तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य ख़त्म को जाना चाहिए। जिला मत्स्य पदाधिकारी मत्स्य बीज का आंकलन कर निदेशालय को भेज दें और मई अंत तक वितरण हो इसे सुनिश्चित करें ।इसके अलावे उन्होंने भूमी  संरक्षण,सोलर पम्प वितरण , ड्रिप इरीगेशन ,मधुमक्खी पालन आदि पर सख्ती से अनुपालन करने का निदेश दिया । बिरसा विश्वविद्यालय के कुलपति श्री एससी दुबे ने कर्मशाला में कहा कि जल संरक्षण की दिशा में काम करना होगा ।  डाइवर्सिफिकेशन को बढ़ाना है। किसान आय के अन्य उपायों को भी अपनाने पर जोर दें इसके लिए उन्हें प्रेरित करना होगा । जिला कृषि पदाधिकारी को अपने जिले की कृषि से संबंधित सभी जानकारी रखनी होगी । विशेष सचिव श्री गोपाल जी तिवारी ने कहा कि कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की के निदेश पर इस दो दिवसीय कर्मशाला का आयोजन किया गया। इसमें संभावित सूखे की स्थिति में किसानों को कैसे राहत पहुंचाई जाए इस रणनीति पर काम कर रहे हैं। इस कर्मशाला का उद्देश्य था कि जिला स्तर पर एक इंटीग्रेटेड प्लान निकल कर सामने आए । ताकि  राज्य स्तर पर इसे इंप्लीमेंट करे सके ।दो दिवसीय खरीफ कर्मशाला के दूसरे  दिन मंगलवार को डॉ अख़लाक़ अहमद ,कृषि वैज्ञानिक ने धान के किस्मों के चयन के बारे में जानकारी दी । मानसून समय पर आता है तो धान की बुआई शुरू कर देनी है। उन्होंने मौसम और भूमि के आधार पर धान के किस्मों के चयन के बारे में  जानकारी दी।डॉ अशोक कुमार सिंह ने धान की उन्नत खेती कैसे करें इस संबंध में कार्यशाला में मौजूद पदाधिकारियों को जानकारी दी ताकि किसानों को इस संबंध में जागरूक किया जा सके ताकि धान की पैदावार अधिक से अधिक हो । उन्होंने वैज्ञानिक तरीकों से धान की खेती पर जोर दिया । धान की बुआई कैसे करें , किस प्रकार की धान के किस्मों का चयन करें, ज़्यादा उपज के धान की किस्मों का चयन, भूमि आधारित धान के किस्मों का चयन आदि की जानकारी दी। खरपतवार नाशक के किस्म और उनके उपयोग की जानकारी दी । डॉ अरुण कुमार , कृषि वैज्ञानिक बीएयू ने मिलेट्स खेती की जानकारी दी । सॉइल कंजर्वेशन के उपायों की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर सूखे की आपात स्थिति से निपटने के लिए किस प्रकार की तैयारी रखें इस आधारित एक डाक्यूमेंट्री फ़िल्म बनायी गई है जिससे किसानों को अवगत कराया जा सके । इसे दिखाया गया । कार्यक्रम में निदेशक समिति श्री विकास कुमार , निदेशक सांख्यिकी एवं मूल्यांकन श्री श्री शैलेन्द्र कुमार , कृषि विभाग से जुड़े पदाधिकारी, सभी जिले  से आयें कृषि पदाधिकारी , संबंधित विभिन्न विभागों से जुड़े पदाधिकारीगण सहित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के पदाधिकारीगण, कृषि वैज्ञानिक आदि उपस्थित थे । ========================

 *अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल रांची में कार्यक्रम का आयोजन* 

“ *हमारी नर्सें, हमारा भविष्य – नर्सों की देखभाल से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी” थीम के साथ अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया गया*  अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर आज सदर अस्पताल,…

*बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राज्य स्तरीय ख़रीफ़ कर्मशाला का हुआ आयोजन*

*11 मई को जिलावर कंटीजेंट प्लान(आकस्मिक योजना) पर प्रेजेंटेशन दिया गया एवं 12 मई को खरीफ कर्मशाला का होगा आयोजन* *कृषि निदेशालय, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा कर्मशाला का…

*झारखंड को बड़ी ऊर्जा राहत: 220 केवी डुमका–गोविंदपुर लाइन चालू, 450 मेगावाट तक बिजली आपूर्ति संभव*

*LILO चार्जिंग सफल, कई जिलों में लोड शेडिंग से मिलेगी राहत* झारखंड की विद्युत व्यवस्था के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब 220 केवी डुमका–गोविंदपुर ट्रांसमिशन लाइन के…

*बच्चों को जंक फूड देने की प्रथा में आई है कमी*

 *यूनिसेफ और आईएचडी ने किया पलामू और पश्चिमी सिंहभूम में बच्चों के पूरक आहार सम्बंधित अध्ययन* *रांची के होटल कोर्टयार्ड में राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन* *बैठक में बच्चों के…

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जीआई के क्षेत्र में झारखंड ने मजबूत की अपनी उपस्थिति; राज्य के 11 नए उत्पादों को मिला जीआई टैग======*झारखंड सरकार राज्य की अनूठी कला, शिल्प, कृषि उत्पादों और पारंपरिक वस्तुओं को पहचान दिलाने, उन्हें सुरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए, जीआई रजिस्ट्री ने हाल ही में राज्य के 11 और महत्वपूर्ण उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया है।  इन पहलों का मुख्य उद्देश्य झारखंड के पारंपरिक उत्पादों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना, बाजार में उनकी पहचान बढ़ाना और उन्हें राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर स्थापित करना है।  *ये हैं जीआई क्लब में शामिल**झारखंड के ये उत्पाद हुए जीआई (GI) क्लब में शामिल*हाल ही में जिन उत्पादों को जीआई दर्जा दिया गया है, उनमें कुचाई सिल्क साड़ी और कपड़े, भगैया साड़ी और कपड़े, दुमका चादर बदोनी पुतुल (कठपुतली), झारखंड पंछी परहान पंछी साड़ी और कपड़े, झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड डोकरा क्राफ्ट (धातु शिल्प)   झारखंड के आदिवासी आभूषण (Tribal Jewellery), झारखंड के बांस शिल्प (Bamboo Crafts), केसरिया कलाकंद, झारखंड बेनाम और झारखंड जादुपटुआ पेंटिंग् शामिल हैं। इन सभी नए जीआई टैगों का आधिकारिक प्रकाशन अगले कुछ दिनों में कर दिया जाएगा। वर्ष 2019 तक झारखंड के पास केवल एक जीआई-टैग उत्पाद (सोहराई और खोवर पेंटिंग) था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जो जीआई परिदृश्य में राज्य की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।*झारक्राफ्ट की बड़ी उपलब्धि*उद्योग विभाग, झारखंड सरकार के तहत कार्यरत झारक्राफ्ट और मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड वर्ष 2019 से ही जीआई पंजीकरण गतिविधियों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं। इसी प्रयास के तहत एक उल्लेखनीय मील का पत्थर तब हासिल हुआ, जब झारक्राफ्ट ने एक साथ तीन उत्पादों झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड के आदिवासी आभूषण और झारखंड के बांस शिल्प  के लिए जीआई पंजीकरण सुरक्षित किया है। ये पंजीकरण झारखंड के कारीगरों और पारंपरिक समुदायों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की दृश्यता, प्रामाणिकता और बाजार क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे। *अन्य उत्पाद भी हैं कतार में*झारखंड की यह जीआई यात्रा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान की रक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर चुकी है। इसके अतिरिक्त, कई अन्य अनूठे उत्पादों के आवेदन भी जीआई रजिस्ट्री में जमा किए गए हैं, इनमें मांदर, प्यतकर पेंटिंग, निमुचा/करनी शॉल, लाह की चूड़ियाँ, देवघर पेड़ा, रागी, रुगड़ा, धुस्का, कुसुमी लाहा, साल के बीज, महुआ का फूल और करंज के बीज शामिल हैं। राज्य में अभी भी कई और स्वदेशी उत्पादों को जीआई ढांचे के तहत लाने और राष्ट्रीय व वैश्विक बाजारों में उन्हें सही पहचान दिलाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।===========================

*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 15 जून 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय :-*==================*★ पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत “नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)” हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।**★  श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।**★ Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।**★ राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।**★  Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।**★ गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।**★  झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।**★ बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★ केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।**★ पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।**★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।**★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।**★  बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।**★ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।**★ बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★ पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।**★ गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★  श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।**★ माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।**###*==============

*छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करें : चमरा लिंडा, मंत्री**छात्रवृत्ति भुगतान दिसंबर से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश, योजनाओं की समीक्षा में मंत्री चमरा लिंडा सख्त*रांची।  माननीय मंत्री चमरा लिंडा द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और प्रभावशीलता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।समीक्षा के दौरान मंत्री ने छात्रवृत्ति योजना पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान दिसंबर माह से पूर्व हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करने का भी निर्देश दिया गया।बैठक में आदिवासी कल्याण आयुक्त ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-कल्याण पोर्टल 15 मई से ही खोल दिया गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि छात्र-छात्राओं के ड्रॉपआउट को कम करने के उद्देश्य से निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम से कम 50 प्रतिशत साइकिलों का वितरण अगले एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहन अध्ययन कर नई रूपरेखा के साथ विकसित करने तथा नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।बैठक में सचिव एवं विशेष सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, आदिवासी कल्याण आयुक्त, प्रबंध निदेशक (आदिवासी सहकारी विकास निगम), राज्य परियोजना निदेशक (JTDS) एवं परियोजना निदेशक (ITDA), रांची सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।