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रांची। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रांची रेल मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प तेजी से किया जा रहा है। इन स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करने के साथ-साथ स्टेशन परिसर की आधारभूत संरचना को भी बेहतर बनाया जा रहा है। रेलवे की योजना के तहत इन स्टेशनों के विकास के लिए करीब 132.5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। योजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप देने के साथ यात्रियों के लिए सुविधाजनक, सुरक्षित और बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है।

रांची रेल मंडल के जिन 15 स्टेशनों का चयन अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया गया है, उनमें पिस्का, लोहरदगा, ओरगा, बानो, गोविंदपुर रोड, बालसिरिंग, नामकुम, टाटीसिलवे, गंगाघाट, सिल्ली, मुरी, रामगढ़ कैंट, झालदा, मुरीसा और तुलिन स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों के विकास को लेकर अलग-अलग स्तर पर काम चल रहा है। कुछ स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है, जबकि कई स्टेशनों पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है।

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132.5 करोड़ रुपये से हो रहा स्टेशन विकास

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रांची रेल मंडल के चयनित स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। रेलवे रिपोर्ट के अनुसार इन स्टेशनों के विकास के लिए लगभग 132.5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

योजना के तहत सिर्फ स्टेशन की इमारत को नया रूप देने पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है, बल्कि यात्रियों को स्टेशन परिसर में बेहतर अनुभव देने के लिए कई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसमें आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर प्रवेश और निकास व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, फुट ओवरब्रिज, पार्किंग और दिव्यांग यात्रियों के लिए अनुकूल सुविधाएं शामिल हैं।

स्टेशन परिसरों में यात्रियों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करने से लेकर स्टेशन पर आने-जाने तक बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों पर कई आधुनिक सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। स्टेशन भवनों के साथ-साथ यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय और बैठने की बेहतर व्यवस्था की जा रही है।

इसके अलावा स्टेशन पर आधुनिक लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं। इससे विशेष रूप से बुजुर्ग यात्रियों, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

स्टेशन परिसर में प्रवेश और निकास व्यवस्था को भी बेहतर किया जा रहा है। यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए सर्कुलेटिंग एरिया विकसित किए जा रहे हैं। बेहतर पार्किंग व्यवस्था से स्टेशन पर आने वाले यात्रियों और उनके परिजनों को भी सुविधा मिल सकती है।

डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड से मिलेगी जानकारी

आधुनिक स्टेशन व्यवस्था में यात्रियों को समय पर ट्रेन से जुड़ी जानकारी मिलना बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए चयनित स्टेशनों पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाने की योजना है।

डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से ट्रेन के आगमन और प्रस्थान से जुड़ी जानकारी यात्रियों तक पहुंचाई जा सकेगी। इससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म और ट्रेन संबंधी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

स्टेशन पर बेहतर सूचना व्यवस्था होने से खासकर नए यात्रियों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

दिव्यांग यात्रियों का भी रखा गया ध्यान

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों के विकास में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। स्टेशन परिसर में दिव्यांग-अनुकूल सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

ऐसी व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिव्यांग यात्रियों को स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने में अनावश्यक परेशानी न हो। लिफ्ट, बेहतर रास्ते और अन्य सुविधाओं को इसी जरूरत को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है।

रेलवे स्टेशनों को सभी वर्ग के यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और सुलभ बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

तीन स्टेशनों का काम पूरा, उद्घाटन भी हुआ

रांची रेल मंडल के चयनित स्टेशनों में कुछ स्टेशनों पर विकास कार्य पूरा हो चुका है। अखबार में दी गई जानकारी के अनुसार पिस्का, गोविंदपुर रोड और मुरी स्टेशन का काम पूरा हो चुका है। इन स्टेशनों की भौतिक प्रगति 100 प्रतिशत और वित्तीय प्रगति 99 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है।

इनमें रामगढ़ कैंट स्टेशन का काम भी करीब 8.5 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो चुका है। वहीं लोहरदगा स्टेशन पर लगभग 3.78 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य पूरा किया गया है।

इसी तरह ओरगा स्टेशन पर करीब 8.37 करोड़ रुपये, बानो स्टेशन पर 10.17 करोड़ रुपये और बालसिरिंग स्टेशन पर लगभग 10.17 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किए जा रहे हैं।

स्टेशन भवनों को दिया जा रहा नया स्वरूप

अमृत भारत स्टेशन योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्टेशन भवनों का पुनर्विकास है। पुराने स्टेशन भवनों को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।

नए स्वरूप में स्टेशन भवनों को बेहतर वास्तुशैली और यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। स्टेशन परिसर में पर्याप्त जगह, बेहतर प्रवेश द्वार और यात्रियों की आवाजाही के लिए सुविधाजनक व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।

इस बदलाव से रेलवे स्टेशनों का बाहरी स्वरूप भी आकर्षक होने की उम्मीद है। स्टेशन सिर्फ ट्रेन पकड़ने की जगह न रहकर यात्रियों के लिए बेहतर सार्वजनिक सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं।

2027 तक कई स्टेशनों का काम पूरा करने का लक्ष्य

रांची रेल मंडल के कई स्टेशनों पर चल रहे विकास कार्यों को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार नामकुम स्टेशन का काम 3.78 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है और इसे 30 मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। टाटीसिलवे स्टेशन पर लगभग 4.68 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इसे 31 दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

वहीं सिल्ली स्टेशन पर करीब 8.5 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किया जा रहा है। इसका काम 30 मई 2027 तक पूरा करने की योजना है।

झालदा स्टेशन का विकास करीब 8.63 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है और इसे 31 जुलाई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुंडसा स्टेशन पर भी तेजी से काम

रिपोर्ट में मुरीसा स्टेशन के विकास का भी उल्लेख किया गया है। इस स्टेशन पर करीब 10.43 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। इसे सितंबर 2026 तक पूरा करने की योजना बताई गई है।

इसी तरह तुलिन स्टेशन पर करीब 8.63 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके विकास कार्य को 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इन निर्धारित समय-सीमाओं के आधार पर रेलवे स्टेशनों के विकास कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी की जा रही है।

यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय

रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार के दौरान यात्रियों को सबसे अधिक जरूरत बैठने और आराम करने की होती है। अमृत भारत योजना के तहत चयनित स्टेशनों पर आधुनिक प्रतीक्षालय विकसित किए जा रहे हैं।

इन प्रतीक्षालयों को यात्रियों की सुविधा और स्टेशन की क्षमता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। इससे यात्रियों को गर्मी, बारिश और अन्य मौसम की परिस्थितियों में बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

स्टेशन परिसर में बैठने की व्यवस्था को भी बेहतर किया जा रहा है ताकि यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करते समय परेशानी कम हो।

स्वच्छता और आधुनिक शौचालय पर जोर

स्टेशन विकास योजना में स्वच्छता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। चयनित स्टेशनों पर आधुनिक और स्वच्छ शौचालय विकसित किए जा रहे हैं।

यात्रियों के लिए पर्याप्त और साफ-सुथरी शौचालय सुविधा होना स्टेशन की मूलभूत जरूरतों में शामिल है। अमृत भारत योजना के तहत इस सुविधा को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।

स्टेशन परिसर की साफ-सफाई और व्यवस्थित रखरखाव पर भी ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।

फुट ओवरब्रिज से सुरक्षित आवाजाही

स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए फुट ओवरब्रिज भी विकसित किए जा रहे हैं। इससे यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए रेलवे ट्रैक पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

फुट ओवरब्रिज के साथ लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं यात्रियों की सुविधा को और बढ़ा सकती हैं। खासकर बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के लिए ऐसी सुविधाएं उपयोगी होंगी।

पार्किंग और सर्कुलेटिंग एरिया का विकास

स्टेशन के बाहर यात्रियों की भीड़ और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है।

स्टेशन के आसपास अव्यवस्थित तरीके से वाहन खड़े होने की समस्या को कम करने में बेहतर पार्किंग व्यवस्था मदद कर सकती है। इससे स्टेशन परिसर में यातायात व्यवस्था भी सुचारू होने की उम्मीद है।

स्थानीय यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ

रांची रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले इन स्टेशनों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। कई स्टेशन ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र हैं।

स्टेशनों के आधुनिक होने से स्थानीय यात्रियों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। बेहतर प्रतीक्षालय, शौचालय, पार्किंग, फुट ओवरब्रिज और डिजिटल सूचना बोर्ड जैसी सुविधाओं से यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा।

इसके अलावा स्टेशन भवनों के आधुनिकीकरण से आसपास के क्षेत्रों में भी विकास की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

रेलवे स्टेशनों की बदलेगी तस्वीर

अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य देश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करना है। रांची रेल मंडल के 15 स्टेशनों का चयन इसी व्यापक योजना का हिस्सा है।

इन स्टेशनों पर चल रहे काम पूरे होने के बाद पुराने स्टेशन परिसरों की तुलना में यात्रियों को कई नई सुविधाएं मिलेंगी। स्टेशन का स्वरूप भी अधिक व्यवस्थित और आधुनिक दिखाई देगा।

रांची रेल मंडल के लिए यह परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे मंडल के छोटे और मध्यम श्रेणी के कई स्टेशनों का भी विकास होगा।

पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी मिल सकता है बढ़ावा

बेहतर रेलवे स्टेशन किसी क्षेत्र की कनेक्टिविटी के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर सकते हैं। झारखंड के कई क्षेत्र प्राकृतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

यदि रेलवे स्टेशन आधुनिक और सुविधाजनक होंगे, तो बाहर से आने वाले यात्रियों को भी बेहतर अनुभव मिलेगा। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना रहती है।

स्टेशन के आसपास व्यापारिक गतिविधियों को भी बेहतर परिवहन व्यवस्था से लाभ मिल सकता है।

निर्माण कार्य के साथ गुणवत्ता पर भी ध्यान जरूरी

स्टेशन विकास के साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है। बड़ी राशि खर्च कर तैयार की जा रही सुविधाओं का लंबे समय तक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर ध्यान देना आवश्यक होगा।

यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई जा रही लिफ्ट, एस्केलेटर, शौचालय, फुट ओवरब्रिज, प्रतीक्षालय और पार्किंग जैसी सुविधाओं का नियमित रखरखाव भी भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

15 स्टेशनों के विकास से बदलेगा यात्री अनुभव

रांची रेल मंडल के 15 स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जाने से आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

जहां कुछ स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है, वहीं कई अन्य स्टेशनों पर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2026 और 2027 के दौरान निर्धारित समय-सीमा के अनुसार कई परियोजनाओं के पूरे होने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रांची रेल मंडल के स्टेशनों का विकास केवल स्टेशन भवन को नया रूप देने तक सीमित नहीं है। इसके तहत यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता, पहुंच और आधुनिक सूचना व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

132.5 करोड़ रुपये के निवेश से रांची रेल मंडल के 15 स्टेशनों का यह कायाकल्प पूरा होने के बाद यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक, आधुनिक और व्यवस्थित रेलवे स्टेशन मिलने की उम्मीद है।

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